अभिषेक शर्मा की खराब फॉर्म पर सुनील गावस्कर ने दी सलाह, बोले - ‘सिंगल लेकर खेलो...'
Table of Contents
Abhishek Sharma: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) का बल्ला अब तक खामोश रहा है। जिस खिलाड़ी से तेज शुरुआत और आक्रामक अंदाज की उम्मीद की जा रही थी, वह शुरुआती मैचों में रन बनाने के लिए जूझते नजर आए हैं।
खासकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ लगातार तीन बार शून्य पर आउट होने के बाद उनकी फॉर्म पर सवाल खड़े हो गए। हालिया मुकाबले में उन्होंने 15 रन जरूर बनाए, लेकिन वह भी आत्मविश्वास लौटाने के लिए पर्याप्त नहीं माना जा रहा। ऐसे में पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने अभिषेक को एक सरल लेकिन प्रभावी सलाह दी है।
बड़े शॉट की बजाय सिंगल से शुरुआत की सलाह
क्रिकबज से बातचीत में सुनील गावस्कर ने अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को संयम से खेलने की सलाह दी। उनका मानना है कि युवा बल्लेबाज खुद पर शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने का दबाव डाल रहे हैं।
गावस्कर ने कहा कि उन्हें लाइन के पार बड़े शॉट खेलने के लिए खुद को मजबूर नहीं करना चाहिए, बल्कि एक सिंगल लेकर पारी की शुरुआत करनी चाहिए।
उनके अनुसार, क्रीज पर समय बिताना और स्ट्राइक रोटेट करना आत्मविश्वास बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है। टी20 जैसे फॉर्मेट में तेज रन बनाना जरूरी है, लेकिन शुरुआत में संतुलन बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
Abhishek Sharma का अलग-अलग गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष
अभिषेक (Abhishek Sharma) का संघर्ष सिर्फ एक तरह की गेंदबाजी तक सीमित नहीं रहा है। टूर्नामेंट के शुरुआती मैचों में वह ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ असहज दिखे और इसी कमजोरी का फायदा उठाकर विरोधी टीमों ने उन्हें आउट किया। हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में कहानी थोड़ी अलग रही।
वहां तेज गेंदबाजों ने उन्हें वाइड और धीमी गेंदों से बांधे रखा। गेंद को शरीर से दूर रखकर खेलने की कोशिश में वह बड़े शॉट नहीं लगा पाए और दबाव में आ गए। इस रणनीति ने उनके स्वाभाविक खेल पर असर डाला और रन गति भी थमी रही।
कोचिंग स्टाफ की अलग राय
भारतीय टीम के कोचिंग स्टाफ के भीतर अभिषेक की फॉर्म को लेकर अलग-अलग विचार सामने आए हैं। असिस्टेंट कोच रायन टेन डोएशेट का मानना है कि वर्ल्ड कप से पहले फूड पॉइजनिंग के कारण उनकी तैयारी प्रभावित हुई।
उनके अनुसार, जब कोई खिलाड़ी शारीरिक रूप से पूरी तरह फिट नहीं होता और लगातार तीन बार शून्य पर आउट हो जाता है, तो मानसिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
वहीं बैटिंग कोच सीतांशु कोटक का नजरिया थोड़ा अलग है। उनका मानना है कि यह कोई गंभीर तकनीकी समस्या नहीं है और खिलाड़ी को अपनी स्वाभाविक शैली में ही खेलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर खिलाड़ी अपने करियर में ऐसे दौर से गुजरता है।
टीम संयोजन पर बढ़ता दबाव
अभिषेक (Abhishek Sharma) की खराब फॉर्म का असर टीम के संतुलन पर भी पड़ सकता है। भारतीय टीम पहले ही बड़े मुकाबलों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है और शीर्ष क्रम से ठोस शुरुआत नहीं मिलना चिंता का विषय है।
अगर टीम प्रबंधन बदलाव पर विचार करता है तो संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी विकल्प के तौर पर सामने आ सकते हैं। हालांकि अभी टीम मैनेजमेंट युवा बल्लेबाज पर भरोसा जता रहा है।
आने वाले मुकाबले अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं, जहां उन्हें खुद को साबित करने और टीम को मजबूत शुरुआत देने की चुनौती का सामना करना होगा।
ये भी पढ़े : अभिषेक-तिलक के फ्लॉप शो के बाद टीम में होगा बदलाव, संजू सैमसन की वापसी पर कोच का अपडेट