"अपने घरेलू मैदान पर भी वो नहीं खेल पाए..." राजकोट वनडे में भारत की हार से निराश हुए इरफान पठान, रवींद्र जडेजा को जमकर सुनाई खरी-खोटी
Published - 16 Jan 2026, 04:24 PM | Updated - 16 Jan 2026, 04:28 PM
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भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर ईरफान पठान (Irfan Pathan) अपनी बेबाक राय के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में राजकोट में खेले गए वनडे मुकाबले में टीम इंडिया को मिली हार ने प्रशंसकों के साथ-साथ क्रिकेट पंडितों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है। इस हार के बाद भारतीय टीम के संतुलन और विशेष रूप से अनुभवी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। इरफान ने इस हार का विश्लेषण करते हुए एक ऐसे खिलाड़ी को आड़े हाथों लिया है, जिसे मौजूदा दौर का सबसे बड़ा मैच विनर माना जाता है।
राजकोट की हार से निराश Irfan Pathan
राजकोट का मैदान में रन बनाना आसान है, लेकिन टीम इंडिया यहाँ अपने लक्ष्य को बचाने में विफल रही। ईरफान पठान (Irfan Pathan) ने अपने यूट्यूब चैनल पर चर्चा के दौरान इस बात पर जोर दिया कि मैच उस वक्त हाथ से निकल गया जब टीम को मध्यक्रम में तेजी से रनों की जरूरत थी।
इरफान का मानना है कि केएल राहुल ने भले ही धीमी बल्लेबाजी की, लेकिन असली समस्या वहां पैदा हुई जहां रवींद्र जडेजा संघर्ष करते नजर आए। जडेजा के लिए राजकोट उनका घरेलू मैदान है, जहां की मिट्टी और पिच के मिजाज से वह बखूबी वाकिफ हैं, फिर भी वह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए।
इरफान ने तुलनात्मक लहजे में कहा कि टेस्ट क्रिकेट में जडेजा का कद कपिल देव के बाद सबसे बड़ा है, इसमें कोई शक नहीं है। लेकिन जब बात वनडे क्रिकेट की आती है, तो जडेजा की शैली पर सवाल खड़े होते हैं। राजकोट में जडेजा ने 27 रनों की पारी खेली, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट महज 60 का रहा। इरफान के अनुसार, अगर वह वहां 80 के स्ट्राइक रेट से भी बल्लेबाजी करते, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था। दबाव की स्थितियों में स्ट्राइक रोटेट न कर पाना जडेजा की एक पुरानी कमजोरी बनकर उभरी है।
Irfan Pathan ने जडेजा को दिखाया आईना
ईरफान पठान (Irfan Pathan) ने केवल एक मैच के आधार पर जडेजा की आलोचना नहीं की है, बल्कि उन्होंने पिछले कुछ सालों के खराब आंकड़ों की ओर भी इशारा किया है। इरफान ने एक चौंकाने वाला तथ्य साझा किया कि साल 2020 के बाद से रवींद्र जडेजा के बल्ले से वनडे क्रिकेट में एक भी अर्धशतक नहीं निकला है। एक फिनिशर और मुख्य ऑलराउंडर के तौर पर यह आंकड़े काफी निराशाजनक हैं। वनडे क्रिकेट तेजी से बदल रहा है और ऐसे में सातवें नंबर के बल्लेबाज से टीम को विस्फोटक बल्लेबाजी की उम्मीद होती है।
बल्लेबाजी के अलावा जडेजा की गेंदबाजी भी अब उतनी धारदार नजर नहीं आ रही है। इरफान ने स्पष्ट रूप से कहा कि जडेजा बीच के ओवरों में विकेट निकालने में नाकाम साबित हो रहे हैं। जब एक ऑलराउंडर न तो बल्ले से मैच खत्म कर पा रहा हो और न ही गेंद से सफलता दिला पा रहा हो, तो टीम में उसकी जगह पर सवाल उठना लाजमी है। इरफान का मानना है कि अब समय आ गया है जब चयनकर्ताओं और टीम प्रबंधन को जडेजा के वनडे भविष्य पर गंभीरता से विचार करना होगा।
"2020 के बाद से वह एक शतक नहीं लगा पाए": Irfan Pathan
इरफान पठान (Irfan Pathan) ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो शेयर कर रवींद्र जडेजा को लेकर कहा कि, "भारत मैच कहाँ हारा? केएल राहुल ने 90 के स्ट्राइक रेट से खेला, लेकिन जडेजा अपनी 27 रन की पारी में सिर्फ़ 60 के स्ट्राइक रेट से ही खेल पाए। राजकोट जडेजा का होम ग्राउंड है। अगर टेस्ट क्रिकेट में कपिल देव के बाद कोई ऑलराउंडर है, तो वह सर जडेजा हैं।"
"लेकिन वनडे क्रिकेट में - हमेशा ऐसा लगा है कि जब प्रेशर वाली स्थिति आती है, तो जडेजा स्ट्राइक रोटेट करने में पीछे रह जाते हैं। उन्हें कम से कम 80 के स्ट्राइक रेट से खेलना चाहिए था। 2020 से उन्होंने वनडे क्रिकेट में एक भी फिफ्टी नहीं बनाई है। वनडे क्रिकेट में टीम इंडिया में अपनी जगह को लेकर रवींद्र जडेजा पर बहुत दबाव है। वह अपनी बॉलिंग से विकेट भी नहीं ले रहे हैं।"
टीम इंडिया में जडेजा की जगह खतरे में ?
भारतीय टीम के पास वर्तमान में अक्षर पटेल और वाशिंगटन सुंदर जैसे विकल्प मौजूद हैं, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। ईरफान पठान (Irfan Pathan) के इस बयान ने भारतीय क्रिकेट गलियारों में एक नई बहस छेड़ दी है।
क्या जडेजा केवल अपने पुराने रिकॉर्ड के दम पर टीम में बने रहेंगे, या फिर मौजूदा फॉर्म को देखते हुए युवाओं को मौका दिया जाएगा? इरफान (Irfan Pathan) का मानना है कि घरेलू मैदान पर मिली इस विफलता ने जडेजा की साख को काफी नुकसान पहुंचाया है और अब उन पर अपनी जगह बचाने का भारी दबाव होगा।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर