इधर संजू सैमसन का चल रहा फॉर्म खराब, उधर टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम में यशस्वी जायसवाल को मिल गई जगह
Published - 03 Feb 2026, 01:43 PM | Updated - 03 Feb 2026, 01:58 PM
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए आगामी टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी जोर-शोर से चल रही है, लेकिन खिलाड़ियों का मौजूदा प्रदर्शन चयनकर्ताओं की चिंता बढ़ा रहा है। जहां एक तरफ स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) का खराब फॉर्म थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं दूसरी ओर युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने घरेलू क्रिकेट में वापसी कर अपनी दावेदारी और मजबूत कर ली है। जायसवाल अब इस टीम में बहुत जल्द दिखने वाले हैं।
Sanju Samson के खराब फॉर्म से जूझ रहे
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के करीब आते ही भारतीय टीम के नीति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस रेस में सबसे बड़ा सवाल संजू सैमसन (Sanju Samson) के फॉर्म पर खड़ा हो रहा है।
सैमसन से उम्मीद थी कि वे मध्यक्रम में टीम को मजबूती देंगे, पिछले कुछ समय से रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके बल्ले से निरंतरता गायब है, जो टीम इंडिया के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिले मौकों को भुनाने में नाकाम रहने के कारण अब उनकी वर्ल्ड कप टीम में जगह खतरे में नजर आ रही है।
अगर सैमसन (Sanju Samson) जल्द ही अपनी फोर्म हासिल नहीं करते हैं, तो चयनकर्ता अन्य विकल्पों की ओर देख सकते हैं। क्रिकेट बाजार में यह चर्चा आम है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले फॉर्म का गिरना किसी भी खिलाड़ी के करियर के लिए घातक हो सकता है, और सैमसन के साथ भी फिलहाल यही होता दिख रहा है।
Sanju Samson संघर्ष कर रहे और जायसवाल की मुंबई में वापसी
एक तरफ जहां संजू सैमसन (Sanju Samson) संघर्ष कर रहे हैं, वहीं यशस्वी जायसवाल ने रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट मुकाबलों के लिए मुंबई की टीम में वापसी कर ली है। 6 फरवरी से कर्नाटक के खिलाफ होने वाले क्वार्टर फाइनल मैच के लिए जायसवाल को मुंबई के स्क्वाड में शामिल किया गया है।

जायसवाल का प्रथम श्रेणी क्रिकेट में रिकॉर्ड शानदार रहा है। उन्होंने 11 मैचों में 60.33 की औसत से 1,086 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे शतक जड़ने के बाद जायसवाल अब लाल गेंद के साथ अपनी फॉर्म को और मजबूत करना चाहेंगे।
टी20 वर्ल्ड कप से पहले जायसवाल का इस तरह से सक्रिय रहना और टीम में जगह बनाना भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए एक पॉजीटीव संकेत है। उनके पास न केवल आक्रामक बल्लेबाजी की क्षमता है, बल्कि वे पारी को संभालना भी जानते हैं।
शार्दुल की कप्तानी में मुंबई 43वां खिताब लेने उतरेगा
मुंबई की टीम ने कर्नाटक के खिलाफ होने वाले इस महत्वपूर्ण मुकाबले के लिए अपनी ताकत बढ़ा ली है। न केवल जायसवाल, बल्कि चोट के बाद वापसी कर रहे अनुभवी ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर को टीम की कमान सौंपी गई है। शार्दुल के आने से टीम का संतुलन और नेतृत्व दोनों मजबूत हुए हैं।
मुंबई की इस टीम में सरफराज खान, मुशीर खान और तुषार देशपांडे जैसे मैच जिताऊ खिलाड़ी शामिल हैं। मुंबई का लक्ष्य अपना रिकॉर्ड तोड़ 43वां रणजी खिताब जीतना है। मुंबई हमेसा से इस फोर्मेट में शानदार प्रदर्शन करता रहा है लेकिन कर्नाटक भी इस रेस में पीछे नहीं है।
जहां संजू सैमसन (Sanju Samson) जैसे अनुभवी खिलाड़ियों को अपनी तकनीक पर काम करने की जरूरत है, वहीं जायसवाल और शार्दुल जैसे खिलाड़ी घरेलू स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर वर्ल्ड कप के लिए अपना दावा ठोक रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि रणजी के इस महामुकाबले में जायसवाल का बल्ला कितनी आग उगलता है और क्या सैमसन वापसी कर पाते हैं।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर