शाहिद अफरीदी ने याद किया 2011 का मोहाली सेमीफाइनल, बोले 'हम डर के मारे सहम गए थे....'
Published - 14 Mar 2026, 12:13 PM | Updated - 14 Mar 2026, 12:30 PM
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Shahid Afridi: 30 मार्च 2011 का दिन था, चारों तरफ से गूंजने की आवाज़ थी, मैदान के अंदर जो भी एंट्री कर रहा था शोर से सहम जा रहा था। यह कुछ और नहीं बल्कि भारत बनाम पाकिस्तान के बीच 2011 विश्व कप का सेमीफाइनल मुकाबला था। मोहाली में खेले जा रहे इस मैच की घटना को उजागर करते हुए पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) सहम गए। उन्होंने उस मुकाबले के दिन का मंजर बयां करते हुए कुछ ऐसा बयान दिया, जिसके बाद क्रिकेट फैंस भी हैरान हैं कि भारत में भी ऐसा हो सकता है!
Shahid Afridi के दावे से पहले की घटना

कुछ दिनों पहले की बात है, दो पड़ोसी मुल्क देश आपस में टी20 विश्व कप 2026 को लेकर उलझ रहे थे, एक-दूसरे की आलोचना करने में लगे थे, अपने-अपने देश के खिलाड़ी को महान बता रहे थे। अचानक से दिन आया 28 फरवरी 2026 का, पाकिस्तान ने श्रीलंका को 5 रनों से हरा दिया, लेकिन इस जीत के बावजूद भी पाकिस्तान सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका।
वजह थी पाकिस्तान टीम का न्यूजीलैंड से रन-रेट में नीचे रहना। इस हार के बाद पाकिस्तान सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गया। न्यूजीलैंड को साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेलने का मौका मिला और उसने साउथ अफ्रीका को बुरी तरह से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।
टी20 विश्व कप 2026 समाप्त हुआ, भारत ने आसानी से न्यूजीलैंड को हराकर ट्रॉफी अपने नाम की और नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। भारत पहली ऐसी टीम बनी जिसने तीन बार विश्व कप अपने नाम किया और लगातार दो बार आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप का खिताब जीता। यह थी कहानी की शुरुआत, अब आइए जानते हैं शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) को डर क्यों लगा।
Shahid Afridi ने क्या कहा?
पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi), जो काफी लंबे-लंबे छक्के लगाने के लिए जाने जाते थे, उन्होंने हाल ही में कुछ ऐसा बयान दिया है जिसको लेकर भारतीय दर्शक भी हैरान हैं और खुद की हरकत पर सोचने को मजबूर हैं कि क्या सच में भारतीय दर्शकों ने ही ऐसा किया था?
दरअसल, शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) ने हाल ही में 2011 में खेले गए विश्व कप के सेमीफाइनल को याद करते हुए खुलासा किया कि, "2011 के सेमीफाइनल में हमारी शुरुआत अच्छी थी, लेकिन जैसे ही पहला विकेट गिरा, स्टेडियम में मौजूद हजारों भारतीय दर्शकों के शोर ने मैच का माहौल पूरी तरह से बदल दिया, इससे हमारे खिलाड़ी डर गए।"
शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) ने कहा कि उस वक्त स्टेडियम का माहौल इतना दबाव भरा हो गया था कि कुछ पाकिस्तानी बल्लेबाज क्रीज पर जाते समय घबराहट महसूस कर रहे थे. हर गेंद पर शोर और दबाव के कारण बल्लेबाजों के लिए खेलना मुश्किल होता जा रहा था।
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भारत ने दूसरी बार विश्व कप जीत रचा था इतिहास
मैदान चारों ओर से गूंज रहा था, फाइनल का दिन था, वही ऐतिहासिक मैदान वानखेड़े स्टेडियम जो कई ट्रॉफियों की जीत का गवाह बन चुका था, अब मौका था 2011 विश्व कप का। कप्तानी की बागडोर एमएस धोनी के हाथों में थी।
श्रीलंका पहले बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी, उस वक्त के महान बल्लेबाजों में शुमार कुमार संगाकारा और महेला जयवर्धने मैदान में पारी संभालने आए। दोनों ही शानदार फॉर्म से गुजर रहे थे। जयवर्धने की 103 रनों की पारी ने भारत की नब्ज को कुछ वक्त के लिए थाम लिया था। जबकि कुमार संगाकारा ने 48 रन बनाए और थिसारा परेरा ने अंत में आकर ताबड़तोड़ 9 गेंदों में 22 रनों की पारी खेली, जिसकी मदद से श्रीलंका ने 50 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 274 रन बनाए।
भारतीय टीम 275 के लक्ष्य का पीछा करने उतरी और मैदान में पारी संभालने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग की जोड़ी आई। श्रीलंका की गेंदबाजी की कमान मलिंगा के हाथों में थी। मैच की दूसरी गेंद फेंकी गई, अचानक से मैदान में सन्नाटा छा गया, सभी हैरान थे, मानो अचानक से किसी को 'शूट एट साइट' कर दिया गया हो। पता चला कि वीरेंद्र सहवाग आउट हो गए। भारतीय फैंस के चेहरों पर एक ऐसा गहरा सदमा छाया मानो भारत मैच से बाहर हो गया हो।
भारत ने सातवें ओवर में सचिन तेंदुलकर का विकेट भी गंवा दिया, फिर तो मैदान में अलग ही मातम छा गया। इन सब के बाद मैदान में पारी को गौतम गंभीर, विराट कोहली और एमएस धोनी ने संभाला और अंत में शानदार छक्का लगाकर भारत ने 28 साल बाद फिर से इतिहास रचा।
खिलाड़ियों की आँखों में आँसू थे, हरभजन का वह रोना, युवराज की वह दहाड़, गंभीर की वह मिट्टी लगी जर्सी,सभी यादों के किस्सों में कैद हो गए। शाहिद अफरीदी (Shahid Afridi) इन सभी उपलब्धियों को बहाना नहीं दे सकते, उन्हें स्वीकारना होगा कि मेहनत से खेले गए क्रिकेट को किसी बहाने से नकारा नहीं जा सकता।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर