धोनी पर टूटा मुसीबतों का पहाड़, इनके दो फ्लैट होने जा रहे हैं नीलाम

Published - 18 Jun 2018, 09:21 AM

खिलाड़ी

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के दो फ्लैट लोन भरपाई न होने की वजह से नीलाम होने जा रहे हैं. जिससे धोनी के ऊपर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है. दरअसल, झारखंड के डोरंडा में उनकी संपत्ति नीलाम हो सकती है. अगर ऐसा हुआ तो महेंद्र सिंह धोनी को काफी नुकसान हो सकता है. स्थानीय मीडिया के अनुसार शहर में होटल युवराज के पास शिवम प्लाजा नाम की बिल्डिंग में धोनी ने तीन फ्लोर खरीदे थे. ये बिल्डिंग वहां के जाने माने बिल्डर दुर्गा डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड बनवा रही थी.

दुर्गा डेवलपर्स ने इसे बनाने के लिए हुडको से 12 करोड़ 95 लाख रुपये लोन लिए थे. इस बिल्डिंग को 10 माले का बनना था. काम चल ही रहा था कि जमीन मालिक से दुर्गा डेवलपर्स का विवाद हो गया. इस कारण 6 करोड़ देने के बाद हुडको ने दुर्गा डेवलपर्स के लोन का बाकी हिस्सा रोक दिया. 6 मंजिल तक बनने के बाद ही बिल्डिंग का काम रुक गया. लोन चुकाने में देरी के कारण हुडको ने कंपनी को डिफॉल्टर घोषित कर दिया.

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो हुडको ने शिवम प्लाजा की नीलामी की तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए भवन परिसंपत्ति का दो बार मूल्यांकन अलग-अलग कराया गया है. इलाहाबाद स्थित कर्ज वसूली अपीलीय न्यायाधिकरण में नीलाम की आधार राशि तय करने की अपील की है. न्यायाधिकरण की ओर से छह करोड़ कर्ज की राशि के लिए उचित सूद और हर्जाने की राशि के मुताबिक नीलाम की आधार राशि तय होगी. नीलामी से मिली राशि में से इतना हुडको अपने खाते में ले लेगा. नीलामी लोन वाली पूरी परियोजना यानी बिल्डिंग की होगी. यानी उसमें बिक चुके फ्लैट भी इसमें शामिल होंगे.

लोकल मीडिया से बात करते हुए दुर्गा डेवलपर्स ने बताया कि, धोनी ने शिवम प्लाजा में तीन फ्लोर लिए थे। दो फ्लोर हमने दूसरी परियोजना में शिफ्ट कर दिए। डेढ़ करोड़ देकर भाई के नाम से लिया गया ग्राउंड फ्लोर वहीं है। इसमें हमारी गलती नहीं है। हुडको अधिकारियों की साजिश के कारण ये प्रोजेक्ट डेड हुआ है। हमने छह करोड़ में से तीन करोड़ चुका दिए हैं, इसलिए हुडको वाले कानूनी अधिकारों की बजाय मानवता के नाते ग्राउंड फ्लोर को छांटकर ही नीलाम करते तो अच्छा होता। आगे हमारे लिए कई विकल्प खुले हैं।’

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