"टीम इंडिया पर लानत है... " इस हरकत की वजह से पूर्व भारतीय चैंपियन का टीम पर फूटा गुस्सा, जमकर सुनाई खरी-खोटी
Published - 10 Mar 2026, 12:10 PM | Updated - 10 Mar 2026, 12:14 PM
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Team India: रविवार, 8 मार्च को भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर टी20 विश्व कप 2026 के खिताब पर कब्जा किया था। इस जीत ने पूरे भारत को झुमने पर मजबूर कर दिया था। प्रशंसक भारत की जीत पर खुशियां मना रहे थे, लेकिन ट्रॉफी जीते अभी दो दिन भी पूरे नहीं हुए कि टीम इंडिया (Team India) के पूर्व चैंपियन खिलाड़ी का गुस्सा कप्तान सूर्यकुमार यादव पर फूट पड़ा।
पूर्व खिलाड़ी ने एक हरकत पर टीम इंडिया (Team India) को जमकर खरी-खोटी सुनाई। जबकि क्रिकेट जगत में पूर्व खिलाड़ी के एक बयान ने सनसनी मचा दी है। क्रिकेक के गलियारों से लेकर राजनीतिक मंच तक हर जगह सिर्फ इसी खिलाड़ी के बयान की चर्चाएं हो रही हैं।
Team India पर क्यों भड़का पूर्व विश्व चैंपियन खिलाड़ी?
तीसरी बार टी20 विश्व कप जीतने पर एक तरफ जहां सभी लोग खुशियां मना रहे हैं तो दूसरी ओर 1983 विश्व विजेता टीम इंडिया (Team India) के सदस्य और टीमएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने वर्तमान भारतीय टीम से तीखे सवाल पूछे।
दरअसल, ट्रॉफी जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह ट्रॉफी को लेकर हनुमान जी के मंदिर में दर्शन करने के लिए गए थे, जो कि कीर्ति आजाद को बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। इस कदम पर पूर्व विश्व चैंपियन खिलाड़ी ने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई और सोशल मीडिया मंच के लिए टीम की कड़ी आलोचना की।
मस्जिद क्यों नहीं?-कीर्ति आजाद
कीर्ति आजाद को सूर्यकुमार यादव का ट्रॉफी लेकर हनुमान मंदिर जाना बिल्कुल भी पसंद नहीं आया। यही कारण है कि उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा-चौड़ा पोस्ट शेयर किया, जिसमें लिखा था कि
‘’मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? यह ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है, यह सिर्फ एक धर्म की विजय यात्रा नहीं होनी चाहिए।’’
कीर्ति आजाद ने टीम इंडिया (Team India) की इस हरकत को शर्मनाक बताया और एक खास धर्म को प्राथमिकता देने वाला भी कहा।
कीर्ति आजाद ने 1983 का दिया उदाहरण
क्रिकेट की पिच से राजनीति के मैदान पर आए कीर्ति आजाद ने सोशल मीडिया पर आगे लिखा कि ‘’जब कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम ने साल 1983 का विश्व कप जीता था, उस समय टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी धर्मों के खिलाड़ी शामिल थे। तब हम ये ट्रॉफी धार्मिक जन्म स्थान, हमारी भारत माता, भारत, हिंदूस्थान लेकर आए थे।’’
SHAME ON TEAM INDIA! 😡
— Kirti Azad (@KirtiAzaad) March 9, 2026
When we won the World Cup under Kapil Dev in 1983, we had Hindu Muslim Sikh and Christian in the team.
We brought the trophy to our religious birth place our motherland India Bharat Hindustan
Why The Hell Is The Indian Cricket Trophy is being Dragged.…
कीर्ति आजाद के इस बयान से साफ है कि जिस तरह सूर्यकुमार यादव और जय शाह ट्रॉफी को हनुमान जी के मंदिर लेकर गए थे, उन्हें वह बिल्कुल भी पसंद नहीं आया।
सूर्या-जय शाह के परिवार की नहीं ट्रॉफी-कीर्ति आजाद
टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने सूर्यकुमार यादव और आईसीसी अध्यक्ष जय शाह की कड़ी आलोचना करते हुए ये भी कहा कि
‘’यह टीम भारत (Team India) का प्रतिनिधित्व करती है, न कि सूर्यकुमार यादव या फिर जय शाह के परिवार का। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहने के बावजूद संजू सैमसन इस ट्रॉफी को लेकर चर्च नहीं गए और मोहमम्द सिराज न ही इसको लेकर मस्जिद पहुंचे’’
हालांकि, अब देखना होगा कि कप्तान सूर्यकुमार यादव या फिर जय शाह कीर्ति आजाद के इस तीखे बयान पर क्या पटलवार करते हैं या फिर कप्तान सूर्या इसपर चुप्पी साधे रहेंगे।
क्या राजनीति कर रहे हैं कीर्ति आजाद?
रविवार को ट्रॉफी जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव और जय शाह खिताब को लेकर हनुमान जी के मंदिर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने भगवान का आशीर्वाद लिया था। हालांकि, गौर करने वाली बात ये भी है कि कीर्ति आजाद का ये बयान उस समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में सिर्फ कुछ महीने शेष हैं।
ऐसे में टीमएमसी और भारतीय जनता पार्टी के बीच जुबानी जंग शुरू हो चुकी है। जहां टीएमसी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रही है तो दूसरी ओर बीजेपी इसे व्यक्तिगत और आस्था और शुभ कार्य के बाद भगवान का धन्यवाद करने की परंपरा बता रही है।
ऑथर के बारे में
क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह एक ऐसा जुनून है जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैं, अमन शर्मा, इस... रीड मोर