6,6,6,6,6,6….. रचा गया इतिहास, वेस्टइंडीज के इस खूंखार बल्लेबाज ने टेस्ट फॉर्मेट में लगा डाले 6 बॉल पर लगातार 6 छक्के
Published - 25 Dec 2025, 04:47 PM | Updated - 26 Dec 2025, 01:04 PM
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West Indies: क्रिकेट का प्रारूप चाहे कोई भी हो, लेकिन उसमें छह गेंदों पर छह छक्के लगाना कभी आसान नहीं होता है। विश्वभर में महज चंद ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने यह उपलब्धि अपने नाम की है। इस लिस्ट में भारत के पूर्व मध्यक्रम बल्लेबाज युवराज सिंह का नाम भी शामिल हैं, जिन्होंने इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड की छह गेंदों को दर्शक दीर्घा में डिपोजिट किया था।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि वेस्टइंडीज (West Indies) के एक खूंखार बल्लेबाज ने टेस्ट प्रारूप में छह गेंदों पर छह छक्के लगाकर कीर्तिमान स्थापित कर दिया। चलिए आपको बताते हैं कौन है ये खिलाड़ी और कहां रचा था इतिहास।
West Indies: 6 छक्के लगाने वाला विश्व का पहला बल्लेबाज
घरेलू और इंटरनेशनल मंच पर छह गेंदों पर छह छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची बेहद छोटी है, लेकिन इस लिस्ट में सबसे पहला नाम वेस्टइंडीज (West Indies) के महान खिलाड़ी सर गारफील्ड सोबर्स का लिखा गया था। सोबर्स छह गेंदों पर छह छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे।
उन्होंने यह कारनामा 31 अगस्त 1968 में काउंटी क्रिकेट के अंदर किया था। इस प्रतियोगिता में सर गारफील्ड सोबर्स नॉटिंघमशायर के लिए बतौर कप्तान खेल थे तो उनकी टीम का सामना ग्लेमोर्गन क्लब से हो रहा था। यह मैच स्वानसी के सेंट हेलेन स्टेडियम में खेला जा रहा था, जो कि सोबर्स के छह गेंदों पर छह छक्कों का गवाह बना।
इस गेंदबाज के खिलाफ रचा था इतिहास

सर गारफील्ड सोबर्स ने पहली पारी में 308 पर 5 विकेट गिरने के बाद फैसला किया कि वह तेजी से रन बनाएंगे और जल्द से जल्द पारी को घोषित कर देंगे। लेकिन उन्होंने भी कहा मालूम था कि वह छह गेंदों पर छह छक्के लगाकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करवा लेंगे। सोबर्स ने उस समय 23 साल के लेफ्ट आर्म स्पिनर मैल्कम नैश को अपना शिकार बनाया और छक गेंदों पर छह छक्के लगा दिए।
सोबर्स को नैश धीमी गति की गेंदबाजी कर रहे थे जैसा की उनको उनके तत्कालीन कप्तान टोनी लुईस ने कहा था। लेकिन सोबर्स ने पहली दो गेंदों को मिडविकेट के ऊपर से दे मारा था तो जबकि तीसरा छक्का लॉन्ग ऑन के ऊपर से आया था।
इसके बाद चौथी गेंद सोबर्स ने बैकवर्ड स्क्वायर लेग के ऊपर से मारा। जबकि पांचवां छक्का उन्होंने लॉन्ग ऑफ के पास मारा तो आखिरी सिक्स उन्होंने पीछे हटकर मिड विकेट के ऊपर जोरदार जड़ा था। चौंकाने वाली बात यह है कि आखिरी गेंद पर सभी फील्डर बाउंड्री पर ही खड़े थे।
नॉटिंघमशायर ने जीता मैच
नॉटिंघमशायर ने पहले बैटिंग करते हुए 394/5 पर पारी को घोषित कर दिया था। इसके बाद ग्लैमोरगन पहली पारी में सिर्फ 254 रन ही बना सका। दूसरी पारी में नॉटिंघमशायर ने 139/6 पर अपनी पारी को घोषित कर दिया और ग्लैमोरगन को जीत के लिए 280 रन का लक्ष्य दिया।
मगर इस बार ग्लैमोरगन की पारी सिर्फ 113 रन पर ढेर हो गई और नॉटिंघमशायर मैच को 166 रन के बड़े अंतर से जीतने में सफल रही। बता दें कि, इस मैच में सोबर्स ने पहली इनिंग में नाबाद 76 और दूसरी पारी में 72 रन बनाए थे। दोनों इनिंग में सोबर्स के बल्ले से कप्तानी पारियां देखने को मिली थी।
सर गारफील्ड सोबर्स के शानदार आंकड़े
वेस्टइंडीज (West Indies) के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स को विश्व का सर्वश्रेष्ठ हरफनमौला खिलाड़ी माना जाता है और इसके पीछे का कारण उनके शानदार आंकड़े हैं। सोबर्स ने वेस्टइंडीज (West Indies) के लिए 93 टेस्ट की 160 पारियों में 57.78 की औसत से 8032 रन बनाए थे, जिसमें 26 शतक और 30 अर्धशतक शामिल थे। वहीं, इस दौरान उन्होंने 159 पारियों 235 विकेट भी झटके थे। जबकि इसमें 6 बार फाइव विकेट हॉल शामिल था।
इंटरनेशनल के अलावा प्रथम श्रेणी में सोबर्स ने 383 मैच खेले थे, जिसमें 54.87 की औसत के साथ 28314 रन शामिल थे। उन्होंने इस दौरान 86 शतक और 121 अर्धशतक ठोके थे। वहीं, 383 मैचों में उन्होंने 1043 विकेट झटके। उनके नाम फर्स्ट क्लास में 36 बार फाइव विकेट दर्ज है। हालांकि, यह महान कैरेबियाई (West Indies) ऑलराउंडर लिस्ट ए मैचों में अपना प्रभाव बिल्कुल भी नहीं छोड़ सका।
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क्रिकेट सिर्फ़ एक खेल नहीं, यह एक ऐसा जुनून है जो हर भारतीय के दिल में धड़कता है। मैं, अमन शर्मा, इस... रीड मोर