6,6,6,6,4,4,4,4,4.... पृथ्वी शॉ ने अपनी बल्लेबाजी से हिलाई दुनिया, रणजी में खेल डाली 379 रन की बेमिसाल पारी
Published - 04 Jan 2026, 03:28 PM | Updated - 04 Jan 2026, 03:32 PM
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Prithvi Shaw: भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने भारत के लिए अक्टूबर 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था और पहले ही मैच की पहली पारी में उन्होंने 134 रन की शानदार पारी खेली थी। शॉ को उस वक्त सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग का कॉम्बिनेशन माना जा रहा था, लेकिन 25 जुलाई 2021 के बाद ये खिलाड़ी दोबारा इंटरनेशनल क्रिकेट में नजर नहीं आया है।
हालांकि, शॉ (Prithvi Shaw) अभी भी वापसी के लिए कड़ी मेहनत रह रहे हैं और इसी के चलते उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 379 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। शॉ ने यह पारी मुंबई की ओर से खेलते हुए खेली थी, जिसमें उन्होंने संघर्ष और आक्रमता दोनों की झलक दिखाई थी।
गुवाहाटी में आया दिखा पृथ्वी का शॉ
पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने जिस मैच में 379 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी, वह मैच 10-13 जनवरी 2023 को गुवाहाटी में खेला गया था। एलीट ग्रुप बी के इस मैच में मुंबई का सामना असम से हो रहा था, जिसमें असम की कप्तानी कर रहे गोकुल शर्मा ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया।
यह फैसला न सिर्फ असम के लिए भारी पड़ा, बल्कि उनके गेंदबाजों को भी पहली पारी में कुल 138.4 ओवर की गेंदबाजी करनी पड़ी, जब तक की मुंबई ने अपनी पारी को घोषित नहीं कर दिया। लेकिन इस मैच में पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) का बल्ला असम के गेंदबाजों पर जमकर बोला।
शॉ ने बनाए 379 रन

टॉस गंवाकर पहले बैटिंग करने उतरी मुंबई को सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ और मुशीर खान ने बल्ले से धमाकेदार शुरुआत दी। दोनों ने पहले विकेट के लिए 123 रन की शतकीय साझेदारी की, लेकिन असली महफिल पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने लुटी।
शॉ ने इस मैच में 383 गेंदों पर अविश्वसनीय 379 रन की पारी खेली। इस दौरान उनके बल्ले से 49 चौके और 4 छक्के देखने को मिले। यानी शॉ ने न सिर्फ ग्राउंड शॉट्स अधिक खेले, बल्कि वह बल्लेबाजी के दौरान काफी संतुलन में भी नजर आएं और इसकी का फायदा उन्हें मिला भी।
Prithvi Shaw ने रच दिया इतिहास
इस मैच में शॉ के पास 400 रन का आंकड़ा छूने का शानदार मौका था, लेकिन वह इससे चूक गए। शॉ दूसरे दिन लंच से पहले आखिरी ओवर में रियान पराग की गेंद पर पगबाधा (LBW) हो गए, जिसके कारण वह 400 के आंकड़े से 21 रन पीछे रह गए।
हालांकि, वह भारत के लिए रणजी ट्रॉफी में सर्वाधिक व्यक्ति स्कोर बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं और भारतीय बल्लेबाज द्वारा प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची मे दूसरे नंबर पर हैं।
इस लिस्ट में महाराष्ट्र के पूर्व बल्लेबाज भाऊसाहेब निंबालकर ने 1948 में काठियावाड़ के खिलाफ नाबाद 443 रन की पारी खेली थी, जो कि रणजी इतिहास में सबसे बड़ी पारी है। यह रिकॉर्ड भी पहाड़ की चट्टान की तरह कायम है। जबकि शॉ इस रिकॉर्ड के करीब पहुंचकर भी इसे हासिल करने से चूक गए।
मुंबई ने जीता मैच
मुंबई ने पहले बैटिंग करते हुए पहली पारी में पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) के 379 रनों की मदद से स्कोर बोर्ड पर 687/4 रन लगाकर पारी को घोषित कर दिया था। मुंबई की ओर से जहां शॉ ने तिहरा शतक जड़ा था तो कप्तान रहाणे ने 191 रन की शानदार पारी खेली थी।
वहीं, असम ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 370 रन पर ढेर हो गया था। जबकि असम के सभी बल्लेबाज मिलकर शॉ के 379 रन के व्यक्तिगत स्कोर को भी पार नहीं कर सके। वहीं, असम दूसरी पारी में सिर्फ 189 रन ही बना सका और मैच को पारी और 128 रन से हार गया।
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क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह एक ऐसा जुनून है जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैं, अमन शर्मा, इस... रीड मोर