इन 2 दिग्गज भारतीय खिलाड़ियों को मिला सम्मान, चिन्नास्वामी स्टेडियम में बनेगा नाम का स्टैंड
Published - 14 Feb 2026, 03:05 PM | Updated - 14 Feb 2026, 03:19 PM
बेंगलुरु का एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम भारतीय क्रिकेट के सबसे ऐतिहासिक मैदानों में से एक है। हाल ही में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने इस स्टेडियम के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक बड़ा फैसला लिया है। भारतीय क्रिकेट के दो अनमोल रत्न को सम्मानित करते हुए स्टेडियम के दो छोरों का नाम उनके नाम पर रखने की घोषणा की गई है।
इस फैसले से भारतीय क्रिकेट फैंस काफी खुश दिख रहें है। आइए जानते हैं चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) क्यों चर्चा में है। खुशी की बात ये है की चिन्नास्वामी स्टेडियम पर लगा प्रतिबंध भी हट चुका है।
Chinnaswamy Stadium को मिला नया एंड्स

कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) का पवेलियन एंड अब अनिल कुंबले एंड के नाम से जाना जाएगा। जबकि स्टेडियम के नॉर्दर्न एंड को भारतीय क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाले दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी राहुल द्रविड़ के नाम पर 'राहुल द्रविड़ एंड' रखा गया है।
यह फैसला इन दोनों खिलाड़ियों द्वारा कर्नाटक और भारतीय क्रिकेट में दिए गए सराहनीय योगदान को देखते हुए लिया गया है। KSCA के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद ने इस ऐतिहासिक पल पर कहा कि यह स्टेडियम कर्नाटक की विकसित क्रिकेट विरासत की पहचान है।
कुंबले और द्रविड़ न केवल राज्य के गौरव हैं, बल्कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय क्रिकेट का मान बढ़ाया है। इन दिग्गजों के नाम पर स्टैंड और छोर का नाम रखना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा।
Chinnaswamy Stadium का 50 साल हुआ पूरा
चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) के स्वर्ण जयंती वर्ष के समारोह के दौरान केवल कुंबले और द्रविड़ ही नहीं बल्कि अन्य दिग्गजों को भी याद किया गया। KSCA ने महिला क्रिकेट की अग्रणी खिलाड़ी शांता रंगास्वामी को भी खास सम्मान दिया है। स्टेडियम का एक स्टैंड शांता रंगास्वामी को समर्पित किया जाएगा जो महिला क्रिकेट को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा कर्नाटक क्रिकेट के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व अधिकारी सी. नागराज और कैप्टन डॉ. थिमैया के नाम पर भी स्टैंड्स M3 और M4 रखे जाएंगे। सुनील गावस्कर और रामचंद्र गुहा जैसे दिग्गजों ने काफी समय से यह मांग उठाई थी कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में गुंडप्पा विश्वनाथ, इरापल्ली प्रसन्ना और भागवत चंद्रशेखर जैसे दिग्गजों के नाम पर भी स्टैंड होने चाहिए। KSCA की इस नई पहल ने इन मांगों को पूरा करने की दिशा में एक सकारात्मक शुरुआत की है।
चर्चा में क्यों है Chinnaswamy Stadium?
चिन्नास्वामी स्टेडियम (Chinnaswamy Stadium) में पिछले आठ महीनों से रेनोवेशन और अन्य कारणों से अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन नहीं हो रहा था। लेकिन प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर यह है कि साल 2026 से इस मैदान पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल मैचों की शानदार वापसी हो सकती है।
12 फरवरी 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में कर्नाटक सरकार ने स्टेडियम में फिर से अंतरराष्ट्रीय और आईपीएल मैचों के आयोजन को हरी झंडी दे दी।
वेंकटेश प्रसाद ने बताया है कि स्टेडियम अब नए अवतार में खिलाड़ियों और दर्शकों का स्वागत करने के लिए तैयार है। स्टेडियम में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इसे अत्याधुनिक बनाने के साथ-साथ महान खिलाड़ियों को सम्मान देने की यह प्रक्रिया भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक भावुक क्षण है।
बेंगलुरु के इस मैदान पर जब भी कोई गेंदबाज कुंबले एंड से दौड़ना शुरू करेगा या बल्लेबाज द्रविड़ एंड पर खड़ा होगा, तो उसे इन दो महान खिलाड़ियों की विरासत का अहसास जरूर होगा।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर