मैच बॉयकॉट करने पर पाकिस्तान की बढ़ी मुसीबत, ICC-BCCI को नहीं बल्कि इन्हें देने पड़ेंगे 321 करोड़ रूपये

Published - 05 Feb 2026, 01:20 PM | Updated - 06 Feb 2026, 01:01 PM

Pakistan

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का मैदान हमेशा से जंग के मैदान जैसा रहा है। लेकिन इस बार ये जंग पिच पर नहीं बल्कि कागजों और करोड़ों रुपयों के खेल में उलझ गई है। पाकिस्तान (Pakistan) सरकार द्वारा टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खिलाफ मैच के बॉयकॉट के फैसले ने पूरे क्रिकेट जगत को असमंजस में डाल दिया है। जहाँ एक तरफ पाकिस्तान इसे अपना स्वाभिमान बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसके ऊपर अब आर्थिक तबाही का खतरा मंडराने लगा है।

मैच बॉयकॉट करना Pakistan को पड़ेगा महंगा

पाकिस्तान (Pakistan) क्रिकेट टीम के लिए भारत के खिलाफ मैच छोड़ना अब उनके गले की फांस बनता जा रहा है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान द्वारा 15 फरवरी को होने वाले महामुकाबले से पीछे हटने की स्थिति में ब्रॉडकास्टर्स जीयोस्टार और स्टार स्पोर्ट्स को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

इस एक मैच की एड वैल्यू और स्पॉन्सरशिप इतनी ज्यादा है कि ब्रॉडकास्टर्स ने अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि पाकिस्तान को यह हर्जाना आईसीसी या बीसीसीआई को नहीं, बल्कि सीधे तौर पर टूर्नामेंट के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर्स को देना पड़ सकता है, जो करीब 321 करोड़ रुपये यानी 38-39 मिलियन डॉलर के आसपास बताया जा रहा है।

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321 करोड़ का जुर्माना भरना पड़ सकता है पाकिस्तान को

PAK

पाकिस्तान (Pakistan) के इस फैसले से सबसे ज्यादा नाखुश टी20 वर्ल्ड कप के ब्रॉडकास्टर्स हैं। दरअसल, आईसीसी का पूरा रेवेन्यू मॉडल भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैचों पर टिका होता है। ब्रॉडकास्टर्स ने करोड़ों रुपये के विज्ञापन पहले ही बेच दिए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत-पाक मैच के दौरान 10 सेकंड के विज्ञापन की कीमत 40 से 50 लाख रुपये तक होती है।

यदि पाकिस्तान मैच खेलने से मना करता है, तो ब्रॉडकास्टर्स को विज्ञापनों और स्पॉन्सरशिप से होने वाली भारी कमाई का नुकसान होगा। इसी नुकसान की भरपाई के लिए ब्रॉडकास्टर्स अब ब्रीच ऑफ कॉन्ट्रैक्ट यानी अनुबंध के उल्लंघन के तहत पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) पर 321 करोड़ रुपये का मुकदमा करने की तैयारी में हैं। यह रकम इतनी बड़ी है कि पाकिस्तान के सालाना क्रिकेट बजट का एक बड़ा हिस्सा इसमें जा सकता है।

आईसीसी रेवेन्यू देने से कर सकता है इनकार

पाकिस्तान (Pakistan) की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं दिख रही है। आईसीसी ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाने की योजना बना रही है। नियमों के मुताबिक किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट में भाग लेने वाली टीम को मेंबर पार्टिसिपेशन एग्रीमेंट (MPA) पर हस्ताक्षर करने होते हैं। इस समझौते के तहत कोई भी टीम बिना किसी वैध कारण के मैच खेलने से इनकार नहीं कर सकती।

चूंकि पाकिस्तान का बॉयकॉट राजनीतिक बताया जा रहा है, इसलिए आईसीसी पाकिस्तान (Pakistan) को मिलने वाले सालाना रेवेन्यू जो लगभग 316-320 करोड़ रुपये होता है, उसे रोका जा सकता है। आईसीसी इसी रोकी गई राशि का इस्तेमाल ब्रॉडकास्टर्स के नुकसान की भरपाई के लिए कर सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो पाकिस्तान क्रिकेट के पास घरेलू टूर्नामेंट आयोजित करने और खिलाड़ियों को सैलरी देने के लिए भी पैसे नहीं बचेंगे।

पाकिस्तान (Pakistan) के इस फैसले का असर केवल पैसों तक सीमित नहीं रहेगा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट जगत में पाकिस्तान की साख पर गहरा धक्का लगा है। यदि पाकिस्तान (Pakistan) अपनी जिद पर अड़ा रहता है, तो अन्य सदस्य देश भी पाकिस्तान के साथ बाईलेटरल सीरीज खेलने से कतरा सकते हैं। श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे देशों के बोर्ड भी इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए हैं।

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Sourabh Kumar

सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर

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