टीम इंडिया पर लगातार बोझ बन रहा है ये फ्लॉप खिलाड़ी, लेकिन फिर भी गंभीर-अजित टीम में दे रहे मौका
Published - 16 Jan 2026, 09:50 AM | Updated - 16 Jan 2026, 01:09 PM
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भारतीय क्रिकेट में बदलाव का दौर जारी है, जहां नए हेड कोच और मुख्य चयनकर्ता की जोड़ी भविष्य की टीम तैयार करने में जुटी है। हालांकि, इस प्रक्रिया के बीच एक अनुभवी ऑलराउंडर के प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं की मंशा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल के तीनों प्रारूपों में कभी मैच विनर रहने वाला यह खिलाड़ी अब मैदान पर संघर्ष करता नजर आ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी वर्तमान फॉर्म टीम के संतुलन के लिए खतरा बन रही है। टीम इंडिया (Team India) में अब इस खिलाड़ी को खुद को बनाएं रखना मुश्किल होता जा रहा है।
क्या सिर्फ अनुभव के दम पर Team India में मिल रही जगह?
पिछले कुछ समय से टीम इंडिया (Team India) के दिग्गज ऑलराउंडर रविंद्र जड़ेजा का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। गेंदबाजी की बात करें, तो मिडिल ओवर्स में विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम लगाने की उनकी क्षमता अब पहले जैसी नहीं रही। हालिया अंतरराष्ट्रीय दौरों और घरेलू सीरीज के आंकड़ों पर नजर डालें, तो विकेट लेने का उनका स्ट्राइक रेट काफी बढ़ गया है। बल्लेबाजों को छकाने वाली उनकी पुरानी सटीकता अब गायब दिख रही है।
आश्चर्य की बात यह है कि मुख्य कोच और अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति अभी भी उन्हें प्लेइंग इलेवन में प्राथमिकता दे रही है। आलोचकों का तर्क है कि टीम इंडिया (Team India) को अब केवल अनुभव' के बजाय इम्पैक्ट की जरूरत है, जिसे देने में रविंद्र जडेजा फिलहाल पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
जडेजा बने निचले क्रम की कमजोरी
सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी जडेजा टीम के लिए चिंता का सबब बन गए हैं। एक फिनिशर के तौर पर उनकी पहचान अब धुंधली होती जा रही है। टीम इंडिया (Team India) के लिए हाल ही में खेले गए मुकाबलों में, जब भी टीम को निचले क्रम से आक्रामक बल्लेबाजी की दरकार थी, यह खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहा।
स्पिन के खिलाफ उनका संघर्ष और धीमी स्ट्राइक रेट मध्यक्रम पर दबाव बढ़ा रहा है। विशेषकर वनडे के तेजी से बदलते प्रारूप में, उनकी धीमी बल्लेबाजी विपक्षी टीम को मैच में वापसी का मौका दे देती है। फिर भी, उन्हें लगातार मौके मिलना यह संकेत देता है कि मैनेजमेंट शायद उनके विकल्प को लेकर अभी भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है।
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Team India में विकल्पों की मौजूदगी
भारतीय क्रिकेट के घरेलू ढांचे में इस समय कई ऐसे प्रतिभाशाली ऑलराउंडर मौजूद हैं जो इस रविंद्र जडेजा की जगह लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों ने जब भी मौका मिला है, खुद को साबित किया है। ऐसे में टीम इंडिया (Team India) में एक ही शैली के फ्लॉप खिलाड़ी को बार-बार मौका देना युवा प्रतिभाओं के साथ अन्याय जैसा प्रतीत होता है।
यदि मुख्य कोच और चयनकर्ता आगामी बड़े टूर्नामेंट्स को ध्यान में रखकर कड़े फैसले नहीं लेते, तो यह कमजोरी टीम को महत्वपूर्ण नॉकआउट मैचों में भारी पड़ सकती है। समय आ गया है कि प्रदर्शन को ही चयन का एकमात्र पैमाना बनाया जाए, ताकि टीम का संतुलन बना रहे और जीत का सिलसिला जारी रहे।
जडेजा के रहते कहीं ना कहीं अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ीयों का मौका नहीं बन पा रहा है। हालांकि रविंद्र जड़ेजा टी20 से संन्यास ले चुके हैं और अक्षर उनकी भरपाई में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर