सपना टीम इंडिया का, कुर्बानी बड़ी! वैभव सूर्यवंशी ने खुद से दूर की अपनी सबसे प्रिय चीज

Published - 21 Feb 2026, 06:26 PM | Updated - 21 Feb 2026, 06:44 PM

Vaibhav Sooryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) आज भारतीय क्रिकेट एक उभरता नाम बन चुके हैं, जिनकी चर्चा गली-मोहल्ले से लेकर बीसीसीआई के चयनकर्ताओं तक हो रही है। आईपीएल के सबसे युवा खिलाड़ी बनने का रिकार्ड हासिल करने वाले बिहार के इस लाल ने अब नीली जर्सी पहनने के लिए अपनी सुख-सुविधाओं और स्वाद का त्याग करना शुरू कर दिया है।

14 साल की उम्र में दुनिया को अपनी बल्लेबाजी से हैरान करने वाले वैभव ने अब फिटनेस के उस टार्गेट को छूने का संकल्प लिया है, जो उन्हें टीम इंडिया के सीनियर स्क्वाड तक पहुँचा सके।

Vaibhav Sooryavanshi के पिता का बड़ा खुलासा

Vaibhav Sooryavanshi

वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के पिता संजीव सूर्यवंशी ने हाल ही में एक इंटरव्यू में अपने बेटे के समर्पण की कहानी साझा की है। उन्होंने बताया कि वैभव ने टीम इंडिया में जल्दी जगह बनाने के लिए अपनी सबसे पसंदीदा चीज मटन और चिकन खाना पूरी तरह से छोड़ दिया है।

इस बात का जिक्र एक बार वैभव के सीनीयर खिलाड़ी ने भी किया था, जिसमें बिहार के सहरसा जिला के रहने वाले स्टेट प्लेयर अनिकेत सिंह बताते हैं कि वैभव के पापा उनके लिए हमेशा मैच के बाद स्पेशल मटन बनवाते थे खासकर उस दिन जब बैभव अच्छा खेलता था। हालांकि एक एथलीट के लिए डाइट और अनुशासन कितना महत्वपूर्ण होता है, यह वैभव ने इतनी कम उम्र में समझ लिया है।

संजीव सूर्यवंशी के अनुसार, वैभव का लक्ष्य केवल आईपीएल तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि वह 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। इस बड़े सपने को सच करने के लिए उन्होंने अपनी डाइट से नॉन-वेज को बाहर कर दिया है ताकि वह अपनी बॉडी को अधिक लीन और फुर्तीला बना सकें।

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Vaibhav Sooryavanshi के कोच मनिष ओझा क्या कहते हैं?

वैभव के कोच मनीष ओझा जिन्होंने बचपन से उनकी तकनीक को तराशा है और फिलहाल जेननेक्स क्रिकेट एकेडमी के डायरेक्टर भी हैं वह वैभव के भविष्य को लेकर काफी निश्चिंत हैं। ओझा का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) के पास वो टैलेंट है जो उन्हें बहुत जल्द अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगा।

उन्होंने दावा किया है कि आईपीएल 2026 के सीजन के बाद चयनकर्ता वैभव के नाम पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। कोच का मानना है कि आईपीएल के मंच पर दुनिया के दिग्गज गेंदबाजों का सामना करने के बाद वैभव का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा।

यदि वह 2026 के सीजन में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा देते हैं, तो चयनकर्ताओं के लिए उन्हें नजरअंदाज करना नामुमकिन होगा। मनीष ओझा के अनुसार, वैभव की सबसे बड़ी ताकत उनका खेल के प्रति समर्पण और दबाव में शांत रहने की क्षमता है, जो उन्हें बड़े मंच के लिए तैयार करती है।

आईसीसी का नियम क्या कहता है?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के नियमों के अनुसार, किसी भी खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सीनियर टीम में खेलने के लिए न्यूनतम 15 वर्ष की आयु का होना अनिवार्य है। वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) वर्तमान में 14 वर्ष के हैं, और कागजी रूप से वह जल्द ही इस मापदंड को पूरा कर लेंगे।

साल 2026 तक वह 15 वर्ष के हो चुके होंगे, जिससे उनके लिए टीम इंडिया के दरवाजे आधिकारिक रूप से खुल जाएंगे। वैभव की नजरें विशेष रूप से 2028 में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप पर टिकी हैं। तब तक उनके पास घरेलू क्रिकेट और आईपीएल का अच्छा-खासा अनुभव होगा।

फिटनेस के लिए दी गई उनकी यह कुर्बानी और मैदान पर उनका शानदार प्रदर्शन उन्हें भारतीय क्रिकेट का अगला सुपरस्टार बनाने की ओर बढ़ाता दिख रहा है। अगर वह अपनी फॉर्म और फिटनेस इसी तरह बरकरार रखते हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) भारत की ओपनिंग स्लॉट या मिडिल ऑर्डर में धूम मचाते नजर आएंगे।

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Sourabh Kumar

सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर

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