क्रिकेट, ऐसा खेल है जिसे खेलने और सिर्फ देखने भर के लिए लोगों की सांसें अटकी हुई रहती हैं. हर गेंद को सीमारेखा के पार भेजने की बल्लेबाज की कोशिश और हर गेंद पर विकेट झटकने की गेंदबाज की हसरत. यह जंग देखने का अपना अलग ही मजा है. समय के साथ जिस तरह से नियम बदले हैं. सीमित ओवरों में बल्लेबाज हावी होकर खेलने लगे हैं.
लेकिन, Test क्रिकेट में आज भी हर क्रिकेटर को खुद को साबित करने का मौका मिलता है. इसीलिए इस प्रारूप का नाम है टेस्ट अर्थात परीक्षा. जहां हर दिन और हर मैच में खिलाड़ी को नई-नई प्रतिभाओं से मिलने का मौका मिलता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाजों के बारे में बताएंगे जिन्होंने अपने पहले ही मैच में शानदार बैटिंग का मुजायरा पेश किया.
ये चार Test मैच के Opener हैं इस सूची में
4. हमिश रदरफोर्ड (Hamish Rutherford)
6 मार्च 2013 का दिन न्यूजीलैंड के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में लिख दिया गया. इस दिन एक प्रतिभाशाली क्रिकेटर को Test में डेब्यू करने का मौका मिला था. इस खिलाड़ी का नाम था Hamish Rutherford. जिसने इंग्लैंड के खिलाफ अपने पहले ही मैच में ही दिखा दिया कि इसे मौका देकर कोई गलती नहीं की गई.
हामिश ने 8 मार्च को इस मैच की दूसरी पारी में 217 गेंदों में 22 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 171 रन बना दिए. वैसे तो यह मैच ड्रा हो गया था. लेकिन, फिर भी हमिश ने अपना नाम इतिहास में दर्ज कर लिया. उनके द्वारा बनाया गया यह स्कोर डेब्यू मैच में सातवां और बाएं हाथ के बल्लेबाज द्वारा दूसरा सर्वोच स्कोर है.
3. शिखर धवन (Shikhar Dhawan)
सबसे तेज 3000 रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज और अपने सौंवें वनडे मैच में शतक लगाने वाले भारतीय बने शिखर धवन ने हमेशा से ही ताबड़तोड़ पारी खेली है. अब हम Test मैच की बात करते हुए वनडे की बात इसलिए करने लगे. क्योंकि इस खिलाड़ी ने किया ही ऐसा काम है. उन्होंने यह कारनामा 14 मार्च, 2013 के दिन किया था.
जी हां शखर धवन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले ही टेस्ट मैच में तूफानी पारी खेली थी. गब्बर नाम से मशहूर इस खिलाड़ी ने सिर्फ 174 गेंद में ही 187 रन बना दिए थे. जिसमें 33 चौके और 2 छक्के शामिल थे. उन्होंने टेस्ट मैच में ही वनडे मैच की पारी खेल दी थी. वो भी 107.47 की स्ट्राइक रेट के साथ. उनकी इसी पारी की मदद से भारत ने 6 विकेट से जीत दर्ज की थी.
2. डेवॉन कॉनवे (Devon Conway)
अपने पहले ही Test मैच में दोहरा शतक जड़ कर प्रतिभा का लोहा मनवाने वाले न्यूजीलैंड टीम के नए टेस्ट ओपनर डेवॉन कॉनवे का जन्म South Africa के जोहंसबर्ग में हुआ था. न्यूजीलैंड के लिए Devon Conway ने 3 वनडे और 14 टी20 के बाद टेस्ट में भी एक सलामी बल्लेबाज के रूप में पदार्पण किया और आते ही अपनी धाक भी जमा दी.
न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर चल रहे इस Test मैच के पहले ही दिन 2 जून को डेवॉन ने 347 गेंदों में 200 रन बना दिए. इस दाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज ने इंग्लैंड के गेंदबाजों पर कोई रहम नहीं दिखाया. उनके बल्ले से निकला यह स्कोर पदार्पण मैच में किसी सलामी बल्लेबाज द्वारा दूसरा सर्वश्रेष्ठ स्कोर है. वैसे अभी भी इस मैच को पूरा होने में 3 दिन शेष है.
1. ब्रेंडन कुरुप्पू (Brendon Kuruppu)
सलामी बल्लेबाजों के पास सबसे बड़ा एडवांटेज यह होता है कि उनके पास सबसे पहले गेंद और गेंदबाज को परखने के साथ ही सबसे ज्यादा गेंदे खेलने का मौका भी उन्हें ही मिलता है. ऐसे ही एक सलामी बल्लेबाज ने पड़ोसी देश श्रीलंका के लिए भी जौहर दिखाया है. श्रीलंका के पूर्व सलामी दाएं हाथ के बल्लेबाज ब्रेंडन कुरुप्पू ने पदार्पण Test में सलामी बल्लेबाज के रूप में सर्वोच्च स्कोर बनाया था.
बात 16 अप्रैल, 1987 की है, जब श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच कोलम्बो में तीन Test मैचों की सीरीज का पहला मैच खेला जा रहा था. इस मैच में श्रीलंका ने पहले बैटिंग की और 9 विकेट के नुकसान पर 397 रन बनाए. मजेदार बात ये रही कि टीम के सलामी बल्लेबाज ब्रेंडन नॉटआउट ही रहे और 548 गेंदों में 24 चौकों की मदद से नाबाद 201 रन बना दिए थे. उनकी इसी जुझारू पारी का परिणाम रहा की मैच ड्रा हो गया.