श्रेयस अय्यर के लिए खुले किस्मत के दरवाजे, अचानक वनडे टीम के चुने गए नए कप्तान
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Shreyas Iyer: भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज़ का आगाज़ 11 जनवरी से होने जा रहा है। इस सीरीज़ के लिए भारतीय टीम का ऐलान हो चुका है, जिसमें शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की वापसी हुई है।
दोनों खिलाड़ी पिछले कुछ समय से चोट के कारण मैदान से बाहर थे। इसी बीच, सीरीज़ से पहले श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) की किस्मत ने अचानक करवट ली है और उन्हें वनडे टीम का कप्तान चुना गया है।
अचानक वनडे टीम के कप्तान चुने गए Shreyas Iyer
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज़ में जहां शुभमन गिल की कप्तान के रूप में वापसी हुई है, वहीं दूसरी ओर घरेलू क्रिकेट में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान मुंबई टीम की कप्तानी की ज़िम्मेदारी श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को ऐसे अहम समय पर सौंपी गई है, जब टीम लीग चरण के निर्णायक मुकाबलों में उतरने वाली है।
शार्दुल ठाकुर के चोटिल होने के कारण यह बदलाव भले ही अचानक हुआ हो, लेकिन चयनकर्ताओं के लिहाज़ से इसे एक स्वाभाविक फैसला माना जा रहा है।
श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) लंबे समय से मुंबई क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं और बड़े मुकाबलों का उनका अनुभव उन्हें स्वाभाविक नेतृत्वकर्ता बनाता है। ग्रुप C में मुंबई की स्थिति मज़बूत बनी हुई है और अंतिम दो लीग मैचों में एक जीत भी टीम को नॉकआउट चरण के बेहद करीब पहुंचा सकती है।
फिटनेस टेस्ट और BCCI की शर्त
अय्यर की वापसी केवल घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज़ के लिए उनके चयन को फिटनेस क्लीयरेंस से जोड़ा है।
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हुआ उनका रिहैब और प्रैक्टिस मैचों में बिना परेशानी के प्रदर्शन इस ओर इशारा करता है कि चयनकर्ताओं का भरोसा गलत नहीं था।
यदि उन्हें पूरी तरह फिट घोषित किया जाता है, तो न केवल वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटेंगे, बल्कि मुंबई को नॉकआउट चरण में नए कप्तान की तलाश भी करनी पड़ेगी।
चोट से वापसी और मानसिक मजबूती
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर लगी तिल्ली की चोट और उसके बाद हुई सर्जरी ने अय्यर को लंबे समय तक मैदान से दूर रखा। इस ब्रेक ने उनके करियर की गति को थाम जरूर दिया, लेकिन इससे उनकी भूख कम नहीं हुई।
जयपुर में हुए ट्रेनिंग सेशन में तेज गेंदबाजों के खिलाफ सहज बल्लेबाजी, कैचिंग ड्रिल्स और स्प्रिंट्स में आत्मविश्वास यह दिखाता है कि वह सिर्फ फिट ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार हैं।
प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में तीन महीने बाद वापसी किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौती होती है, लेकिन अय्यर का अनुभव उन्हें बढ़त देता है।
वनडे टीम में भूमिका और आगे की राह
न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज़ अय्यर (Shreyas Iyer) के लिए दोहरी अहमियत रखती है। एक ओर यह उनकी अंतरराष्ट्रीय वापसी का मंच बन सकती है, तो दूसरी ओर यह उनके नेतृत्व कौशल को भी रेखांकित करेगी।
भारतीय वनडे टीम में उप-कप्तान के रूप में उनका चयन संकेत देता है कि टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य की योजनाओं में महत्वपूर्ण मानता है।
विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी और संभावित अंतरराष्ट्रीय वापसी , इन दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना अय्यर के करियर का अगला निर्णायक अध्याय साबित हो सकता है।
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