काव्या मारन ने देश को दिया बड़ा धोखा, 2026 सीजन के लिए पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा
Published - 13 Mar 2026, 10:53 AM | Updated - 13 Mar 2026, 10:57 AM
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Kavya Maran: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद का मालिकाना हक रखने वाली काव्या मारन ने देश को बड़ा धोखा दिया है। 2026 सीजन के लिए काव्या ने अपने स्क्वाड में करोड़ों रुपये की बोली लगाकर पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को ऑक्शन में खरीदा है।
यह वही अबरार अहमद हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के समय भारतीय सेना का मजाक उड़ाया था, लेकिन अब काव्या मारन (Kavya Maran) इसे अपनी टीम से खिलाने के लिए करोड़ों रुपये देने जा रही है।
हालांकि, ऑक्शन शुरू होने से पहले कहा गया था कि भारतीय फ्रेंचाइजी पाकिस्तानी प्लेयर्स पर बोलियां नहीं लगाएंगी, लेकिन ऑक्शन में सभी फ्रेंचाइजी दिल खोलकर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदने में दिलचस्पी दिखाती नजर आईं।
Kavya Maran ने देश को दिया बड़ा धोखा
इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में 12 मार्च को काव्या मारन (Kavya Maran) की और से कुछ ऐसा देखने को मिला, जिसकी कल्पना शायद ही किसी भारतीय फैन ने की थी। जो पाकिस्तानी खिलाड़ी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना का मजाक उड़ा था अब उसी प्लेयर को खरीदने के लिए काव्या (Kavya Maran) ने 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़) रुपये देकर अपनी टीम से जोड़ा।
काव्या मारन ने खरीदा पाक स्पिनर अबरार अहमद
— News24 (@news24tvchannel) March 12, 2026
◆ द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में काव्या मारन की सनराइजर्स लीडस् ने खरीदा पाक स्पिनर अबरार अहमद, मचा बवाल
◆ काव्या मारन ने अबरार अहमद को 2.34 करोड़ रुपये में खरीदा#KavyaMaran | Kavya Maran | Sunrisers Leeds | Abrar Ahmed | #AbrarAhmed… pic.twitter.com/7THS8Xbpik
यानी अब अबरार अहमद काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स के लिए खेलते नजर आएंगे, जिसका मालिकाना हक सन ग्रुप के पास है। इस फ्रेंचाइजी की कर्ता-धर्ता उद्योगपति कलानिधि मारन करती हैं। चौंकाने वाली बात ये है कि अबरार को खरीदने के लिए खुद काव्या मारन (Kavya Maran) ऑक्शन टेबल पर मौजूद थीं और वह खुद बोली पर बोली लगाई जा रही थीं।
कई सालों बाद देखने को मिला ऐसा
इंडियन प्रीमियर लीग के शुरुआती सीजन में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति थी, लेकिन 26/11 आतंकी हमले के बाद सभी पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया गया। यहां तक कि आईपीएल फ्रेंचाइजी से नाता रखने वाली किसी भी फ्रेंचाइजी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपने साथ नहीं जोड़ा था।
यह औपचारिक नियम विश्व की अन्य टी20 लीग जैसे साउथ अफ्रीका टी20, और इंटरनेशनल टी20 में भी देखने को मिला था, जहां आईपीएल मालिकों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल नहीं किया था।
लेकिन इस बार सनराइजर्स लीड्स ने वर्षो से चली आ रही इस परंपरा को ध्वस्त करने का कार्य किया है। बता दें कि, ये ऑक्शन लंदन के पिकैडिली लाइट्स में हुआ था, जहां अबरार को खरीदने के लिए ट्रेंट रॉकेट्स ने भी दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन अंत में काव्य ने बाजी मारी। हालांकि, काव्या (Kavya Maran) की टीम का नेतृत्व इंग्लिश व्हाइट बॉल कप्तान हैरी ब्रूक करते नजर आएंगे।
क्या इंग्लिश कानूनों के चलते लिया फैसला?
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि काव्या मारन (Kavya Maran) ने पाकिस्तानी प्लेयर को खरीदने का फैसला क्यों किया है। दरअसल, ऑक्शन से पहले खबरें आ रही थीं कि आईपीएल टीमों के मालिक, जिनकी टीमें द हंड्रेड में भी होंगी, उन्होंने शुरुआत में पाकिस्तानी खिलाड़ियों का बॉयकॉट करने को कहा था।
लेकिन बाद में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने सख्त चेतावनी दी थी कि खिलाड़ियों का चयन मेरिट के आधार पर होना चाहिए, न कि उसके देश के आधार पर, क्योंकि ब्रिटेन में भेदभाव विरोधी कानून काफी कठोर हैं।
बता दें कि, ऑक्शन में अबरार अहमद के अलावा पाकिस्तानी ऑफ ब्रेक स्पिनर उस्मान तारिक पर भी 1.40 लाख पाउंड की बोली लगी है। उनका खास बॉलिंग स्टाइल उनको बाकी स्पिनरों से खास बनाता है। जबकि हारिस रऊफ और सैम अयूब जैसे गेंदबाजों को पहले राउंड में अनसोल्ड होना पड़ा।
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