रविचंद्रन अश्विन ने टीम ओनर्स को दिया बड़ा सुझाव, बोले 'खराब प्रदर्शन पर काटों खिलाड़ियों के पैसे...'
Published - 23 Mar 2026, 09:06 AM | Updated - 23 Mar 2026, 09:29 AM
भारतीय टीम के दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) अपने बेबाक बयानों और क्रिकेट के प्रति अपनी गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने आईपीएल 2026 से पहले एक ऐसा सुझाव दिया है जिसने खिलाड़ीयों के बीच हलचल मचा दी है। अश्विन का मानना है कि यदि कोई खिलाड़ी अपनी भारी-भरकम फीस के अनुरूप प्रदर्शन नहीं करता या वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण अपनी भूमिका पूरी नहीं निभा पाता, तो फ्रेंचाइजी को उसकी सैलरी काटने का अधिकार होना चाहिए।
Ravichandran Ashwin ने कैमरून ग्रीन का उदाहरण दिया

रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत करते हुए कोलकाता नाइट राइडर्स के सबसे महंगे खिलाड़ी कैमरून ग्रीन का उदाहरण दिया।
ग्रीन को आईपीएल 2026 की नीलामी में KKR ने 25.2 करोड़ रुपये की ऐतिहासिक बोली लगाकर खरीदा है। अश्विन ने सवाल उठाया कि यदि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया वर्कलोड मैनेजमेंट के नाम पर ग्रीन को पूरे चार ओवर गेंदबाजी करने से रोकता है,
तो क्या उन्हें पूरी फीस मिलनी चाहिए? अश्विन के अनुसार, जब किसी खिलाड़ी को ऑलराउंडर के तौर पर इतनी बड़ी रकम दी जाती है, तो उससे बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों की उम्मीद होती है।
फ्रेंचाइजी मालिकों के हक में उठाई आवाज
अश्विन ने कहा कि आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिक खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च करते हैं। उन्होंने शाहरुख खान का उदाहरण देते हुए कहा कि कल्पना कीजिए कि आप शाहरुख खान हैं और आपने किसी खिलाड़ी को 25 करोड़ रुपये दिए हैं।
लेकिन वह खिलाड़ी मैदान पर आकर कहे कि वह सिर्फ एक ओवर फेंकेगा या केवल 10 गेंदें डालेगा, तो आपको कैसा लगेगा? रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) का तर्क है कि यदि खिलाड़ी अपनी रोल को पूरी तरह से निभाने में असमर्थ है, तो अनुबंध राशि में से कटौती का प्रावधान होना चाहिए। इससे टीमों को वित्तीय नुकसान से बचने में मदद मिलेगी।
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वर्कलोड मैनेजमेंट का आईपीएल से टकराव ?
पिछले कुछ समय से विदेशी बोर्ड्स, खासकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड, अपने खिलाड़ियों के वर्कलोड को लेकर काफी सख्त रहे हैं। रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने इसी मुद्दे को केंद्र में रखा है।
ग्रीन हाल ही में पीठ की चोट से उभरे हैं और एशेज व टी20 वर्ल्ड कप में उनका गेंदबाजी कोटा काफी सीमित रहा है। अश्विन (Ravichandran Ashwin) का मानना है कि यदि कोई खिलाड़ी अपनी नेशनल ड्यूटी या फिटनेस के कारण आईपीएल में अपनी पूरी क्षमता से योगदान नहीं दे पाता,
तो इसका खामियाजा फ्रेंचाइजी को क्यों भुगतना पड़े? उनके इस बयान ने अब आईपीएल अनुबंधों की शर्तों पर एक नई विवाद पैदा कर दी है।
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