W,W,W,W,W,W.....इतिहास का सबसे छोटा स्कोर! 6 रन पर ऑलआउट हुई टीम, बांग्लादेश के गेंदबाजों ने ढाया कहर
Published - 30 Nov 2025, 03:49 PM | Updated - 30 Nov 2025, 03:51 PM
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Bangladesh: क्रिकेट में टी20 प्रारूप अपनी तेज़ रफ्तार और लगातार बदलते माहौल के लिए जाना जाता है। यहां किसी भी ओवर की छह गेंदें मैच का नतीजा पलटने का दम रखती हैं। लेकिन यह बेहद दुर्लभ होता है जब किसी टीम की पूरी पारी छह रन पर सिमट जाए।
ऐसा हैरान करने वाला नज़ारा बांग्लादेश (Bangladesh) और मालदीव की टीमों के बीच हुए टी20 मुकाबले में देखने को मिला, जिसने क्रिकेट इतिहास में सबसे छोटे स्कोर में अपना नाम दर्ज कर लिया।
सिर्फ दो विकेट गंवाकर टीम ने 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। शुरुआती झटकों से उबरते हुए निगार सुल्ताना और फरगाना हक ने बेहतरीन साझेदारी की, जिसने मैच की दिशा बदल दी।
19 रन पर दो विकेट गिरने के बाद दोनों ने मिलकर 236 रन की रिकॉर्ड पार्टनरशिप की। निगार सुल्ताना ने 113 रनों की शानदार पारी में 14 चौके और तीन छक्के लगाए, वहीं फरगाना हक ने 20 चौकों की मदद से 110 रन बनाए। यह साझेदारी विपक्षी गेंदबाजों के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं थी।
6 रनों पर सिमटी पूरी टीम
256 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी मालदीव की टीम शुरू से ही लड़खड़ा गई और कभी संभल ही नहीं पाई। बल्ले से पूरी टीम ऐसा संघर्ष करती दिखी मानो विकेट पर टिकना ही उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती हो। एक के बाद एक विकेट गिरते गए और टीम की हालत इतनी खराब हो गई कि स्कोरबोर्ड केवल छह रनों पर थम गया।
12.1 ओवर में सभी बल्लेबाज पवेलियन लौट चुकी थीं। विरोधी बल्लेबाजों में केवल तीन खिलाड़ी ही रन बना सकीं, जबकि आठ खिलाड़ी बिना खाता खोले आउट हो गईं। दो रन उन्हें अतिरिक्त के रूप में मिले। यह स्कोर टी20 इंटरनेशनल के इतिहास के सबसे छोटे टोटल में शामिल हो गया।
Bangladesh के गेंदबाजों का बेजोड़ प्रदर्शन
बांग्लादेश (Bangladesh) की गेंदबाजी उस दिन अपने चरम पर थी। शुरुआत से ही उन्होंने मालदीव की बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। रितु मोनी ने तीन ओवर मेडन डालते हुए केवल एक रन देकर तीन विकेट चटकाए। उनकी गेंदबाजी में जिस तरह की अनुशासन और धार दिखी, उसने पूरे मैच को एकतरफा बना दिया।
वहीं सलमा खातून ने 3.2 ओवर में सिर्फ दो रन देकर तीन विकेट हासिल किए। दोनों गेंदबाजों की अगुवाई में पूरी बांग्लादेशी (Bangladesh) गेंदबाजी इकाई ने विरोधी बल्लेबाजी क्रम को जड़ से उखाड़ फेंका। मालदीव की टीम न तो गेंद को समझ सकी और न ही क्रीज पर टिक पाने का आत्मविश्वास जुटा सकी।
मालदीव के कमजोर प्रदर्शन का दोहराव
मालदीव की महिला टीम के लिए यह पहली बार नहीं था जब उनकी बल्लेबाजी इतनी कमजोर साबित हुई हो। इससे पहले नेपाल के खिलाफ भी टीम सिर्फ 16 रन पर सिमट गई थी। उस मैच में नेपाल की गेंदबाज अंजलि चंद ने बिना कोई रन दिए छह विकेट लेकर एक नया रिकॉर्ड बनाया था।
इन प्रदर्शनों ने साफ दिखा दिया कि मालदीव की टीम बड़े अंतर से पिछड़ रही थी और मजबूत टीमों के खिलाफ टिकना उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा था। बांग्लादेश के खिलाफ मात्र छह रन पर सिमटने की घटना ने उस दिन के मुकाबले को एकतरफा और ऐतिहासिक बना दिया।
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ऑथर के बारे में
यह लेखक Cricketaddictor का एक सदस्य है जो क्रिकेट से जुड़ी खबरों और विश्लेषण पर लिखता है।