जसप्रीत बुमराह बनाम शाहीन अफरीदी: कौन है वर्तमान समय में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पेसर? आंकड़ों खुद दे रहे गवाही
Table of Contents
Jasprit Bumrah : तेज़ गेंदबाज़ी हमेशा से क्रिकेट का सबसे निर्णायक हथियार रही है। हर दौर में कुछ ऐसे पेसर होते हैं जो सिर्फ गति से नहीं, बल्कि अपनी सोच, नियंत्रण और बड़े मौकों पर असर से पहचाने जाते हैं।
मौजूदा क्रिकेट में यह बहस सबसे ज़्यादा भारतीय दिग्गज तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) और पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शाहीन अफरीदी के बीच देखी जाती है।
दोनों ही अपने-अपने अंदाज़ में घातक हैं और इसी कारण तुलना दिलचस्प बन जाती है। आज हम बात करेंगे वर्तमान समय में दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पेसर कौन हैं ? आइये जानते हैं।
Jasprit Bumrah बनाम शाहीन अफरीदी: करियर आंकड़े और फॉर्मेट-वाइज निरंतरता
दोनों गेंदबाज़ों के करियर आंकड़े साफ बताते हैं कि वे आधुनिक क्रिकेट की ज़रूरतों पर पूरी तरह खरे उतरते हैं। जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने तीनों फॉर्मेट में निरंतरता दिखाई है।
टेस्ट में 52 मैचों में 234 विकेट, कम औसत और कसी हुई इकॉनमी उनके कंट्रोल और लंबे स्पेल की ताकत दिखाते हैं।वनडे में 149 और टी20 इंटरनेशनल में 107 विकेट के साथ उन्होंने यह साबित किया है कि वे सीमित ओवरों में भी उतने ही प्रभावी हैं ।
वहीं शाहीन अफरीदी ने कम समय में तेज़ी से विकेट लेने वाले पेसर के रूप में पहचान बनाई है। टेस्ट में 33 मैचों में 121 विकेट और वनडे में 71 मैचों में 135 विकेट यह दिखाते हैं कि नई गेंद से उनका असर खास रहा है।
टी20 इंटरनेशनल में 126 विकेट के साथ उन्होंने छोटे फॉर्मेट में भी अपनी स्ट्राइक पावर साबित की है। आंकड़ों के लिहाज़ से दोनों विश्वस्तरीय हैं और अलग-अलग भूमिकाओं में आधुनिक क्रिकेट की मांग को पूरा करते हैं।
हालिया फॉर्म और ICC रैंकिंग का संदर्भ
पिछले 12 से 18 महीनों के प्रदर्शन को बड़े टूर्नामेंट के संदर्भ में देखें तो असर और निरंतरता और साफ हो जाती है। जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में शानदार गेंदबाज़ी करते हुए भारतीय टीम की खिताबी जीत में निर्णायक भूमिका निभाई थी।
पूरे टूर्नामेंट में उनकी कसी हुई इकॉनमी और अहम मौकों पर लिए गए विकेट भारत की सफलता की सबसे बड़ी वजह बने, जिसके चलते उन्हें उस वर्ल्ड कप का प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी चुना गया। यही प्रदर्शन उनकी ICC टेस्ट बॉलिंग रैंकिंग में लगातार शीर्ष के आसपास मौजूदगी को भी मजबूत करता है।
वहीं शाहीन अफरीदी ने पाकिस्तान के लिए 2021 और 2022 टी20 वर्ल्ड कप में प्रभावशाली प्रदर्शन किया था। 2021 में पाकिस्तान टीम सेमीफाइनल तक पहुंची, जबकि 2022 में टीम फाइनल तक गई, हालांकि खिताब जीतने से चूक गई।
इन दोनों टूर्नामेंट्स में शाहीन की नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता और बड़े मैचों में असर साफ दिखाई दिया। हालिया फॉर्म की बात करें तो दोनों ही गेंदबाज़ बड़े मंच पर खुद को साबित कर चुके हैं, फर्क बस इतना रहा है कि बुमराह की टीम हाल के समय में खिताब तक पहुंचने में सफल रही।
तकनीक, भूमिका और परिस्थितियों का असर
तकनीकी रूप से दोनों बिल्कुल अलग तरह के पेसर हैं। बुमराह (Jasprit Bumrah) की अनोखी एक्शन, देर से निकलने वाली गेंद और सटीक यॉर्कर उन्हें डेथ ओवर्स में बेहद खतरनाक बनाती है। वे नई और पुरानी गेंद दोनों से बल्लेबाज़ों को चुनौती देते हैं।
शाहीन अफरीदी की पहचान उनकी लेफ्ट-आर्म पेस, ऊँचा एक्शन और स्विंग है, जो शुरुआती ओवरों में बल्लेबाज़ी क्रम को हिला सकती है। स्विंग-अनुकूल पिचों पर उनका असर और बढ़ जाता है। यही कारण है कि दोनों की भूमिका और उपयोग परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती है।
बड़े मैचों के आधार पर मूल्यांकन
जब बड़े मुकाबलों, निर्णायक टेस्ट सीरीज़ और दबाव भरे क्षणों की बात आती है, तो आंकड़ों के साथ-साथ प्रभाव भी अहम हो जाता है। इसी स्तर पर देखने पर हाल के वर्षों में निरंतर बड़े मैचों में निर्णायक भूमिका निभाने वाला पेसर जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) ही दिखाई देता है।
उनकी गेंदबाज़ी ने कई बार मैच की दिशा बदली है और यही पहलू उन्हें मौजूदा दौर में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पेसर के रूप में अलग पहचान दिलाता है।
ये भी पढ़े : W,W,W,W,W.... रणजी ट्रॉफी में अर्जुन तेंदुलकर का तहलका, दनादन विकेट चटकाते हुए हासिल किया ये बड़ा मुकाम