साल 2027 वर्ल्ड कप तक के लिए भारत के ODI कप्तान-उपकप्तान का हुआ ऐलान, 26 वर्षीय कैप्टन, 30 साल का उपकप्तान
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2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) को देखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट ने ODI टीम के कप्तान और उपकप्तान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगले वर्ल्ड कप तक टीम की कप्तानी 26 वर्षीय युवा खिलाड़ी को सौंपी जा सकती है, जबकि 30 साल का अनुभवी खिलाड़ी उपकप्तान की भूमिका निभाएगा।
चयनकर्ताओं का मानना है कि युवा नेतृत्व और अनुभव का यह संयोजन दक्षिण अफ्रीका की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में टीम इंडिया को मजबूती देगा। वर्ल्ड कप से पहले इन दोनों खिलाड़ियों को लगातार मौके देकर तैयार किया जाएगा।
26 वर्षीय खिलाड़ी को सौंपी जाएगी कप्तानी
2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) में भारतीय टीम (Team India) की कप्तानी 26 वर्षीय खिलाड़ी यानि शुभमन गिल के हाथों में रहने की पूरी संभावना है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई वनडे सीरीज़ से पहले उन्हें भारत की वनडे टीम का नया कप्तान बनाया गया था।
हालांकि यह उनकी कप्तानी में पहली सीरीज़ थी और टीम को हार का सामना करना पड़ा, लेकिन बीसीसीआई ने परिणाम से ज़्यादा भविष्य की योजना को प्राथमिकता देते हुए गिल पर भरोसा जताया है।
पिछले कुछ समय में शुभमन गिल का बल्लेबाज़ी रिकॉर्ड बेहद प्रभावशाली रहा है। निरंतर प्रदर्शन और तकनीकी मजबूती को देखते हुए चयनकर्ताओं ने उन्हें 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) तक टीम की कमान सौंपने का मन बना लिया है।
30 वर्षीय खिलाड़ी निभा सकते हैं उपकप्तान की भूमिका
अगर 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) के लिए भारतीय टीम की उपकप्तानी की बात करें, तो यह जिम्मेदारी 30 वर्षीय खिलाड़ी श्रेयस अय्यर को सौंपी जा सकती है। वह फिलहाल भारत की वनडे टीम के उपकप्तान हैं और वर्ल्ड कप में भी इसी भूमिका में नजर आ सकते हैं। इस समय अय्यर चोट के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ से पहले ही श्रेयस अय्यर को उपकप्तान नियुक्त किया गया था। उन्होंने सीरीज़ के शुरुआती मुकाबले खेले, लेकिन तीसरे मैच के दौरान चोटिल हो गए, जिसके बाद उन्हें मैदान से दूर रहना पड़ा।
World Cup 2027: गिल–अय्यर की जोड़ी पर बीसीसीआई का भरोसा
शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर दोनों खिलाड़ी 2027 वनडे वर्ल्ड कप (World Cup 2027) में भारत की कप्तानी और उपकप्तानी संभालते हुए नजर आ सकते हैं। हाल के वर्षों में दोनों का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है, और इसी निरंतरता को देखते हुए चयनकर्ताओं ने इन्हें लीडरशिप ग्रुप में अहम जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।
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