'मैंने उस वजह से...' रविचंद्रन अश्विन ने महीनों बाद बड़ा खुलासा, बताया क्यों जल्दबाजी में करना पड़ा संन्यास का ऐलान
Published - 18 Mar 2026, 04:01 PM | Updated - 18 Mar 2026, 04:02 PM
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Ravichandran Ashwin: पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर खेली गई बॉडर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के बीच में संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। अश्विन ने सीरीज के तीसरे टेस्ट के बाद संन्यास की आधिकारिक घोषणा कर दी थी और वह टीम का साथ छोड़कर स्वदेश वापस लौट आए थे।
हालांकि, उस समय रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने खुलकर नहीं बताया था कि उन्होंने किन कारणों के चलते बीच सीरीज में रिटायरमेंट की घोषणा की है, लेकिन अब लगभग एक वर्ष बाद दिग्गज ने बता दिया है कि किस वजह से उन्हें जल्दबाजी में संन्यास लेना पड़ा। बता दें कि, भारतीय टीम को उस सीरीज में 1-3 की शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा था।
Ravichandran Ashwin ने तोड़ी संन्यास पर चुप्पी
रविचंद्रन अश्विन को संन्यास लिए एक साल से अधिक समय हो गया है। जब अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा तो भारतीय फैंस ये जानने के लिए बेहद उत्सुक थे कि किस वजह से अश्विन इतनी जल्दी इंटरनेशनल क्रिकेट को छोड़ रहे हैं, क्योंकि माना जा रहा था कि वह उस समय एक से डेढ़ साल तक टेस्ट टीम का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। अब इसपर अश्विन ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि
जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनसे पहले पर्थ टेस्ट में वाशिंगटन सुंदर को मौका दिया गया, उस समय उन्हें समझ आ गया था कि भारतीय टेस्ट टीम में उनका सफर अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। अश्विन ने कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान ये कहा।
गौतम गंभीर को दिया श्रेय
पूर्व भारतीय दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने कोलकाता के एक कार्यक्रम में यह साफ किया कि संन्यास लेने का फैसला उनका व्यक्तिगत था और उस समय जो सवाल टीम मैनेजमेंट पर उठे थे उनको भी पूरी तरह से खारिज कर दिया।
बता दें कि, अश्विन के संन्यास के बार मीडिया में चर्चाएं थीं कि कोच गौतम गंभीर के कारण ऑफ स्पिनर ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट लिया था।
जबकि उस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम इंडिया को शुरुआती मैच जीतने के बाद शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, काफी लंबे समय बाद अश्विन ने कहा कि कोच गौतम गंभीर हमेशा टीम को किसी खिलाड़ी से ऊपर रखते हैं और जीत का श्रेय पूरी टीम को देते हैं, न कि किसी विशेष खिलाड़ी को।
गेंदबाजी में करना होगा सुधार
रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने यह भी कहा कि मौजूदा टीम इंडिया फिलहाल बदलाव के दौर से गुजर रही है। हालांकि, टीम का बैटिंग ऑर्डर काफी मजबूत है, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी विभाग को मजबूत करने की सलाह दी है।
दरअसल, रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के संन्यास के बाद टीम इंडिया एक फुल टाइम ऑफ स्पिनर की तलाश कर रही है।
पहले ये तलाश वाशिंगटन सुंदर पर टिकी थी, लेकिन उनके टेस्ट में आंकड़े बेहद साधारण रहे हैं। सुंदर ने भारत के लिए टेस्ट में खेली 29 पारियों में सिर्फ 36 विकेट लिए हैं। यही कारण है कि टीम प्रबंधन एक फुल टाइम ऑफ स्पिनर की ओर जा सकती है।
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अश्विन के जादूई आंकड़ों पर नजर
रविचंद्रन अश्विन ने इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत साल 2010 में की थी। पहले अश्विन को वनडे में मौका मिला और फिर टी20 प्रारूप में इस खिलाड़ी की एंट्री करवाई गई। इसके एक साल बाद साल 2011 में अश्विन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली में टेस्ट डेब्यू किया।
बता दें कि, इस दिग्गज खिलाड़ी ने भारत के लिए खेले 106 टेस्ट की 200 पारियों में 527 विकेट लिए हैं। जबकि इस दौरान उनके बल्ले से 3503 रन भी निकले हैं। अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने टेस्ट में 6 शतक और 14 अर्धशतक ठोके हैं। वहीं, वनडे में अश्विन के नाम 156 और टी20 इंटरनेशनल में 72 विकेट दर्ज है।
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