कीर्ति आज़ाद पर भड़के हरभजन सिंह, मुंहतोड़ जवाब देते हुए बोले 'आस्था पे बेतुका सवाल नहीं....'
Published - 11 Mar 2026, 12:48 PM | Updated - 11 Mar 2026, 01:07 PM
Harbhajan Singh: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम के जश्न को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, कोच गौतम गंभीर और बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों द्वारा वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ हनुमान मंदिर जाकर दर्शन करने पर पूर्व क्रिकेटर और टीएमसी सांसद कीर्ति आज़ाद ने सवाल उठाए थे। इस पर भारत के दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) का गुस्सा फूट पड़ा है। हरभजन ने कड़े शब्दों में कीर्ति आज़ाद के बयान को राजनीति से प्रेरित बताते हुए उन्हें करारा जबाव दिया है।
Harbhajan Singh ने क्या कहा ?

हरभजन सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि कीर्ति आज़ाद जैसे पूर्व क्रिकेटर का इस तरह का बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। भज्जी ने साफ किया कि खिलाड़ियों की आस्था व्यक्तिगत होती है और इसे राजनीति के चश्मे से देखना गलत है।
उन्होंने कहा कि यह अजीब है कि कोई पूर्व क्रिकेटर, खिलाड़ियों के ट्रॉफी मंदिर ले जाने पर राजनीति कर रहा है। कीर्ति खुद एक पुराने क्रिकेटर हैं, इसलिए मुझे उनसे ऐसी बात कहने की उम्मीद नहीं थी।
शायद वे खेल से ज्यादा राजनीति को तवज्जो दे रहे हैं और भूल गए हैं कि वे एक स्पोर्ट्समैन हैं। हरभजन (Harbhajan Singh) ने जोर देकर कहा कि मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारा सब एक समान हैं और कहीं भी जाने में कोई बुराई नहीं है।
कीर्ति आज़ाद ने क्या कहा था ?
कीर्ति आज़ाद ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में यह सवाल किया था कि भारतीय टीम, जिसमें हर धर्म के खिलाड़ी होते हैं, वह सिर्फ मंदिर ही क्यों जाती है। उन्होंने इसे धार्मिक राजनीति से जोड़ने का प्रयास किया था।
हरभजन (Harbhajan Singh) ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए कहा कि,
"यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पूर्व क्रिकेटर इस तरह की राजनीति कर रहा है। टीम इंडिया ट्रॉफी लेकर मंदिर जाए, मस्जिद जाए या चर्च, यह उनकी पसंद है। हमारे धर्म में सिखाया जाता है कि सभी रास्ते एक ही ईश्वर की ओर जाते हैं। अगर किसी ने मन्नत मांगी थी और वह पूरी होने पर मत्था टेकने गया, तो इसमें समस्या क्या है?"
पूर्व खिलाड़ियों की राजनीति पर चिंता
हरभजन सिंह (Harbhajan Singh) ने इस बात पर भी निराशा जताई कि कैसे कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों के लिए खेल के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए यह गर्व का क्षण है।
भारतीय टीम ने बेहतरीन खेल दिखाया और पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराया। ऐसे में टीम के साथ खड़े होने के बजाय, उन पर सवाल उठाना न केवल खिलाड़ियों का, बल्कि खेल भावना का भी अपमान है।
भज्जी ने अंत में कहा कि सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए और ईश्वर तक पहुंचने के रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन मंजिल एक ही है। उन्होंने कीर्ति आज़ाद को सलाह दी कि वे खेल को राजनीति से ऊपर रखें और देश की इस बड़ी जीत का जश्न मनाएं।
कीर्ति आज़ाद की सुबह ईशान किशन ने बेइज्जती की
— Hardik Bhavsar (@Bitt2DA) March 10, 2026
और शाम को हरभजन ने कीर्ति के सनातन पे उठाये सवाल पर तगड़े तरीक़े से खंडन किया है
भज्जी ने साफ़ कहा है — वो उनकी आस्था है, कही भी जाये ,, आस्था पे बेतुका सवाल नहीं करना चाहिए
दीदी के चमचे आ गया स्वाद….? 🤣 pic.twitter.com/MGL88j7y9u
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर