Kavya Maran: इंडियन प्रीमियर लीग में साल 2008 के बाद से पाकिस्तानी खिलाड़ियों के खेलने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आईपीएल के पहले सीजन में पाकिस्तान के कई बड़े खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा थे, लेकिन उसी साल मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव आ गया। इसके बाद बीसीसीआई ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से बाहर कर दिया।
हालांकि फ्रेंचाइजी क्रिकेट की दुनिया में भारतीय मालिकों की कई टीमें अलग-अलग लीगों में मौजूद हैं, जहां पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका मिलता रहा है। हाल ही में इंग्लैंड की लीग द हंड्रेड में एक ऐसे ही फैसले ने काफी चर्चा और विवाद को जन्म दे दिया।
अबरार अहमद को खरीदने पर Kavya Maran पर उठे सवाल
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड के ऑक्शन में सन ग्रुप के स्वामित्व वाली टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को खरीद लिया। इस टीम का संबंध आईपीएल फ्रेंचाइज़ी सनराइजर्स हैदराबाद से है, जिसकी सह-मालकिन काव्या मारन (Kavya Maran) हैं। अबरार अहमद को लगभग 190,000 पाउंड यानी करीब 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा गया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काफी विवाद देखने को मिला और काव्या मारन की आलोचना भी की गई।
द हंड्रेड में भारतीय मालिकों की बढ़ती हिस्सेदारी
द हंड्रेड टूर्नामेंट की शुरुआत साल 2021 में हुई थी और शुरुआत में आईपीएल टीम मालिकों की इसमें कोई हिस्सेदारी नहीं थी। लेकिन समय के साथ कई भारतीय बिजनेस ग्रुप और आईपीएल फ्रेंचाइजी मालिकों ने इस लीग में निवेश करना शुरू कर दिया।
इसमें अंबानी परिवार, आरपीएसजी समूह, सन टीवी नेटवर्क और जीएमआर समूह जैसे बड़े भारतीय कारोबारी शामिल हैं। इन समूहों की हिस्सेदारी के कारण अब द हंड्रेड लीग में भारतीय प्रभाव भी बढ़ता जा रहा है।
सन ग्रुप ने खरीदी पूरी टीम
जहां अन्य टीमों में भारतीय मालिकों की आंशिक हिस्सेदारी है, वहीं सन ग्रुप ने नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स टीम की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद ली है। इसके बाद इस टीम का नाम बदलकर सनराइजर्स लीड्स कर दिया गया।
पूरी ओनरशिप होने के कारण टीम के हर फैसले पर सन ग्रुप का पूरा नियंत्रण है। इसी अधिकार के तहत फ्रेंचाइजी ने ऑक्शन में अबरार अहमद को खरीदने का फैसला किया, जिसमें काव्या मारन (Kavya Maran) भी ऑक्शन टेबल पर मौजूद थीं।
शाहरुख खान की टीमों में खेल चुके कई पाकिस्तानी खिलाड़ी
दिलचस्प बात यह है कि फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भारतीय मालिकों की टीमों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का खेलना कोई नई बात नहीं है। कोलकाता नाइट राइडर्स के मालिक शाहरुख खान के समूह की कई टीमें अलग-अलग लीगों में खेलती हैं।
उनकी टीम त्रिनबागो नाइट राइडर्स और अबू धाबी नाइट राइडर्स में शादाब खान, मोहम्मद आमिर, मोहम्मद हसनैन, यासिर शाह, उस्मान तारिक और इमाद वसीम जैसे कई पाकिस्तानी खिलाड़ी खेल चुके हैं।
इसी तरह अन्य फ्रेंचाइजी टीमों में भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को मौका मिलता रहा है, जिससे यह साफ होता है कि अंतरराष्ट्रीय फ्रेंचाइजी क्रिकेट में खिलाड़ियों की भागीदारी पर आईपीएल जैसे नियम लागू नहीं होते।
भारतीय मालिकों द्वारा चुने गए पाकिस्तानी खिलाड़ी
- सनराइजर्स लीड्स – अबरार अहमद (मालिकाना हक – सन ग्रुप)
- त्रिनबागो नाइट राइडर्स – शादाब खान, यासिर शाह, मोहम्मद हसनैन, मोहम्मद आमिर, उस्मान तारिक (मालिकाना हक – केकेआर ग्रुप)
- अबू धाबी नाइट राइडर्स – इमाद वसीम, सुफियान मुकीम (मालिकाना हक – केकेआर ग्रुप)
- सिएटल ऑर्कस – जमान खान, आजम खान, इमाद वसीम (मालिकाना हक – सत्य नडेला, सोमा सोमसेगर, समीर बोडास, अशोक कृष्णमूर्ति, और संजय पार्थसारथी; और जीएमआर समूह – दिल्ली कैपिटल्स में हिस्सेदारी)