द्रविड़ युग में आग उगलता था इस खिलाड़ी का बल्ला, लेकिन कोच गंभीर ने बना दिया सिर्फ पानी पिलवाने वाला खिलाड़ी
Gautam Gambhir: राहुल द्रविड़ के युग में कभी भारत के सबसे भरोसेमंद फिनिशर्स में से एक माने जाने वाले इस बल्लेबाज ने निडर हिटिंग और दबाव में शांत फैसले लेने की अपनी काबिलियत से मैच पलटने की पहचान बनाई थी।
हालांकि, Gautam Gambhir के कोच बनते ही यह खिलाड़ी टीम का हिस्सा होने के बावजूद, ज़्यादातर बेंच तक ही सीमित रहा, जिससे ये चर्चा होने लगी कि कोच Gautam Gambhir ने इस खिलाड़ी को सिर्फ पानी पिलवाने वाला खिलाड़ी बना दिया, आईये जानते हैं कौन है खिलाड़ी...
राहुल द्रविड़ के कोचिंग में निखरा यह बल्लेबाज
हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि रिंकू सिंह हैं। रिंकू राहुल द्रविड़ के कोचिंग युग में एक भरोसेमंद फिनिशर के रूप में उभरे।
अपने शांत स्वभाव और आखिरी ओवरों में विस्फोटक हिटिंग के लिए मशहूर रिंकू सिंह जल्दी ही एक ऐसे खिलाड़ी बन गए जिस पर भारत मुश्किल हालात में भरोसा कर सकता था।
पूर्व क्रिकेटर्स और एक्सपर्ट्स ने तो उनकी फिनिशिंग क्षमताओं की तुलना एमएस धोनी से भी की, जो भारतीय क्रिकेट में एक दुर्लभ तारीफ है। द्रविड़ ने लगातार रिंकू का साथ दिया, उन्हें एक स्पष्ट भूमिका और नियमित मौके दिए।
रिंकू ने अगस्त 2023 में अपने T20I डेब्यू के बाद अपने अनुभव से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाते हुए, प्रभावशाली प्रदर्शन से उस भरोसे को सही साबित किया।
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Gautam Gambhir की कोचिंग फिलॉसफी
जब से Gautam Gambhir हेड कोच बने हैं, यह साफ हो गया है कि फैसले पूरी तरह से उनके विजन के अनुसार लिए जा रहे हैं।
Gautam Gambhir ने शुरू से ही यह साफ कर दिया था कि वह ड्रेसिंग रूम को अपने तरीके से चलाएंगे। इस अप्रोच ने न केवल रणनीति बल्कि टीम चयन को भी प्रभावित किया है।
द्रविड़ के अंडर अच्छा प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी अब टीम से बाहर हो गए हैं, और रिंकू सिंह इस सोच में बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण लगते हैं।
टीम में होने के बावजूद प्लेइंग में जगह बनाना मुश्किल
एशिया कप के लिए भारत की 15 सदस्यीय टीम में शामिल होने के बावजूद, रिंकू सिंह को केवल फाइनल में खेलने का मौका मिला, उसमें भी केवल 1 गेंद और उसे उन्होंने चौके में बदलकर भारत को जीत दिलाकर एक बार फिर अपनी अहमियत साबित की।
इसके बावजूद उन्हें पहले ऑस्ट्रेलिया और फिर साउथ अफ्रीका T20 सीरीज में भी मौका नहीं मिला, जबकि कई खिलाड़ियों को रोटेट किया गया और मौके दिए गए।
जब कप्तान और कोच अलग-अलग कॉम्बिनेशन आज़मा रहे थे, तब भी रिंकू बेंच पर ही रहे, अक्सर बल्ले के बजाय पानी की बोतलें ले जाते हुए दिखे।
अब टी-20 विश्व कप के लिए भी रिंकू टीम इंडिया में शामिल हैं, लेकिन शायद ही Gautam Gambhir उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका दें, जो उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए एक चौंकाने वाला फैसला रहेगा।
शानदार T20I आंकड़ों को किया गया नजरअंदाज
रिंकू सिंह के T20I करियर पर नजर डाले तो उनका प्रर्दशन इस प्रारुप में कमाल का रहा है। 35 T20 इंटरनेशनल मैचों में, उन्होंने 25 पारियों में 42.30 की शानदार औसत से 550 रन बनाए हैं, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 69 है।
ये आंकड़े उनकी निरंतरता और मैच खत्म करने की क्षमता को दिखाते हैं। हालांकि, हाल ही में फॉर्म और अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला है, जिससे फैंस और एक्सपर्ट्स सोच रहे हैं कि क्या रिंकू की प्रतिभा का उच्चतम स्तर पर सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है।
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