IPL के आगे फीका पड़ा PSL! शोएब अख्तर का छलका दर्द, गिड़गिड़ाते हुए बोले 'हमारा पीएसएल बंद हो जायेगा....'
Published - 23 Mar 2026, 01:02 PM | Updated - 23 Mar 2026, 01:14 PM
दुनियाभर की क्रिकेट लीग्स में इस वक्त इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का डंका बज रहा है। आईपीएल की चकाचौंध और भारी-भरकम पैसे के आगे दुनिया की बाकी टी20 लीग्स संघर्ष करती नजर आ रही हैं।
इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट के दिग्गज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने पाकिस्तान सुपर लीग के भविष्य को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला बयान दिया है। शोएब (Shoaib Akhtar) को डर है कि विदेशी खिलाड़ियों का पीएसएल छोड़कर आईपीएल की ओर रुख करना पाकिस्तान के क्रिकेट ढांचे को तबाह कर सकता है।
पीएसएल को लेकर Shoaib Akhtar का छलका दर्द

शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने हाल ही में एक चर्चा के दौरान अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि पीएसएल का अस्तित्व खतरे में है। उनका मानना है कि अगर विदेशी खिलाड़ी इसी तरह पीएसएल को नजरअंदाज कर आईपीएल को प्राथमिकता देते रहे, तो पीएसएल की अहमियत पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
शोएब के मुताबिक, पीएसएल की सफलता का सारा दारोमदार उन अंतरराष्ट्रीय सितारों पर है जो लीग में चमक पैदा करते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आईपीएल की तुलना में पीएसएल की इनामी राशि और खिलाड़ियों की फीस काफी कम है, जिस कारण बड़े खिलाड़ी पाकिस्तान आने से कतराने लगे हैं।
अख्तर ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि यदि पीएसएल के पास केवल स्थानीय खिलाड़ी ही रह जाएंगे, तो इसकी स्थिति किसी घरेलू टूर्नामेंट जैसी हो जाएगी। दर्शक विदेशी सितारों की भिड़ंत देखने के लिए स्टेडियम आते हैं, न कि सिर्फ स्थानीय स्तर की क्रिकेट देखने।
जिम्बाब्वे की स्थानीय टीम से की तुलना
अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने-जाने वाले शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने पीएसएल की तुलना जिम्बाब्वे की स्थानीय टीम से कर डाली। उन्होंने कहा कि अगर बड़े विदेशी खिलाड़ी पीएसएल छोड़कर आईपीएल में शामिल हो रहे हैं, तो वह दिन दूर नहीं जब हमारा पीएसएल बंद हो जाएगा।
कोई भी जिम्बाब्वे जैसी स्थानीय टीम का मुकाबला देखना पसंद नहीं करेगा। शोएब का इशारा साफ था कि बिना विदेशी खिलाड़ियों के पीएसएल का स्तर इतना गिर जाएगा कि उसे कोई दर्शक नहीं मिलेगा।
अख्तर (Shoaib Akhtar) का यह बयान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के लिए एक बड़ा झटका है। वह अक्सर पीसीबी की नीतियों और लीग के मैनेजमेंट पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका मानना है कि जब तक पीएसएल आर्थिक रूप से आईपीएल को टक्कर देने की स्थिति में नहीं आता, तब तक खिलाड़ियों का पलायन रोकना नामुमकिन है।
विदेशी खिलाड़ी आईपीएल में शिफ्ट हो रहे
आईपीएल और पीएसएल के बीच की खाई लगातार बढ़ती जा रही है। हाल ही में दशुन शनाका पीएसएल छोड़कर आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स में सेम करन के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल हुए हैं जिसके बाद ये बयान आया है। इससे पहले जिम्बावे के स्टार पेसर ब्लेसिंग मुजरबानी भी पीएसएल छोड़ केकेआर में शामिल हुए थे।
शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) जानते हैं कि आईपीएल न केवल दुनिया की सबसे अमीर लीग है, बल्कि इसका विंडो भी इतना बड़ा है कि उस दौरान कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं होता।
ऐसे में खिलाड़ी अपने भविष्य और कमाई के लिए आईपीएल को ही चुनते हैं। पीएसएल के साथ समस्या यह है कि इसकी टाइमिंग अक्सर अन्य अंतरराष्ट्रीय सीरीज या लीग्स से टकराती है, जिससे विदेशी खिलाड़ी नाम वापस ले लेते हैं।
शोएब ने अंत में यह भी स्पष्ट किया कि अगर पाकिस्तान को अपनी लीग बचानी है, तो उसे अपनी ब्रांड वैल्यू और खिलाड़ियों के पे-स्ट्रक्चर पर काम करना होगा। वरना पीएसएल केवल पाकिस्तान के घरेलू खिलाड़ियों का एक जमावड़ा बनकर रह जाएगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई गंभीरता से नहीं लेगा।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर