भारत की टी20 वर्ल्ड कप 2026 टीम देखते हुए समझ से परे हैं चयनकर्ताओं के ये 3 फैसले
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) की शुरुआत अब बेहद नज़दीक है और टूर्नामेंट के आग़ाज़ में 50 दिनों से भी कम समय बाकी रह गया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 7 फरवरी 2026 से खेली जाएगी, जिसकी मेज़बानी भारत और श्रीलंका मिलकर करेंगे।
इस बड़े टूर्नामेंट के लिए बीसीसीआई ने भारतीय टीम के 15 सदस्यीय स्क्वाड की घोषणा कर दी है। इस बार टीम इंडिया की कप्तानी सूर्यकुमार यादव को सौंपी गई है, जिससे चयनकर्ताओं ने साफ संकेत दे दिया है कि टीम आक्रामक सोच के साथ मैदान पर उतरने वाली है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में भारतीय टीम को ग्रुप ए में जगह मिली है। इस ग्रुप में भारत के साथ पाकिस्तान, नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका जैसी टीमें शामिल हैं, जो मुकाबलों को और भी रोचक बना देंगी।
टीम की घोषणा के बाद से ही चयनकर्ताओं के कुछ फैसले चर्चा में बने हुए हैं। कई क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों का मानना है कि स्क्वाड में लिए गए तीन फैसले ऐसे हैं, जिन्हें समझना आसान नहीं है। आज हम इन्हीं चुनावों पर नज़र डालेंगे, जो टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) से पहले सबसे ज़्यादा सवाल खड़े कर रहे हैं।
हर्षित की जगह सिराज–कृष्णा जैसे गेंदबाज़ क्यों नहीं?
भारतीय टीम के तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा को टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के लिए स्क्वाड में शामिल किया गया है, लेकिन यह फैसला कई सवाल खड़े करता है। हाल के टी20 मुकाबलों में उनका प्रदर्शन कुछ खास प्रभावशाली नहीं रहा है, इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया।
ऐसे में यह सवाल उठना लाज़मी है कि मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे ज़्यादा अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित कर चुके गेंदबाज़ों को क्यों नज़रअंदाज़ किया गया।
सिराज अपनी सटीक लाइन-लेंथ और नई गेंद से विकेट निकालने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा की तेज़ रफ्तार और उछाल टी20 में बल्लेबाज़ों को परेशान कर सकती है।
हर्षित राणा का चयन चयनकर्ताओं की भविष्य की सोच या संभावनाओं पर आधारित फैसला माना जा सकता है, लेकिन मौजूदा फॉर्म और अनुभव को देखते हुए यह निर्णय फैंस और क्रिकेट विशेषज्ञों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं कर पा रहा है।
हार्दिक को क्यों नहीं बनाया गया उपकप्तान
टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) के लिए भारतीय टीम में उपकप्तान को लेकर चयनकर्ताओं का फैसला चर्चा का विषय बना हुआ है। इस टूर्नामेंट में अक्षर पटेल को उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि इससे पहले यह भूमिका शुभमन गिल निभा रहे थे। हालांकि, खराब फॉर्म के चलते शुभमन को स्क्वाड से बाहर कर दिया गया।
ऐसे हालात में सभी को उम्मीद थी कि टी20 फॉर्मेट में अनुभव, ऑलराउंड क्षमता और बड़े मैचों का दबाव झेल चुके हार्दिक पांड्या को उपकप्तान बनाया जाएगा। लेकिन उनकी जगह अक्षर पटेल को यह जिम्मेदारी सौपी गई।
हार्दिक पांड्या के पास न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है, बल्कि वह आईपीएल और भारतीय टीम में कप्तान के तौर पर भी टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। दबाव में फैसले लेने और टीम को साथ लेकर चलने की उनकी क्षमता पहले ही साबित हो चुकी है।
इसके बावजूद उनकी जगह अक्षर पटेल को कप्तानी समूह में शामिल करना और उपकप्तान बनाना एक हैरान करने वाला फैसला माना जा रहा है, जिसने चयनकर्ताओं की सोच पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
T20 World Cup 2026: जितेश शर्मा को बेवजह क्यों किया बाहर?
जितेश शर्मा को पिछले कुछ टी20 सीरीज़ में लगातार मौके दिए गए थे और टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा भी दिखाया था। इसके बावजूद उन्हें टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup 2026) स्क्वाड से बाहर कर दिया गया, जो कई लोगों को हैरान करता है।
उनकी जगह ईशान किशन को शामिल किया गया है, जिन्होंने SMAT में शानदार प्रदर्शन किया था। चयनकर्ताओं का यह फैसला फॉर्म को प्राथमिकता देने वाला हो सकता है, लेकिन जितेश को अचानक बाहर करना समझ से परे नजर आता है।