डोप टेस्ट में फेल हुए ये 2 भारतीय, बोर्ड ने 8 साल के लिए किया बैन, पूरा करियर हुआ बर्बाद

Published - 06 Jan 2026, 12:47 PM | Updated - 06 Jan 2026, 12:55 PM

Dope Test

भारत में डोप टेस्ट(Dope Test) को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें दो भारतीय खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। इससे पहले आप जानते होंगे कि पृथ्वी शॉ भी डोप टेस्ट में फेल हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने बताया था कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा नहीं किया।

उनका कहना था कि गलत दवा खा लेने के कारण उन्हें यह परेशानी झेलनी पड़ी। हाल ही में दो और एथलीटों के नाम सामने आए हैं जो डोप टेस्ट(Dope Test) में पॉजिटिव पाए गए हैं।

Dope Test में फेल हुए तेज गेंदबाज

उत्तराखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार को नाडा ने डोप टेस्ट(Dope Test) में पॉजिटिव पाया है। नाडा, यानी 'राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी' ने इस तेज गेंदबाज के पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है।

राजन कुमार 29 वर्षीय खिलाड़ी हैं और उनके सैंपल में 'एनाबॉलिक स्टेरॉयड' ड्रॉस्टैनोलोन और मेटेनोलोन के साथ-साथ क्लोमीफीन भी पाया गया है। क्लोमीफीन का उपयोग अक्सर महिलाओं में बांझपन के इलाज के लिए किया जाता है, लेकिन पुरुषों में यह टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने में मदद करता है।

मानव शरीर में टेस्टोस्टेरोन बढ़ने का सीधा अर्थ है प्रदर्शन में सुधार होना। इससे पहले मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर अंशुला राव भी डोप टेस्ट में फंसी थीं। दूसरी खिलाड़ी तमिलनाडु की फर्राटा धाविका धनलक्ष्मी हैं, जो इस टेस्ट में फेल हुई हैं। वह दूसरी बार इस जांच में फंसी हैं; इससे पहले 2022 में उन्होंने तीन साल की सजा काटी थी। 2025 में वापसी के तुरंत बाद, 22 सितंबर से उन पर 8 साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है।

क्या है Dope Test, कौन करता है जांच?

भारत में डोप टेस्ट(Dope Test) करवाने वाली संस्था का नाम नाडा है, जो भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। इस एजेंसी की स्थापना साल 2005 में हुई थी। यह संस्था वाडा के कोड के तहत काम करती है। जिस तरह नाडा भारत के भीतर डोपिंग कंट्रोल प्रोग्राम चलाती है, उसी तरह वाडा विश्व भर में यह कार्यक्रम चलाती है।

वाडा हर खेल में खिलाड़ियों के सैंपल की जांच करती है। यदि कोई खिलाड़ी पॉजिटिव पाया जाता है, तो मामले की गंभीरता के आधार पर उसे सजा दी जाती है। कई मामलों में खिलाड़ी जानबूझकर प्रतिबंधित दवाएं नहीं लेते, बल्कि किसी अन्य दवा या सप्लीमेंट में मिलावट के कारण वे इस टेस्ट में फेल हो जाते हैं।

SL vs PAK 1st T20I Prediction in Hindi: पहले टी20 में किस टीम का रहेगा दबदबा? जानें रन, विकेट और पूरी मैच प्रेडिक्शन रिपोर्ट

Dope Test के घेरे में बड़े चेहरे

भारत में डोप टेस्ट में फेल होने वाले कई बड़े नाम हैं, जिनमें पृथ्वी शॉ और अंशुला राव जैसे क्रिकेट खिलाड़ी शामिल हैं। इसी सूची में नरसिंह यादव और बजरंग पूनिया जैसे पहलवानों का नाम भी जुड़ चुका है।

पृथ्वी शॉ का मामला काफी चर्चित रहा था, जब वह जांच में फेल हुए, तो उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने इसका सेवन जानबूझकर नहीं किया था। वे खांसी की जो दवा ले रहे थे, उसमें प्रतिबंधित अंश मौजूद था।

साल 2019 में नाडा ने उन्हें आठ महीने के लिए निलंबित किया था। गौरतलब है कि उस वक्त बीसीसीआई सीधे तौर पर नाडा के दायरे में नहीं आता था, लेकिन बीसीसीआई की आंतरिक जांच के बाद यह कार्रवाई की गई थी।

6,6,6,6,6,6,6,6... फिर आया वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ान, 283 स्ट्राइक रेट से खेल डाली विस्फोटक पारी, उड़ाए 10 गगनचुंबी छक्के

Tagged:

Dope Test NADA Uttrakhand Cricketer
Sourabh Kumar

सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु।
For fastest livescore in India
hindi.cricketaddictor.com