टीम इंडिया में आने के लिए ये 5 खिलाड़ी उम्र के साथ कर चुके हैं फर्जीवाड़ा, एक भारत को जिता चुका है वर्ल्ड कप
Published - 13 Feb 2023, 04:50 AM

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भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम (Team India) के लिए खेलना हर खिलाड़ी का स्वप्न होता है। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए खिलाड़ी जी-जान लगा देते हैं। वह छोटे से छोटे टूर्नामेंट या सीरीज का रुख अपनाते हैं। घरेलू क्रिकेट के सभी प्रारूप में अपनी धाक जमाने की कोशिश करते हैं। गेंदबाज अपनी कातिलाना गेंदबाजी से प्रभावित करने का प्रयास करता है तो बल्लेबाज अपनी आक्रमक बल्लेबाजी से सबको लुभाने की फिराक में होते हैं।
जहां ये खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बूते टीम (Team India) में जगह बनाने की ताक में होते हैं तो वहीं इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी भी सामने आई हैं जिन्होंने जाल-साजिश के दम पर टीम (Team India) में एंट्री पाने की कोशिश की है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको ऐसे ही पांच खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं जो टीम इंडिया (Team India) में जगह बनाने के लिए अपनी उम्र के साथ छेड़छाड़ कर चुके हैं। तो चलिए नजर डालते हैं टीम इंडिया (Team India) के उन 5 खिलाड़ियों पर जो उम्र के साथ कर चुके हैं फर्जीवाड़ा....
Team India में आने के लिए ये 5 खिलाड़ी उम्र के साथ कर चुके हैं फर्जीवाड़ा
नीतीश राणा
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इस लिस्ट में सबसे पहला नाम है नीतीश राणा का। भारतीय ऑलराउंडर खिलाड़ी टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए अपनी उम्र के साथ छेड़छाड़ कर चुका है। साल 2019 में ये खबर सामने आई थी कि नीतीश ने अपनी असल उम्र को छिपाकर बोर्ड को नकली दस्तावेज दिखाए हैं। उन्होंने अंडर-15 टीम में जगह बनाने के लिए ऐसी हरकत की। नीतीश द्वारा दिए गए डॉक्युमेंट्स के मुताबिक उनका जन्म 1993 में हुआ था लेकिन जब पुलिस ने कार्यवाही की तो पता चला की ये उनकी सही जन्मतिथि नहीं है। इसलिए भारतीय बोर्ड ने उनके क्रिकेट खेलने पर बैन लगाया।
अंकित बावने
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मध्य-क्रम के बल्लेबाज अंकित बावने एक दशक से भी अधिक समय से महाराष्ट्र के मध्य-क्रम के स्तंभ रहे हैं। उन्होंने 2007 में प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया था। इसके बाद बावने ने अपनी बल्लेबाजी से सबको काफी प्रभावित किया। जिसके चलते उन्हें 2012 अंडर-9 वर्ल्ड कप टीम की कप्तानी करना का मौका मिला। लेकिन इससे पहले साल 2011 में ही उनके फ्रॉड के बारे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को पता चल गया और उन्हें टीम से बाहर कर दिया।
दरअसल, अंकित ने अपनी उम्र के साथ छेड़खानी की हुई थी। इस बात का पता तब चला जब बोर्ड को पता चला कि पासपोर्ट में जन्म तिथि उनके जन्म प्रमाण पत्र और बीसीसीआई के रिकॉर्ड से बिल्कुल अलग है। आधिकारिक तौर पर उनका जमकर 17 दिसंबर 1992 को हुआ था, जबकि पासपोर्ट पर 1 सितंबर 1992 थी।
रासिक सलाम
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इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा रह चुके रसिक सलाम का नाम भी इस सूची में शुमार है। जम्मू-कश्मीर के तेज गेंदबाज सलाम पर बीसीसीआई ने दो साल का प्रतिबंध लगा दिया था। सलाम तब सुर्खियों में आए थे जब इस बात का पता चला था कि उन्होंने बोर्ड को एक फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट जमा किया था। इसके बाद, उन्हें अंडर -19 टीम से हटा दिया गया था। उस समय अंडर-19 की टीम ट्राई-सीरीज में खेलने के लिए इंग्लैंड दौरे पर जाने की तैयारी कर रही थी और उनकी जगह प्रभात मौर्य को मौका मिला था। बैन के दौरान वह मुंबई में ही रहे और मुंबई इंडियंस ने उनका ध्यान रखा।
प्रिंस राम यादव
एक और खिलाड़ी जिसने टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए गलत रास्ता अपनाया वो है प्रिंस राम निवास। दिल्ली की तरफ से खेलने वाले प्रिंस पर उम्र के फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया गया था। खबरें हैं कि उन्होंने बीसीसीआई को अपने जन्म का साल 2001 बताया था। लेकिन जब बोर्ड ने उनका 10वीं का सर्टिफिकेट चेक किया तो पता चल कि उन्होंने 2012 में 10वीं पास की थी और उनका असल जन्म साल 1996 है।
अर्थात अपनी उम्र 5 साल कम बताई थी। इस बात का खुलासा तब हुआ जब प्रिंस ने 2018-19 में अंडर-19 टीम का हिस्सा बनाने के लिए अपनी उम्र 18 साल बताई । इसके बाद इस साल भी उन्होंने अपनी उम्र 18 ही बताई और बीसीसीआई को उन पर शक हो गया। लिहाजा बीसीसीआई ने उनपर कार्यवाही की और उनका फ्रॉड सबके सामने आ गया। सजा के तौर पर उन्हें दो साल का बैन झेलना पड़ा और वह 2021 से 2022 तक क्रिकेट नहीं खेल सके।
मनजोत कालरा
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भारतीय क्रिकेट टीम को चौथा अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब दिलवाने वाले मनजोत कालरा अपने प्रदर्शन के अलावा उम्र के साथ छेड़कानी करने के आरोप की वजह से भी सुर्खियों में आ चुके हैं। 2018 में अंडर-19 भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले इस खिलाड़ी पर साल 2019 में गलत उम्र बताने का आरोप लगा था।
लोकपाल जस्टिस (रिटायर्ड) बद्र दुरेज अहमद ने उस साल मनजोत को सजा सुनाते हुए कहा था कि आदेश के जारी होने की तारीख से अगले एक साल तक वे निर्धारित आयु वर्ग के मैचों में नहीं खेलेंगे। हालांकि, दूसरे साल से उन्हें ओपन कैटेगरी के मैचों के साथ ही क्लब मैचों/टूर्नामेंटों में खेलने की अनुमति होगी। हालांकि, इसके बाद उनका टीम इंडिया में जगह पाने का सपना पूरी तरह से टूट गया।
ऑथर के बारे में

मानवी नौटियाल एक उत्साही और अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें खेलों की दुनिया से गहरा लगाव है।... रीड मोर