भारत या इंग्लैंड: टी20 वर्ल्ड कप में किस टीम का है अधिक दबदबा, जानिए कौन है आंकड़ों के मामले में चैंपियन?
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IND vs ENG: टी20 क्रिकेट के सबसे बड़े मंच टी20 वर्ल्ड कप पर जब भी भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) आमने-सामने आते हैं, मुकाबला सिर्फ़ एक मैच तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दो अलग-अलग क्रिकेट दर्शन की टक्कर बन जाता है। भारत की निरंतरता और तकनीकी मजबूती बनाम इंग्लैंड की आक्रामकता और आधुनिक टी20 सोच।
दोनों टीमों ने इस टूर्नामेंट में दो-दो बार खिताब जीतकर खुद को सबसे सफल टीमों की कतार में खड़ा किया है, जिससे यह बहस और भी दिलचस्प हो जाती है कि आंकड़ों की दुनिया में असली दबदबा किसका है। आइये जानते हैं।
टी20 वर्ल्ड कप खिताब: बराबरी लेकिन कहानी अलग
अगर सिर्फ ट्रॉफी गिनी जाए तो तस्वीर पूरी तरह संतुलित नजर आती है, लेकिन कप्तानी की कहानियां इसे खास बनाती हैं। भारत ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीता था, जिससे भारतीय क्रिकेट इतिहास में टी20 क्रिकेट की सोच और दिशा दोनों बदल गईं। वहीं 2024 में रोहित शर्मा के नेतृत्व में टीम इंडिया ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम की।
वहीं इंग्लैंड ने 2010 में पॉल कॉलिंगवुड की कप्तानी में पहली बार चैंपियन बनकर अपनी पहचान बनाई और 2022 में जोस बटलर के नेतृत्व में दोबारा खिताब जीतकर यह साबित किया कि वे हर दौर में खुद को ढालने में सक्षम हैं। खिताबों की यह बराबरी दोनों टीमों (IND vs ENG) की शीर्ष क्षमता दिखाती है, लेकिन कप्तानों और हालातों के साथ बदली ये जीतें अलग-अलग कहानी कहती हैं।
टूर्नामेंट-स्तर पर प्रदर्शन: भारत बनाम इंग्लैंड
टी20 वर्ल्ड कप (IND vs ENG) के कुल आंकड़ों में भारत की निरंतरता साफ दिखाई देती है। नौ संस्करणों में भारत ने लगभग 53 मैच खेले हैं, जिनमें 35 जीत और 15 हार शामिल हैं, यानी जीत प्रतिशत करीब 66–67 फीसदी रहा है। 2024 में अजेय रहते हुए खिताब जीतना इस मजबूत रिकॉर्ड को और खास बनाता है।
इंग्लैंड ने भी करीब इतने ही मैच खेले हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड उतार-चढ़ाव भरा रहा है। लगभग 53 मुकाबलों में इंग्लैंड ने करीब 28 जीत और 22 हार दर्ज की हैं, जिससे उनका जीत प्रतिशत करीब 52–53 फीसदी के आसपास आता है। हालांकि, 2010 और 2022 के खिताब बताते हैं कि इंग्लैंड बड़े मौकों पर शीर्ष प्रदर्शन करने में सक्षम है।
IND vs ENG: हेड-टू-हेड में किसका पलड़ा भारी
सीधे मुकाबलों की बात करें तो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत को हल्की बढ़त हासिल है। लगभग 29 टी20I मुकाबलों में भारत ने करीब 17 जीत दर्ज की हैं, जबकि इंग्लैंड 12 मैच जीत सका है।
यही ट्रेंड टी20 वर्ल्ड कप में भी देखने को मिलता है, जहां भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) के बीच अब तक 5 बार आमना-सामना हुआ है। इन मुकाबलों में भारत ने 3 मैच जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 2 बार सफलता मिली है। यह आंकड़ा दिखाता है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े मंच पर दबाव के हालात में भारत का पलड़ा अक्सर थोड़ा भारी रहा है।
परिस्थितियां और मौजूदा दबदबा
भारत और इंग्लैंड (IND vs ENG) की टी20 टीमों की तुलना करें तो फर्क उनकी निरंतरता और स्थिरता में साफ नजर आता है। भारत की ताकत संतुलित टीम संयोजन, बल्लेबाजी की गहराई और स्पिन विकल्पों से आती है, जिससे वह अलग-अलग परिस्थितियों में खुद को बेहतर ढंग से ढाल पाता है। 2024 में अजेय रहते हुए खिताब जीतना इस मजबूती का सबसे बड़ा उदाहरण है।
इसके उलट इंग्लैंड की पहचान आक्रामक खेल और तेज़ रन-रेट से जुड़ी रही है, लेकिन उनका प्रदर्शन अक्सर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। आंकड़ों और हालिया वर्ल्ड कप नतीजों को आधार बनाएं तो इस समय टी20 वर्ल्ड कप मंच पर भारत का पलड़ा भारी दिखाई देता है और मौजूदा दौर में वही अधिक प्रभावशाली चैंपियन माना जा सकता है।
टी20 वर्ल्ड कप में भारत बनाम इंग्लैंड:
| वर्ष | स्थान | राउंड / स्टेज | विजेता | जीत का अंतर |
|---|---|---|---|---|
| 2007 | डरबन | सुपर 8 | भारत | 18 रन से |
| 2009 | लॉर्ड्स | सुपर 8 | इंग्लैंड | 3 रन से |
| 2012 | कोलंबो | ग्रुप स्टेज | भारत | 90 रन से |
| 2022 | एडिलेड | सेमीफाइनल | इंग्लैंड | 10 विकेट से |
| 2024 | गुयाना | सेमीफाइनल | भारत | 68 रन से |
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