भारी आलोचना के बाद काव्या मारन के कोच ने दी सफाई, बताया किस मजबूरी के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी अबरार अहमद को खरीदा
Abrar Ahmed: इंग्लैंड की प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग द हंड्रेड के हालिया ऑक्शन के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चेन्नई स्थित मीडिया समूह सन ग्रुप की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को खरीद लिया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी आलोचना देखने को मिली।
खास बात यह रही कि अबरार अहमद किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा साइन किए जाने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए।
इस फैसले के बाद सनराइजर्स हैदराबाद की सह-मालकिन काव्या मारन और टीम मैनेजमेंट चर्चा के केंद्र में आ गए। हालांकि अब टीम के मुख्य कोच डेनियल विटोरी ने इस फैसले पर सफाई देते हुए बताया है कि आखिर टीम ने अबरार अहमद को क्यों चुना।
Abrar Ahmed पर ऑक्शन में छिड़ी थी कड़ी बोली की जंग
द हंड्रेड के ऑक्शन के दौरान पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को खरीदने के लिए कई फ्रेंचाइजी के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। सनराइजर्स लीड्स और ट्रेंट रॉकेट्स के बीच बोली की कड़ी जंग छिड़ गई थी। आखिरकार सनराइजर्स लीड्स ने 190,000 पाउंड यानी लगभग 2.34 करोड़ रुपये की बोली लगाकर उन्हें अपनी टीम में शामिल कर लिया।
इस ऑक्शन के दौरान सनराइजर्स हैदराबाद की सह-मालकिन काव्या मारन भी मौजूद थीं और उन्होंने बोली लगाने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। जैसे ही यह खबर सामने आई कि भारतीय मालिकाना हक वाली टीम ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन किया है, सोशल मीडिया पर इस फैसले को लेकर बहस शुरू हो गई।
डेनियल विटोरी ने बताया चयन का असली कारण
टीम के मुख्य कोच डेनियल विटोरी ने BBC Sport से बातचीत में कहा कि अबरार अहमद (Abrar Ahmed) को चुनने का फैसला पूरी तरह क्रिकेटिंग जरूरतों के आधार पर लिया गया था। उन्होंने बताया कि अबरार के पास कई तरह की गेंदबाजी विविधताएं हैं, जो उन्हें अन्य स्पिनरों से अलग बनाती हैं।
"हम नीलामी में हर उस खिलाड़ी को रडार पर रखकर आए थे जो हमारे लिए उपलब्ध था. जैसे ही विकल्प खुला, हमारे पास कई इंटरनेशनल स्पिनर्स के नाम थे, लेकिन अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे."
विटोरी के अनुसार इंग्लैंड के कई घरेलू खिलाड़ी अबरार (Abrar Ahmed) की गेंदबाजी का सामना पहले नहीं कर चुके हैं, इसलिए उनकी रहस्यमयी स्पिन बल्लेबाजों के लिए चुनौती बन सकती है। यही कारण था कि टीम मैनेजमेंट ने उन्हें प्राथमिकता दी।
पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर अटकलों पर भी दिया जवाब
विटोरी ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर चल रही अटकलों की जानकारी थी। हालांकि उन्होंने साफ किया कि फ्रेंचाइजी को किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को साइन न करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया था।
उनके मुताबिक टीम ऑक्शन में इस सोच के साथ उतरी थी कि सभी उपलब्ध खिलाड़ी उनके लिए विकल्प हैं। उन्होंने कहा कि ऑक्शन में कई अंतरराष्ट्रीय स्पिनर मौजूद थे, लेकिन टीम की रणनीति के अनुसार अबरार अहमद सबसे उपयुक्त विकल्प साबित हुए।
ऑक्शन में अन्य पाकिस्तानी खिलाड़ियों की स्थिति
द हंड्रेड के इस ऑक्शन में बिकने वाले अबरार अहमद (Abrar Ahmed) दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी बने। उनसे पहले मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक को बर्मिंघम फीनिक्स ने 140,000 पाउंड यानी करीब 1.72 करोड़ रुपये में खरीदा था।
हालांकि फीनिक्स का इंडियन प्रीमियर लीग से कोई संबंध नहीं है। इसके अलावा पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ, ऑलराउंडर सैम अयूब और स्पिनर शादाब खान ऑक्शन में अनसोल्ड रह गए।
वहीं तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी ने पहले ही इस ऑक्शन से अपना नाम वापस ले लिया था। महिलाओं के द हंड्रेड ऑक्शन में पाकिस्तान की फातिमा सना और सादिया इकबाल भी अनसोल्ड रहीं। यह लीग 21 जुलाई से 16 अगस्त तक खेली जाएगी।
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