चोटिल होने के बावजूद इन 5 भारतीय खिलाड़ियों ने नहीं छोड़ा मैदान, एक ने जान दांव पर भारत को जिताया वर्ल्ड कप
Published - 08 Dec 2022, 12:49 PM

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भारतीय क्रिकेट टीम (Team India) के खिलाड़ियों और फैंस के लिए क्रिकेट (Cricket) महज एक खेल नहीं, बल्कि उससे बढ़कर है। खिलाड़ी इसको पूरी लग्न और सम्मान के साथ इस खेल (Cricket) को खेलता है। मगर क्रिकेट (Cricket) में खिलाड़ियों का चोटिल हो जाना कोई नई बात नहीं है।
बदलते समय के साथ खेल (Cricket) में बढ़ती हुई गहमा-गहमी को देखते हुए, हम अक्सर देखते हैं कि खिलाड़ी मांसपेशियों में खिंचाव या अन्य किसी चोट के कारण मैदान से बाहर चले जाते हैं। क्रिकेट (Cricket) मैच के दौरान चोटिल होने के बाद खिलाड़ियों के मैदान छोड़ने के कई उदाहरण सामने आए हैं। लेकिन कई मौकों पर ऐसा भी हुआ है जब खिलाड़ियों ने अपनी चोट को नजरअंदाज करते हुए टीम के लिए मैदान पर रहकर खेलना जारी रखा।
क्रिकेट (Cricket) बिरादरी उनके वीरता के कार्य को नहीं भूलेगी और यह उभरते हुए क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत साबित होगा। तो आइए जानते हैं टीम इंडिया के इन 5 बहादुर खिलाड़ियों के बारे में......
Team India के 5 खिलाड़ी जो चोटिल होने के बाद भी आए मैदान पर खेलते नजर
रोहित शर्मा
बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए दूसरे मुकाबले में टीम इंडिया के कप्तान रोहित शर्मा द्वारा दिखाई गए वीरता को कोई भी भारतीय फैंस आजीवन नहीं भूल सकता। उन्होंने टीम इंडिया के उभरते हुए सितारों के सामने एक कमाल की मिसाल कायम की। दरअसल, 7 दिसंबर को बांग्लादेश की पारी के दौरान हिटमैन का अंगूठा चोटिल हो गया था, जिसके चलते उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया। लेकिन हाथों में मरहम-पट्टी करवाने के बाद वह दोबारा स्टेडियम लौटे और टीम के लिए 9 नंबर पर बल्लेबाजी करने के लिए उतरे। रोहित के इस जज्बे ने फैंस के दिल में उनके लिए इज्जत और बढ़ दी।
अनिल कुंबले
इंडियन क्रिकेट (Cricket) टीम के पूर्व स्पिन गेंदबाज अनिल कुंबले भी चोटिल होने के बावजूद मैदान में डटे रहने वाले खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाते हैं। 2004 में, भारत बनाम वेस्टइंडीज के बीच चौथे टेस्ट मैच के दौरान कुंबले डिलन बाउंसर की चपेट में आ गए थे। गेंद उनके जबड़े पर लगी हालंकी इसके बाद भी उन्होंने अपनी टीम का साथ देने का फैसला किया और खून थूकते हुए बल्लेबाजी की। अगले दिन वेस्टइंडीज की पारी में पट्टीदार चेहरे के साथ वह मैदान पर गेंदबाजी करने के लिए उतरे और 14 ओवर डाले। उन्होंने अपने इस ओवर में लारा का विकेट भी अपने नाम किया।
एमएस धोनी
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने अपने कार्यकाल में टीम के लिए खूब सारे कारनामे किए हैं। टीम के लिए उनके द्वारा दिए गए बलिदान को भारतीय फैंस कभी भी नहीं भूल सकते। वहीं उन्होंने टीम इंडिया के लिए खेलते हुए एक ऐसा फैसला कर लिया था, जिसकी वजह से आज उनकी गिनती भारतीय टीम के बहादुर खिलाड़ियों में होती है।
दरअसल, जिंबाब्वे के खिलाफ हरारे में उनकी आंख में गंभीर चोट लग गई थी। धोनी तेज गेंदबाज डोनाल्ड ट्रिपानो की गेंद को हूक करने की कोशिश में थे, लेकिन वे ऐसा करने में असफल हुए और गेंद उनकी आंख में जा लगी। इसके बाद भी उन्होंने मैदान नहीं छोड़ा और विकेट के पीछे खड़े नजर आए।
युवराज सिंह
चोट के साथ खेलने वाले खिलाड़ियों की बात चल रही हो और उसमे युवराज सिंह का जिक्र भी न हो, ये तो नामुमकिन है। साल 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल का मुकाबला आज भी भारतीय फैंस के जहन में जिंदा है। इस मैच में टीम इंडिया की जीत में युवी के योगदान को भुला पाना मुश्किल है। विश्व कप 2011 के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट युवराज सिंह ने कैंसर से ग्रस्त होने के बावजूद विश्व कप खेला। युवराज सिंह के साथी खिलाड़ियों ने बताया कि युवराज मैच के दौरान खून की उल्टियां करते थे। हालांकि इसके बाद भी वह वर्ल्ड कप खेलते रहे।
शिखर धवन
हर खिलाड़ी वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में अपनी प्रतिभा साबित करने की फिराक में होता है। टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज शिखर धवन भी इससे कोई अलग नहीं है। आईसीसी के इस टूर्नामेंट में उनके आंकड़े काफी शानदार है। शिखर ने इंग्लैंड के द ओवल में विश्व कप 2019 के दौरान एक बार फिर अपनी महानता साबित की।
पारी की शुरुआत में शिखर की अंगुली में चोट लग गई, लेकिन अहम मैच में उन्होंने बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने चोटिल होने के बाद भी शतक जड़ा और टीम को 5 विकेट पर 352 तक पहुंचया। उनके इस प्रदर्शन के दम पर टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल की।
ऑथर के बारे में

मानवी नौटियाल एक उत्साही और अनुभवी स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें खेलों की दुनिया से गहरा लगाव है।... रीड मोर