क्या विराट कोहली एरोगेंट हैं? अजिंक्य रहाणे के जवाब ने सभी को कर दिया अचंभित
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Ajinkya Rahane : भारतीय क्रिकेट में जब भी आक्रामकता, जुनून और मैदान पर तीव्र ऊर्जा की बात होती है, तो सबसे पहले नाम आता है विराट कोहली का। बीते कुछ वर्षों में विराट का यह तेवर कई बार गलत तरीके से ‘घमंड’ के रूप में देखा गया।
लेकिन अब भारतीय टीम के अनुभवी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने इस धारणा पर खुलकर बात करते हुए विराट की असली मानसिकता और सोच को सामने रखा है।
रहाणे, जिन्होंने विराट के साथ लंबे समय तक ड्रेसिंग रूम साझा किया है, मानते हैं कि बाहर से दिखने वाली आक्रामकता दरअसल सीखने और बेहतर बनने की भूख है।
विराट कोहली का जुनून और इरादा
अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) के अनुसार विराट कोहली के खेल की सबसे बड़ी ताकत उनका इरादा है। वह सिर्फ रन बनाने या रिकॉर्ड तोड़ने के लिए नहीं खेलते, बल्कि हर गेंद, हर पल में खुद को बेहतर साबित करने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि मैदान पर उनकी बॉडी लैंग्वेज इतनी तीव्र नजर आती है।
रहाणे का मानना है कि विराट का जुनून इतना गहरा है कि कई बार लोग उसे अहंकार समझ लेते हैं, जबकि असल में वह जीत और प्रदर्शन के लिए उनकी भूख को दर्शाता है।
सीखने का रवैया जो उन्हें अलग बनाता है : Ajinkya Rahane
रहाणे (Ajinkya Rahane) ने खास तौर पर विराट के “सीखने के रवैये” को उनकी सबसे बड़ी खूबी बताया। इतने सालों तक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने और तमाम उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद विराट खुद को सीखने की प्रक्रिया से कभी अलग नहीं करते।
चाहे नेट्स में छोटी-सी तकनीकी सुधार की बात हो या मानसिक मजबूती, विराट हमेशा सीखने के लिए तैयार रहते हैं। यही कारण है कि वह लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर टिके रहे हैं।
मैच से पहले का साइलेंट रूटीन
अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने विराट के मैच से पहले के रूटीन का भी जिक्र किया, जिसने कई साथियों को शुरुआत में चौंकाया। विराट मैच से एक-दो दिन पहले खुद को लगभग पूरी तरह शांत कर लेते थे। वह कम बात करते, अपने AirPods पहनते और खुद को अपने ‘ज़ोन’ में ले जाते थे।
यह कोई दूरी बनाना नहीं था, बल्कि खुद को मानसिक रूप से मुकाबले के लिए तैयार करने का तरीका था। समय के साथ टीम के बाकी खिलाड़ी भी समझ गए कि यही प्रक्रिया विराट को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए तैयार करती है।
ड्रेसिंग रूम में विराट की छवि
ड्रेसिंग रूम के अंदर विराट कोहली की छवि उस खिलाड़ी की है जो टीम के लिए पूरी तरह समर्पित है। रहाणे (Ajinkya Rahane) के मुताबिक, वह कभी घमंडी नहीं रहे, बल्कि हमेशा अपने साथियों का सम्मान करते हैं।
मैदान पर दिखने वाली आक्रामकता और ड्रेसिंग रूम के भीतर की शांति, दोनों मिलकर विराट को एक अनोखा क्रिकेटर बनाती हैं। यही संतुलन उन्हें भीड़ से अलग करता है और महान खिलाड़ियों की श्रेणी में खड़ा करता है।