रोहित शर्मा या विराट कोहली? कौन था टेस्ट क्रिकेट में भारत का सर्वश्रेष्ठ कप्तान, ये आंकड़े देखकर आपको खुद मिलेगा जवाब
Published - 30 Jan 2026, 05:12 PM | Updated - 30 Jan 2026, 05:18 PM
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भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी टेस्ट कप्तानी की बात होगी, तो दो नाम को क्रिकेट फैंस याद रखेंगे। विराट कोहली और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भारत के दो महान खिलाड़ियों की जोड़ी में से एक हैं।
विराट ने जहाँ भारतीय टेस्ट टीम को एक नई आक्रामकता दी और विदेशी धरती पर जीतना सिखाया, वहीं रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने अपनी शांत और चालाक रणनीति से टीम को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुँचाया। लेकिन जब बात सर्वश्रेष्ठ कप्तान की बात आती है, तो राय बंट जाती है।
टेस्ट क्रिकेट की कप्तानी में विराट बेस्ट या Rohit Sharma ?
विराट कोहली के टेस्ट कप्तानी के आंकड़ों पर नजर डालें तो वे किसी भी भारतीय कप्तान के मुकाबले ज्यादा आगे नजर आते हैं। विराट कोहली ने कुल 68 टेस्ट मैचों में टीम इंडिया की कमान संभाली है, जिसमें से भारत ने 40 मैचों में जीत दर्ज की और केवल 17 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
उनका जीत का प्रतिशत 58.82% रहा, जो भारत के लिए एक सबसे अच्छा रिकॉर्ड है। कोहली की सबसे बड़ी उपलब्धि 2018-19 के दौरान ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतना रहा है और टीम इंडिया को लगातार 5 साल तक आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में नंबर एक बनाए रखना था। उन्होंने पेस अटैक को जो मजबूती दी, उसने भारत को अपने घर का शेर वाली कहावत के ठप्पे से बाहर निकाला। हालांकि विराट के इस कारनामें को क्रिकेट जगत में अब भी याद रखते हैं।
कप्तान के तौर पर कोहली ने 20 शतक भी जड़े, जो दर्शाता है कि कप्तानी के दबाव में उनकी बल्लेबाजी और निखर कर सामने आई थी। हालांकि मौजूदा वक्त में भारत अपने घर में भी टेस्ट सीरीज जीतने में नाकाम रही है। रोहित शर्मा (Rohit Sharma)और विराट कोहली अपनी कप्तानी में भारतीय टीम को अलग पहचान दिलाने में कामयाब हुए थे।
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Rohit Sharma का दौर विराट से अलग
विराट कोहली के अचानक कप्तानी छोड़ने के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने 2022 में टेस्ट टीम की कमान संभाली थी। रोहित का कप्तानी अंदाज विराट से बिल्कुल अलग रहा है। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों को आजादी देने और शांत रहकर फैसले लेने पर जोर दिया था जबकि विराट खिलाड़ीयों में आक्रमक शेली कहे या नीडरता लाए थे।
आंकड़ों की बात करें तो रोहित ने अब तक लगभग 24 टेस्ट मैचों में कप्तानी की है। जिसमें भारत ने 12 में जीत हासिल की और 9 में हार झेली। उनका विनिंग पर्सेंटेज 50% के आसपास रहा है। हालाँकि, रोहित के लिए चुनौतियां अलग थीं। उन्होंने एक ट्रांजिशन फेज में टीम को संभाला जहाँ पुजारा और रहाणे जैसे दिग्गज बाहर हो रहे थे।
रोहित की कप्तानी में भारत ने घरेलू मैदानों पर अपना दबदबा कायम रखा और 2023 के WTC फाइनल में जगह बनाई। रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने बतौर कप्तान बल्ले से भी योगदान दिया, लेकिन विदेशी परिस्थितियों में उनके आंकड़े कोहली जितने प्रभावशाली नहीं रहे। रोहित बतौर कप्तान टीम में एक अलग सकारात्मक माहौल बनाए थे।
सेना देश में कौन बेहतर?
जब हम घर और बाहर के आंकड़ों की तुलना करते हैं, तो तस्वीर और साफ हो जाती है बाहरी देशों में हम सेना कंट्री की बात करता हैं। विराट कोहली ने घर पर 31 मैचों में कप्तानी की और 24 जीते, जबकि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने घर पर 14 मैचों में से 10 जीते हैं। लेकिन असली अंतर विदेशी दौरों पर दिखता है।
कोहली ने दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में 7 टेस्ट मैच जीते, जो किसी भी भारतीय कप्तान के लिए सबसे ज्यादा है। दूसरी ओर, रोहित ने सेना देशों में अब तक 4 मैचों में कप्तानी की है और केवल 1 जीत केपटाउन, 2024 में नसीब हुई है।
रन बनाने के मामले में भी कोहली का औसत 54.80 रहा है। बतौर कप्तान रोहित का औसत 32.42 से काफी आगे हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि जहाँ रोहित एक बेहतरीन स्ट्रेटेजीस्ट हैं, वहीं टेस्ट क्रिकेट के बड़े मंच और विदेशी परिस्थितियों में विराट कोहली का इम्पैक्ट ज्यादा प्रभावशाली है।
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