हर्ष दुबे की कप्तानी में विदर्भ ने रचा इतिहास, सौराष्ट्र को रौंदकर जीता विजय हजारे ट्रॉफी का अपना पहला खिताब

Published - 19 Jan 2026, 11:46 AM | Updated - 19 Jan 2026, 11:50 AM

Harsh Dubey

Harsh Dubey: रविवार (18 जनवरी) को विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 का फाइनल मुकाबला विदर्भ और सौराष्ट्र के बीच बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया था, जिसमें हर्ष दुबे की कप्तानी वाली विदर्भ ने बाजी मार ली।

विदर्भ का ये पहला विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब है, जो कि हर्ष दुबे (Harsh Dubey) की कप्तानी में आया है। खिताबी मुकाबले में विदर्भ ने पहले बैटिंग करते हुए निर्धारित 50 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 317 रन बनाए थे, जिसके जवाब में सौराष्ट्र सिर्फ 279 रन पर सिमट गई और मुकाबले को 38 रन से गंवा बैठी।

अथर्व-यश के बल्ले ने मचाई धूम

सौराष्ट्र ने टॉस जीतकर विदर्भ को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया था। पहले बैटिंग करने उतरी विदर्भ की टीम को अथर्व तायडे और अमन मोखाडे की सलामी जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 80 रन की साझेदारी की। अमन ने फाइनल में 45 गेंदों पर 33 रन बनाए।

इसके बाद अथर्व ने यश राठौड़ के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 112 गेंदों पर 133 रन की शतकीय साझेदाकी। अथर्व ने मैच में 118 गेंदों पर 128 रन की शतकीय पारी खेली थी। जबकि रविकुमार समर्थ ने 25, मोहम्मद फैज ने 17 और दर्शन नलकंडे ने नाबाद 14 रन की पारी खेली थी, जिसकी बदौलत विदर्भ 50 ओवर में 317 के स्कोर तक पहुंचने में सफल रही।

सौराष्ट्र ने 279 रन पर टेके घुटने

विदर्भ के द्वारा दिए गए 318 रनों का पीछा करने उतरी सौराष्ट्र की टीम 48.5 ओवर में 279 रन पर ढेर हो गई। सौराष्ट्र की ओर से प्रेरक मनकड़ ने 92 गेंदों पर 88 रन की पारी खेली थी, जबकि चिराग जानी ने 63 गेंदों पर 64 रन बनाए थे। जबकि कप्तान हरिवक देसाई 25 गेंदों पर 20 रन की पारी खेलकर पवेलियन लौट गए।

बता दें कि, खिताबी मुकाबले में सौराष्ट्र की शुरुआत बेहद खराब रही थी। 30 के स्कोर पर दोनों सलामी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। जबकि 112 के स्कोर तक पहुंचते-पहुंचते चार बल्लेबाज पवेलियन में बैठे हुए थे। हालांकि, प्रेरक ने एक छोर संभालें रखा था, लेकिन अंत में वह भी शतक के करीब पहुंचकर आउट हो गए और सौराष्ट्र ने ये मैच 38 रन से गंवा दिया।

Harsh Dubey की कप्तानी में विदर्भ ने किया उलटफेर

विजय हजारे ट्रॉफी 2024-25 के फाइनल में पहुंचने के बावजूद विदर्भ को कर्नाटक से हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 12 महीने बाद विदर्भ पहले से मजबूत होकर मैदान पर लौटी और ऐतिहासिक खिताब को अपने नाम किया।

ये पहला मौका है जब विदर्भ ने विजय हजारे ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा किया है। वहीं, सौराष्ट्र दो बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब जीत चुका है, जबकि दो बार उन्हें उप विजेता बनकर ही संतोष करना पड़ा है। बता दें कि 23 साल के युवा कप्तान हर्ष दुबे (Harsh Dubey) ने अपना नाम इतिहास के पन्नों में स्वर्ण अक्षरों में अंकित करवा लिया है।

इन 3 कारणों से घर पर शर्मसार हुई टीम इंडिया, 50 सालों में पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में जीती वनडे सीरीज

Harsh Dubey ने लिए अहम विकेट

फाइनल मुकाबले में विदर्भ के गेंदबाजों का कहर सौराष्ट्र के बल्लेबाजों पर जमकर टूटा। फाइनल में जहां यश ठाकुर ने 4 बल्लेबाजों का शिकार किया तो नचिकेत भूटे ने 3 विकेट झटके। वहीं, दर्शन नलकंडे ने भी दो विकेट अपने खाते में डाले।

जबकि कप्तान हर्ष दुबे (Harsh Dubey) ने प्रेरक मनकड़ का कीमती विकेट लिया, जो कि मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। दरअसल, प्रेरक फाइनल में काफी शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, लेकिन हर्ष (Harsh Dubey) ने अपनी फिरकी में फंसाकर प्रेरक को पगबाधा (LBW) करके पवेलियन भेज दिया। अगर प्रेरक 5 से 7 ओवर तक बल्लेबाजी कर जाते तो यकीनन वह विदर्भ के पहले खिताब जीतने के सपने को चकनाचूर कर सकते थे।

बांग्लादेश की T20 World Cup 2026 भागीदारी पर आख़िरी फैसला इस दिन, यहां जानिए पूरा अपडेट

Tagged:

Vijay Hazare Trophy Harsh Dubey Vidarbha vidarbha vs saurashtra
Aman Sharma

क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह एक ऐसा जुनून है जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैं, अमन शर्मा, इस... रीड मोर

38 रन से।
For fastest livescore in India
hindi.cricketaddictor.com