सचिन तेंदुलकर बनाम विराट कोहली: दोनों में से कौन था टेस्ट का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज? जानें दोनों में किसके आंकड़े बेहतर
Published - 16 Jan 2026, 09:25 AM | Updated - 16 Jan 2026, 09:29 AM
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क्रिकेट के इतिहास में जब भी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज की बात होती है, तो भारत के दो महानतम सितारों की तुलना अनिवार्य हो जाती है। एक ओर क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर हैं, जिन्होंने दो दशकों से अधिक समय तक टेस्ट क्रिकेट पर राज किया तो वहीं दूसरी ओर आधुनिक युग के रन-मशीन विराट कोहली (Virat Kohli) हैं। इन दोनों दिग्गजों ने अपने बल्ले से टेस्ट क्रिकेट की परिभाषा को बदला है। हालांकि, जब बात रेड-बॉल क्रिकेट की आती है, तो आंकड़ों और प्रभाव के नजरिए से 'सर्वश्रेष्ठ' का चुनाव करना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
सचिन तेंदुलकर के नाम रनों और शतकों का अंबार
आंकड़ों के लिहाज से सचिन तेंदुलकर का टेस्ट करियर किसी कविता की तरह है। सचिन ने 200 टेस्ट मैचों की 329 पारियों में 53.78 की औसत से रिकॉर्ड 15,921 रन बनाए हैं, जिसमें 51 शतक और 68 अर्धशतक शामिल हैं। इसके विपरीत विराट कोहली (Virat Kohli) ने जनवरी 2026 तक 123 टेस्ट मैचों में 46.85 की औसत से 9,230 रन बनाए हैं, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक दर्ज हैं।
सचिन ने टेस्ट क्रिकेट में रनों और शतकों का वह पहाड़ खड़ा किया है जिसे छूना फिलहाल किसी भी सक्रिय खिलाड़ी के लिए असंभव लगता है। हालांकि विराट कोहली (Virat Kohli) के नाम टेस्ट में 7 दोहरे शतक हैं, जबकि सचिन के नाम 6 दोहरे शतक हैं। यहाँ कोहली का कन्वर्जन रेट काफी प्रभावशाली नजर आता है।
विदेशी धरती पर Virat Kohli या सचिन का प्रदर्शन बेहतर ?
एक टेस्ट बल्लेबाज की असली परीक्षा दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी कठिन परिस्थितियों में होती है। सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में विदेशी धरती पर 54.75 की औसत से 8,705 रन बनाए और 29 शतक जड़े। वह दुनिया के उन चुनिंदा बल्लेबाजों में से हैं जिन्होंने हर टेस्ट खेलने वाले देश में शतक लगाया है। विराट कोहली (Virat Kohli) का भी विदेशी रिकॉर्ड शानदार रहा है, विशेषकर 2014 और 2018 के ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड दौरे उनके करियर के मील के पत्थर हैं।
हालांकि, पिछले कुछ सालों में कोहली के औसत में गिरावट आई है, जिससे उनका ओवरऑल टेस्ट औसत 50 से नीचे गिर गया है। वहीं, सचिन ने अपने 200वें टेस्ट तक अपने औसत को 53 के ऊपर बनाए रखा, जो उनकी बेमिसाल निरंतरता को दर्शाता है।
विदेशी धरती पर Virat Kohli का दबदबा
तुलना का एक महत्वपूर्ण पहलू मैच विनिंग प्रभाव भी है। विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व में भारतीय टेस्ट टीम ने विदेशी धरती पर जीतना सीखा और वह 40 टेस्ट मैच जीतकर भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने। बतौर कप्तान कोहली का बल्लेबाजी औसत 54.80 रहा है, जो दर्शाता है कि उन्होंने जिम्मेदारी के साथ बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, सचिन तेंदुलकर ने उस दौर में बल्लेबाजी की जब भारतीय टीम का पूरा बोझ अक्सर अकेले उनके कंधों पर होता था।
सचिन ने वसीम अकरम, ग्लेन मैक्ग्रा और शेन वॉर्न जैसे दिग्गजों का सामना किया। निष्कर्ष के तौर पर देखा जाए तो, रनों की ललख और कप्तानी के मामले में कोहली बेजोड़ हैं, लेकिन लंबी पारी खेलने की क्षमता, तकनीक और करियर की लंबी अवधि तक निरंतर रहने के मामले में सचिन तेंदुलकर आज भी टेस्ट क्रिकेट के गोल्ड स्टैंडर्ड माने जाते हैं।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर