विजय हजारे खेलने लायक नहीं हैं ये खिलाड़ी, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत की ODI टीम में मिल गई जगह
Published - 04 Jan 2026, 11:27 AM | Updated - 04 Jan 2026, 11:29 AM
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Vijay Hazare Trophy: न्यूजीलैंड के खिलाफ 11 जनवरी से शुरू हो रही तीन मैच की वनडे सीरीज के लिए बीसीसीआई ने 15 सदस्यीय स्क्वाड का ऐलान कर दिया है। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की अध्यक्षता में ऑनलाइन आयोजित हुई इस बैठक में कई चौंकाने वाले फैसले देखने को मिले।
चयन समिति ने श्रेयस अय्यर को स्क्वाड में वापसी का मौका दिया है, लेकिन अभी तक उनकी फिटनेस को लेकर कोई सवाल सामने नहीं आया है तो कप्तान शुभमन गिल की भी गर्दन की चोट के बाद वनडे में वापसी हो चुकी है। लेकिन इस सीरीज में एक ऐसे खिलाड़ी को भी स्क्वाड में जगह मिली है जो कि विजय हजारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) खेलने लायक तक नहीं है। लेकिन चयनकर्ताओं ने उन्हें इंटरनेशनल मंच पर मौका दिया है।
बार-बार मिल रहे हैं मौके
इंटरनेशनल क्रिकेट में बार-बार मौके मिलने के बावजूद ये खिलाड़ी न ही बल्ले से रन बना पा रहा है और ना ही ये प्लेयर बॉल से विकेट चटका पा रहा है। ये खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि 22 साल के युवा हरफनमौला खिलाड़ी नीतीश कुमार रेड्डी हैं, जिनपर चयनकर्ता लगातार भरोसा जता रहे हैं, लेकिन रेड्डी हैं कि प्रदर्शन करने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।
रेड्डी ने 19 अक्टूबर 2025 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे प्रारूप में पदार्पण किया था। वह अब तक भारत के लिए दो वनडे मैच खेल चुके हैं, जिसमें उन्होंने केवल 27 रन बनाए हैं। जबकि इस दौरान गेंदबाजी में वह एक भी विकेट नहीं चटका सके हैं।
Vijay Hazare Trophy में रहे थे फ्लॉप
भारतीय टीम के युवा ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी का प्रदर्शन विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 (Vijay Hazare Trophy) में बेहद खराब रहा था। रेड्डी ने आंध्र के लिए खेलते हुए बीती पांच पारियों में 23, नाबाद 55, 6, 30 और 25 का स्कोर बनाया है।
जबकि गेंदबाजी में वह 1, 1, 1,1 और दो विकेट ही चटकाने में सफल हुए हैं और यही कारण है कि रेड्डी के चयन पर इतने सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, कोच गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर रेड्डी पर यकीन दो जता रहे हैं, लेकिन अब तक खेले मैचों में उनका प्रदर्शन बेहद साधारण रहा है।
प्लेइंग इलेवन में मिल सकता है मौका
नीतीश कुमार रेड्डी को न्यूजीलैंड के खिलाफ बतौर फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर मौका दिया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि टीम प्रबंधन उन्हें तीनों मैचों में मौका दे सकती है। दरअसल, रेड्डी न सिर्फ निचले क्रम में बल्लेबाजी को मजबूती प्रदान करते हैं, बल्कि जरूत पड़ने पर कप्तान को 6 से 7 ओवर की गेंदबाजी भी मुहैया करवाते हैं।
लेकिन रेड्डी को अपने पिछले प्रदर्शन को बुलाकर यहां पर अच्छा प्रदर्शन करना होगा। बता दें कि, रेड्डी को हार्दिक पंड्या का विकल्प भी माना जा रहा है, जो कि उनकी तरह की आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाजी से भी टीम की जीत में योगदान दे सके। लेकिन अभी तक खेले मैचों में वह हार्दिक पंड्या के करीब तक नहीं पहुंच सके हैं।
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