WTC : इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) आने वाले समय में टेस्ट क्रिकेट को और ज्यादा प्रतिस्पर्धी और वैश्विक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC), जो अब तक 9 टीमों के बीच खेली जाती रही है, उसे 2027 से 12 टीमों तक विस्तारित करने की योजना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
अगर इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा बदलाव साबित होगा। इससे न सिर्फ छोटे क्रिकेटिंग देशों को बड़ा मंच मिलेगा, बल्कि फैंस को भी ज्यादा रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
WTC के नए फॉर्मेट की तैयारी
ICC की योजना के अनुसार जुलाई 2027 से शुरू होने वाले अगले WTC चक्र में 12 टीमें हिस्सा ले सकती हैं। मौजूदा 9 टीमों के अलावा अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
यह फैसला टेस्ट क्रिकेट के दायरे को बढ़ाने और नए देशों को प्रोत्साहित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब तक ये टीमें सीमित मौके ही पा रही थीं, लेकिन WTC में शामिल होने से उन्हें नियमित और प्रतिस्पर्धी टेस्ट खेलने का मौका मिलेगा।
दो-स्तरीय सिस्टम को किया गया खारिज
पहले ICC दो-डिवीजन वाले सिस्टम पर विचार कर रहा था, जिसमें टीमों को उनकी रैंकिंग के आधार पर अलग-अलग ग्रुप में बांटा जाता। हालांकि छोटे पूर्ण-सदस्य देशों ने इस प्रस्ताव का विरोध किया, क्योंकि इससे उनके लिए शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने के मौके कम हो सकते थे।
इसी वजह से ICC ने एक ही लीग फॉर्मेट में 12 टीमों को शामिल करने का विकल्प चुना, जिससे सभी टीमों को बराबरी का अवसर मिल सके और प्रतिस्पर्धा संतुलित बनी रहे।
ICC बैठकों में फैसला संभव
2026 की शुरुआत में ICC की अहम बैठक दोहा में होनी थी, लेकिन मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण इसे टाल दिया गया। इसके बाद एक ऑनलाइन चर्चा जरूर हुई, लेकिन उसमें कोई बड़ा निर्णय नहीं लिया गया।
अब उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल के अंत तक होने वाली फिजिकल मीटिंग में इन प्रस्तावों पर अंतिम मुहर लग सकती है। यह बैठक बैंकॉक में आयोजित हो सकती है, जहां बोर्ड सदस्य आमने-सामने बैठकर बड़े फैसले लेंगे।
टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए बड़ा कदम
WTC का विस्तार टेस्ट क्रिकेट को नई दिशा देने वाला कदम माना जा रहा है। इससे खेल में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और नए बाजारों में टेस्ट क्रिकेट की लोकप्रियता भी बढ़ेगी। अफगानिस्तान, आयरलैंड और जिम्बाब्वे जैसी टीमों के शामिल होने से क्रिकेट का दायरा और व्यापक होगा।
साथ ही बड़े देशों के लिए भी चुनौती बढ़ेगी, क्योंकि अब मुकाबले ज्यादा और विविध होंगे। ICC का यह कदम टेस्ट क्रिकेट को आधुनिक दौर में बनाए रखने और उसे ज्यादा प्रासंगिक बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।