भारत का एक मात्र खिलाड़ी जिसने 18 महीने में 9 शतक और 19 अर्द्धशतक लगा मचा दिया था इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया में तहलका आज नहीं मिल रही टीम में जगह
Published - 18 Oct 2017, 08:38 PM

लम्बे समय से टीम इण्डिया से बाहर चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर की भारत के साथ पूरी दुनिया मेंं फैन फालोविंग मौजूद है। 14 अक्टूबर 1981 को जन्मे गंभीर ने अपना आखिरी अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट मैच साल 2016 के नवंबर महीने में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ खेला था, तब से वह नीली जर्सी पहनने का मौका तलाश कर रहे हैं।
कभी रहें टीम इण्डिया के सुपरस्टार
दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर भले ही टीम इण्डिया से बाहर चल रहे हैं,लेकिन एक ऐसा वक्त भी आया, जब उनके बिना भारतीय टीम द्वारा बड़े स्कोर खड़ा करने के बारें में कल्पना भी नहीं किया जा सकता है।
ये समय था साल 2008 से 2010 के बीच का समय। इस दौरान गंभीर ने क्रिकेट के तीनों प्रारुपों में जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 78 पारियों में 3,384 रन बना डाले। इसी दौरान वे करीब 9 शतक और 19 अर्धशतकीय पारी भी खेली,जिसके कारण गौतम उस समय के भारतीय क्रिकेट के सुपरस्टार भी बन चुके थे।
साथ ही उनके द्वारा लगाया गया एक दोहरा शतक, जो आॅस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के खिलाफ दिल्ली में खेले गए टेस्ट मैच के दौरान लगाया था, को कौन भूल सकता है। गंभीर द्वारा खेली गयी यह यादगार पारी हमेशा ही इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
लगातार दो वर्ल्ड कप के फाइनल में किया जबरदस्त प्रदर्शन
गौतम गंभीर ने दक्षिण अफ्रीका में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप के दौरान जबरदस्त बल्लेबाजी का प्रदर्शन दिखाया। इसी दौरान उन्होंने इस टूर्नामेंट में 3 अर्धशतक भी लगाए।वहीं वर्ल्ड कप के फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ खेली गई 75 रनों की आतिशी पारी ने उनकों अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकट जगत के मंच पर एक खास पहचान दे दी।
वहीं दूसरी बार, जब वह साल 2011 के वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने श्रीलंका टीम के खिलाफ सबसे बड़ी पारी खेली। इस मैच में गंभीर ने 97 रन बनाए।
टेस्ट में नाकामी बनी बाहर जानें की प्रमुख वजह
साल 2003 में अर्न्तराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले गौतम गंभीर ने अभी तक कुल 242 अर्न्तराष्ट्रीय मैच खेलकर 10,324 रन अपने नाम कर चुके हैं। इतने शानदार रिकाॅर्ड के बावजूद एक वक्त ऐसा भी आया, जब उनकी बल्लों से रन निकलना बंद हो गया था।
जनवरी 2010 में टेस्ट मैच में बांग्लादेश के खिलाफ शतक बनाने के बाद गंभीर ने लगभग अपनी फाॅर्म को खो दिया।इसके बाद करीब 46 पारियां खेलने के बावजूद कोई बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सके और साल 2012 में टीम से उन्हें ड्राॅप कर दिया गया।