भारतीय क्रिकेट में आक्रामक ओपनिंग बल्लेबाज़ों की बात हो और शिखर धवन (Shikhar Dhawan) का ज़िक्र न हो, ऐसा संभव नहीं है। अपने बेखौफ अंदाज़, तेज़ स्ट्राइक रेट और बड़े मौकों पर धमाकेदार पारियों के लिए मशहूर शिखर धवन ने कई बार गेंदबाज़ों की धज्जियाँ उड़ाई हैं।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर होने के बावजूद उनकी एक पारी ऐसी है, जिसने उन्हें हमेशा के लिए रिकॉर्ड बुक में अमर कर दिया। यह वह मैच था, जब हर ओवर में चौके-छक्कों की बारिश हुई और वनडे क्रिकेट में 248 रन की ऐतिहासिक पारी खेली गई।
साल 2013 में भारत ए टीम साउथ अफ्रीका के दौरे पर ट्राई सीरीज़ खेलने पहुंची थी। इस टीम की कमान चेतेश्वर पुजारा के हाथों में थी और दौरे का मकसद युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के लिए तैयार करना था।
ओपनिंग की ज़िम्मेदारी शिखर धवन (Shikhar Dhawan) को मिली, जो उस समय शानदार फॉर्म में चल रहे थे। साउथ अफ्रीकी पिचें तेज़ गेंदबाज़ों के लिए जानी जाती हैं, लेकिन धवन ने शुरुआत से ही साफ संकेत दे दिया कि वह किसी दबाव में खेलने नहीं आए हैं।
धवन (Shikhar Dhawan) ने अपनी पारी की शुरुआत समझदारी के साथ की। शुरुआती ओवरों में उन्होंने गेंद को देखा, रन बनाए और सेट होने का पूरा समय लिया। लेकिन एक बार जब आंखें जम गईं, तो उनका असली अंदाज़ सामने आ गया।
कवर ड्राइव, पुल शॉट और लॉफ्टेड स्ट्रोक्स के ज़रिए उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बटोरे। अफ्रीकी गेंदबाज़ों की लाइन और लेंथ लगातार बिगड़ती गई और हर ओवर में दबाव बढ़ता चला गया।
इस मुकाबले में शिखर धवन (Shikhar Dhawan) ने सिर्फ 150 गेंदों में 248 रन ठोक दिए। उनकी इस पारी में 30 चौके और 7 छक्के शामिल थे, जबकि स्ट्राइक रेट 165 से ऊपर रहा। यह सिर्फ ताकत की नहीं, बल्कि बेहतरीन टाइमिंग और संतुलन की भी मिसाल थी।
धवन ने बड़े शॉट्स के साथ-साथ सिंगल और डबल लेकर स्ट्राइक रोटेशन भी बखूबी किया। यही वजह रही कि साउथ अफ्रीकी गेंदबाज़ों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नहीं था।
धवन की ऐतिहासिक पारी की बदौलत भारत ए टीम ने 50 ओवर में तीन विकेट खोकर 433 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। कप्तान चेतेश्वर पुजारा ने नाबाद 109 रन की जिम्मेदार पारी खेली, जबकि मुरली विजय ने 40 रन जोड़कर टीम को मज़बूती दी।
जवाब में साउथ अफ्रीका ए ने संघर्ष किया और 394 रन तक पहुंची, लेकिन लक्ष्य बहुत बड़ा था। भारतीय गेंदबाज़ों की वापसी के चलते मेजबान टीम 48.4 ओवर में ऑलआउट हो गई और भारत ए ने 39 रन से यादगार जीत दर्ज की।