104 डिग्री बुखार में फाइनल खेल गई स्मृति मंधाना, तपते शरीर के साथ 87 रन की विस्फोटक पारी, RCB को बनाया चैंपियन
Published - 06 Feb 2026, 12:26 PM | Updated - 06 Feb 2026, 12:27 PM
Smriti Mandhana: विमेंस प्रीमियर लीग 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को 6 विकेट से हराकर दूसरा खिताब भी अपने नाम कर लिया है. RCB की धमाकेदार जीत में सबसे बड़ा हाथ स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) का रहा. उन्होंने 104 डिग्री बुखार में भी 87 रन की विस्फोटक पारी खेली. जिसकी बदौलत स्मृति ने दूसरी बार आरसीबी को चैंपियन बनाया और प्लेयर ऑफ द मैच बनी.
Smriti Mandhana: RCB और दिल्ली को चटाई धूल

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और दिल्ली कैपिटल्स के बीच फाइनल मुकाबला वडोदरा में खेला गया. पहले बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी दिल्ली ने 203 रन स्कोर बोर्ड पर लगाए. वहीं, लक्ष्य का पीछा करते हुए जॉर्जिया वॉल और स्मृति मंधाना (Smriti Mandhana) ने आरसीबी के लिए तूफानी पारी खेली. दोनों के बीच 165 रन की साझेदारी हुई, और सिर्फ 19.4 ओवर में चार विकेट पर 204 रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया.
बता दें कि इसी के साथ RCB ने सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने की उपलब्धि अपने नाम की. यह पहली बार हुआ है जब किसी महिला टीम ने टी20 फाइनल में 175 से ज्यादा का टारगेट पूरा किया हो. हालांकि, इससे पहले RCB आईपीएल 2025 में गुजरात गुजरात जायंट्स के खिलाफ 202 रन का पीछा कर चुकी है.
स्मृति और जॉर्जिया वोल ने संभाला मोर्चा
फाइनल मुकाबले में आरसीबी कप्तान (Smriti Mandhana) तेज बुखार से तप रही थी. इसके बावजूद वह अपनी टीम के लिए खड़ी रही, और तूफानी बल्लेबाजी की. उनका साथ दिया ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर जॉर्जिया वोल ने. दोनों ने मिलकर दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों को धूल चटा दी. स्मृति मंधाना ट्रॉफी उठाने के साथ प्लेटर ऑफ द मैच भी रही. वहीं, RCB के कोच ने स्मृति मंधाना की तारीफ करते हुए कहा कि,
“वह अपनी बल्लेबाज़ी को लेकर बेहद गंभीर और सीखने वाली खिलाड़ी हैं. वह हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हैं. स्मृति लगातार मेहनत करती हैं और हाल ही में उन्होंने चीज़ों को पूरी तरह समझ लिया है.”
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RCB कोच ने बताया बुखार से तप रही थी कप्तान
RCB कोच मालोलन रंगराजन ने आगे कहा, “स्मृति ने अपनी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक फाइनल के लिए बचाकर रखी थी. वह पूरी तरह नियंत्रण में दिखीं. उन्होंने गेंद को बेहतरीन टाइमिंग से खेला और लक्ष्य इतना बड़ा लग ही नहीं रहा था.”
उन्होंने यह भी बताया कि, स्मृति मंधाना फाइनल मुकाबले में तेज़ बुखार और भारी फ्लू से जूझ रही थीं, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने मैदान पर इसका कोई असर नहीं दिखने दिया. कोच के अनुसार , जब उन्होंने स्मृति से पूछा तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा “कोई दिक्कत नहीं, मैं खेलूंगी.”
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