इस वजह से बॉयकॉट पर पाकिस्तान ने लिया यू-टर्न, यही कारण के चलते रातों-रात पलटू बना PCB

Published - 09 Feb 2026, 11:16 AM | Updated - 09 Feb 2026, 11:21 AM

PCB

PCB : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर खड़ा हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। शुरुआत में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने भारत के खिलाफ मैच खेलने से इनकार कर दिया था और इसे बांग्लादेश के साथ एकजुटता का कदम बताया था। लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदलती दिख रही हैं।

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल और संबंधित बोर्डों के साथ लगातार बैठकों के बाद संकेत मिल रहे हैं कि पाकिस्तान अपने रुख पर पुनर्विचार कर सकता है। इस पूरे घटनाक्रम के पीछे केवल राजनीतिक या कूटनीतिक कारण ही नहीं, बल्कि भारी आर्थिक दबाव भी अहम भूमिका निभा रहा है।

ICC का सख्त रुख और बढ़ता दबाव

आईसीसी ने स्पष्ट कर दिया था कि यदि कोई टीम पूरे टूर्नामेंट में भाग ले रही है लेकिन केवल एक विशेष मैच का बहिष्कार करती है, तो उसे नियमों के तहत दंड का सामना करना पड़ सकता है। पाकिस्तान (PCB) ने ‘फोर्स मेज्योर’ का हवाला दिया, लेकिन आईसीसी इससे संतुष्ट नहीं दिखा और उसने इस दलील का ठोस आधार मांगा।

आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान जाकर PCB अध्यक्ष मोहसिन नकवी से मुलाकात की, जिसमें बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम भी शामिल थे। हालांकि बातचीत बेनतीजा रही, लेकिन सख्त चेतावनी ने पाकिस्तान पर दबाव बढ़ा दिया है।

आर्थिक नुकसान का डर बना बड़ा कारण

सूत्रों के अनुसार, यदि पाकिस्तान (PCB) भारत के खिलाफ मैच का बहिष्कार करता है तो उसे करीब 2200 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है। यह राशि प्रसारण अधिकार, स्पॉन्सरशिप और रेवेन्यू शेयर से जुड़ी है।

भारत-पाकिस्तान मुकाबला किसी भी वैश्विक टूर्नामेंट का सबसे बड़ा आकर्षण होता है और इससे जुड़े विज्ञापन और ब्रॉडकास्टिंग राजस्व का बड़ा हिस्सा इसी मैच से आता है।

ऐसे में केवल एक मैच का बहिष्कार पूरे टूर्नामेंट में पाकिस्तान की वित्तीय स्थिति पर गहरा असर डाल सकता है। यही आर्थिक समीकरण अब PCB को अपने फैसले पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर रहा है।

PCB की शर्तें और सियासी संदेश

PCB के प्रमुख मोहसिन नकवी ने कथित तौर पर आईसीसी के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें अधिक रेवेन्यू शेयर, भारत-पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज की बहाली और टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के व्यवहार से जुड़ी अपेक्षाएं शामिल हैं।

पाकिस्तान ने शुरुआत में यह कदम बांग्लादेश के समर्थन में उठाया था, जिसे सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट संरचना में बदलाव का सामना करना पड़ा। लेकिन अब मामला केवल एकजुटता से आगे बढ़कर रणनीतिक और आर्थिक सौदेबाजी की शक्ल ले चुका है।

भारत की तैयारियां और टूर्नामेंट पर असर

भारतीय क्रिकेट टीम ने स्पष्ट किया है कि वह तय कार्यक्रम के अनुसार श्रीलंका पहुंचेगी और आईसीसी प्रोटोकॉल का पालन करेगी। भारतीय टीम ट्रेनिंग सेशन और प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेगी, चाहे मैच हो या न हो।

इस बीच पाकिस्तान (PCB) भी टूर्नामेंट में अपने अन्य मुकाबले खेल रही है और उसने नीदरलैंड्स के खिलाफ जीत से शुरुआत की है। भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर अनिश्चितता अभी बनी हुई है, लेकिन आर्थिक दबाव और संभावित प्रतिबंधों ने पाकिस्तान के रुख को नरम कर दिया है।

अब सबकी नजर 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मुकाबले पर टिकी है, जो केवल एक क्रिकेट मैच नहीं बल्कि वैश्विक खेल राजनीति और आर्थिक संतुलन की परीक्षा बन चुका है।

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Vasu Jain

मुझे क्रिकेट से गहरा लगाव है और मैं वर्ष 2007 से इस खेल को लगातार देखता और समझता आ रहा हूँ। क्रिकेट... रीड मोर

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