कोहली युग में पैदा होने की सजा भुगत रहा ये खिलाड़ी, विराट के चलते भारत की ODI टीम में नहीं मिल पाती जगह

Published - 27 Dec 2025, 10:11 AM | Updated - 27 Dec 2025, 10:16 AM

Virat Kohli

Virat Kohli: भारत के महानतम आधुनिक बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली के दबदबे वाले दौर में जन्मे इस बेहतरीन खिलाड़ी को वनडे में मौके कम मिले हैं या यूं कहें कि Virat Kohli युग में पैदा होने की यह खिलाड़ी सजा भुगत रहा है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अपनी आक्रामक काबिलियत साबित करने के बाद भी, वह भारत की 50 ओवर की टीम में स्थायी जगह बनाने के लिए संघर्ष करता रहा है। इसका कारण टैलेंट या प्रभाव की कमी नहीं है, बल्कि टीम में Virat Kohli का दबदबा रहा। आइए जानते हैं कौन है यह दुर्भाग्यशाली खिलाड़ी...

Virat Kohli युग में पैदा होने वाला दुर्भाग्यशाली खिलाड़ी

दरअसल, हम जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं वो कोई और नहीं बल्कि ईशान किशन हैं, ईशान वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे खतरनाक युवा विकेटकीपर-बल्लेबाजों में से एक बनकर उभरे हैं।

सिर्फ 27 मैचों में, उन्होंने 42.40 की शानदार औसत से 933 रन बनाए हैं, जबकि उनका स्ट्राइक रेट 102.19 का रहा है। ये आंकड़े न केवल उनके आक्रामक इरादे को दिखाते हैं, बल्कि उच्चतम स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता को भी दर्शाते हैं।

20 साल की उम्र के मध्य में होने के बावजूद, ये आंकड़े उनकी उल्लेखनीय परिपक्वता और आत्मविश्वास को दर्शाते हैं, बस उनकी एक गलती है कि वह Virat Kohli युग में पैदा हो गए हैं।

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बांग्लादेश के ऐतिहासीक शतक

किशन के करियर का सबसे अहम पल दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ आया, जब उन्होंने वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया।

सिर्फ 126 गेंदों में 200 रन बनाकर, उन्होंने जबरदस्त पावर, निडर स्ट्रोक प्ले और गेंदबाजों पर बेहतरीन कंट्रोल दिखाया।

इस पारी ने तुरंत विश्व क्रिकेट में उनका कद बढ़ा दिया और भारत की वनडे योजनाओं में एक लंबे समय के एसेट के रूप में उनकी क्षमता को उजागर किया। यह सिर्फ़ एक बड़ा स्कोर नहीं था, बल्कि एक इरादे का बयान था।

दमदार प्रदर्शन से जीता सबका दिल

उस यादगार पारी के अलावा, किशन ने भारत के लिए कई प्रभावशाली शुरुआत दी हैं। उनके नाम एक शतक और सात अर्धशतक हैं, और उन्होंने अक्सर टॉप ऑर्डर में गति प्रदान की है।

उनका महत्व स्टंप के पीछे भी है, जिसमें 13 कैच और दो स्टंपिंग शामिल हैं, जो एक भरोसेमंद दोहरी भूमिका वाले खिलाड़ी के रूप में उनकी स्थिति को मज़बूत करता है।

उनकी एथलेटिक क्षमता और तेज रिफ्लेक्स टीम को संतुलन देते हैं, खासकर लिमिटेड-ओवर्स क्रिकेट में।

प्रतिस्पर्धी दौर में सीमित मौके

अपनी काबिलियत के बावजूद, किशन को Virat Kohli युग में नियमित मौके मिलना मुश्किल रहा है, जिसका मुख्य कारण कोहली के दौर में सीनियर बल्लेबाजों का दबदबा और वनडे में भारत की पसंदीदा स्थिरता थी।

2023 ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप टीम में उनका शामिल होना, जहां उन्होंने दो मैच खेले, टीम मैनेजमेंट का उनकी काबिलियत पर भरोसे का संकेत था। हालांकि, इस दौरान उन्हें एक बार भी प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिला।

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Akash R.

Akash R. - करीब दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कागज-कलम से शुरू हुआ उनका सफर अब कम्प्यूटर-कीबो... रीड मोर

बांग्लादेश के खिलाफ 2022 में

126 गेंद में
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