रणजी खेलने लायक नहीं था ये खिलाड़ी, लेकिन कोच गंभीर की जिद्द में खेल गया पहला ODI मैच
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Gautam Gambhir : भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बना ली। पहले बल्लेबाज़ी करते हुए न्यूजीलैंड की टीम ने आठ विकेट के नुकसान पर 300 रन बनाए। इसके जवाब में भारतीय टीम ने छह विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
इस मुकाबले में 93 रनों की शानदार पारी खेलने वाले विराट कोहली को मैन ऑफ द मैच चुना गया। मैच के बाद एक और बात चर्चा में रही, जब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने पहले वनडे में एक ऐसे खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में मौका दिया, जिसे लेकर यह बहस छिड़ गई कि वह रणजी ट्रॉफी स्तर का खिलाड़ी भी नहीं माना जा रहा था, फिर भी उसे सीधे वनडे टीम में शामिल किया गया।
रणजी में फिट नहीं , फिर भी Gautam Gambhir की ज़िद से पहले वनडे में मौका
दरअसल जिस खिलाड़ी की बात हो रही हैं वह कोई और नहीं बल्कि भारतीय टीम के दिग्गज आलराउंडर रविंद्र जडेजा हैं। जडेजा को पहले वनडे की प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाने का फैसला चर्चा में रहा।
चयन को लेकर यह तर्क दिया गया कि वह इस समय रणजी स्तर पर भी फिट नहीं बैठते, फिर भी हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के भरोसे के चलते उन्हें मौका मिला।
पिछले कुछ समय में वनडे क्रिकेट में जडेजा का प्रदर्शन भी खास प्रभावी नहीं रहा है, न बल्ले से और न ही गेंद से वह मैच विनर साबित हो पाए हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट का यह फैसला फॉर्म से ज़्यादा अनुभव को तरजीह देने के तौर पर देखा जा रहा है।
पहले वनडे में कुछ ऐसा रहा प्रदर्शन
रविंद्र जडेजा के लिए भारत–न्यूजीलैंड पहला वनडे यादगार नहीं रहा। गेंदबाज़ी में उनसे टीम को किफायती स्पेल और बीच के ओवरों में विकेट की उम्मीद थी, लेकिन जडेजा उस पर खरे नहीं उतर सके।
उन्होंने अपने 9 ओवरों के कोटे में 56 रन लुटाए और एक भी विकेट हासिल नहीं कर पाए, जिससे न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों पर दबाव बनाने में भारतीय टीम को मदद नहीं मिली।
बल्लेबाज़ी में भी जडेजा असर छोड़ने में नाकाम रहे। लक्ष्य का पीछा करते हुए वह क्रीज़ पर ज्यादा समय नहीं टिक सके और सिर्फ 5 गेंदों में महज़ 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।
एक अनुभवी ऑलराउंडर से जिस तरह के योगदान की उम्मीद की जाती है, वह इस मुकाबले में देखने को नहीं मिला। ऐसे में उनके चयन को लेकर उठ रहे सवाल और भी तेज़ हो गए हैं, खासकर तब जब टीम को निर्णायक मौकों पर संतुलित प्रदर्शन की जरूरत थी।
वनडे क्रिकेट में अब तक का सफर
रविंद्र जडेजा का वनडे करियर एक भरोसेमंद ऑलराउंडर के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने 200 से ज्यादा वनडे मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। बल्लेबाज़ी में जडेजा ने करीब 2900 रन बनाए हैं, जहां उनका औसत 32 के आसपास रहा है और वह निचले क्रम में उपयोगी योगदान देने के लिए पहचाने जाते हैं।
गेंदबाज़ी में जडेजा ने वनडे क्रिकेट में 230 से अधिक विकेट हासिल किए हैं। उनकी इकॉनमी रेट 5 से कम रही है, जो मिडिल ओवर्स में रन रोकने की उनकी बड़ी ताकत मानी जाती है। इसके अलावा, उनकी शानदार फील्डिंग भी टीम के लिए कई बार मैच का रुख बदल चुकी है।
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