ICC ने 3 खिलाड़ियों को सुनाई बड़ी सजा, मैच फिक्सिंग करते हुए पकड़े गए रंगे हाथ
Published - 12 Mar 2026, 01:36 PM | Updated - 12 Mar 2026, 01:43 PM
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए क्रिकेट जगत में हड़कंप मचा दिया है। वेस्टइंडीज के अनुभवी खिलाड़ी सहित तीन व्यक्तियों को तत्काल प्रभाव से क्रिकेट की सभी गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया है।
इन पर बारबाडोस में आयोजित Bim10 लीग 2023-24 के दौरान मैच फिक्सिंग करने और भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के कई नियमों का उल्लंघन करने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिससे एक बार फिर खेल की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए हैं।
Bim10 लीग में भ्रष्टाचार का खुलासा

यह पूरा मामला वेस्टइंडीज में खेली गई Bim10 टूर्नामेंट 2023-24 सीजन से जुड़ा है। आईसीसी (ICC) की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई तथा एंटी करपस्न यूनिट की जांच में पाया गया कि इस लीग के दौरान परिणामों और खेल की घटनाओं को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश की गई थी।
इसमें मुख्य आरोपी वेस्टइंडीज के पूर्व खिलाड़ी जेवन सियर्स हैं, जिन्होंने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व भी किया है। उनके साथ 'टाइटंस' टीम के मालिक चितरंजन राठौड़ और टीम अधिकारी ट्रेवॉन ग्रिफिथ को भी इस काले कारनामे में शामिल पाया गया है। इन तीनों पर फिक्सिंग के लिए समझौता करने और खेल को कलंकित करने के आरोप हैं।
वेस्टइंडीज के ऑलराउंडर जैवोन सियरल्स ने आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 2018 के सीजन में अपना डेब्यू किया था।
उनके आईपीएल आंकड़े पर एक नजर डाले तो उन्होंने चार मैचों में आठ रन बनाए इस दौरान उन्हें मुख्य रूप से एक तेज गेंदबाज के रूप में खिलाया गया था, लेकिन उन्हें बहुत कम मैचों में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला जिसमें उन्होंने दो विकेट भी लिए। इस दौरान उनका बेस्ट फीगर 24 रन देकर एक विकेट रहा है।
ICC ने लगाए ये गंभीर धाराएं
ICC और क्रिकेट वेस्टइंडीज ने इन तीनों पर भ्रष्टाचार विरोधी संहिता के तहत कई आरोप लगाए हैं। जेवन सियर्स पर चार प्रमुख उल्लंघन के आरोप हैं, जिनमें मैच फिक्स करना, फिक्सिंग के लिए संपर्क किए जाने की जानकारी छिपाना और जांच में सहयोग न करना शामिल है।
वहीं, टीम अधिकारी ट्रेवॉन ग्रिफिथ की मुश्किलें सबसे ज्यादा बढ़ी हुई हैं, क्योंकि उन पर आईसीसी (ICC) के अंतरराष्ट्रीय एंटी-करप्शन कोड के उल्लंघन का भी आरोप है। ग्रिफिथ पर आरोप है कि उन्होंने जांच के दौरान महत्वपूर्ण सबूतों को मिटाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की, ताकि भ्रष्टाचार के प्रमाणों को दबाया जा सके।
उन पर Bim10 टूर्नामेंट 2023-24 के परिणामों और मैचों के संचालन को अनुचित तरीके से प्रभावित करने या फिक्सिंग करने के मामले में अनुच्छेद 2.1.1 का आरोप है।
इसके अतिरिक्त, उन पर अन्य खिलाड़ियों को भ्रष्टाचार के लिए उकसाने के लिए अनुच्छेद 2.1.4 और जांच में सहयोग न करने के कारण अनुच्छेद 2.4.4 का भी दोष है। सियरल्स और ग्रिफिथ पर फिक्सिंग के लिए किए गए संपर्क की जानकारी बोर्ड से छिपाने का आरोप लगा है।
तत्काल निलंबन और 14 दिनों का अल्टीमेटम
आईसीसी (ICC) ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए जेवन सियर्स, चितरंजन राठौड़ और ट्रेवॉन ग्रिफिथ को तत्काल प्रभाव से प्रोविजनल सस्पेंशन पर भेज दिया है।
इसका अर्थ यह है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती और फैसला नहीं आ जाता, ये तीनों दुनिया के किसी भी कोने में क्रिकेट से जुड़ी किसी भी गतिविधि का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।
आईसीसी (ICC) ने इन तीनों को 11 मार्च 2026 से 14 दिनों का समय दिया है, जिसके भीतर उन्हें इन आरोपों पर अपना आधिकारिक जवाब दाखिल करना होगा। यदि ये दोषी पाए जाते हैं, तो इन पर आजीवन प्रतिबंध तक लगाया जा सकता है।
इससे पहले भारत के सबसे महंगे लीग इंडियन प्रीमीयर लीग में भी मैच फिक्सींग के आरोप लगे थे जिसमें भारत के पूर्व स्टार तेज गेंदबाज एस श्रीसंथ समेत दो और खिलाड़ीयों पर आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें आजीवन प्रतिबंध कर दिया गया था बाद में उनकी सजा कम की गई।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर