पांच भारतीय खिलाड़ी जिन्होंने धोनी से ज्यादा विराट की कप्तानी में कमाया नाम
Published - 05 Jul 2018, 06:39 PM

टीम इंडिया के इतिहास में कई ऐसे कप्तान आए जिनके दौर में भारत ने क्रिकेट दुनिया में नंबर एक का सपना देखा । लेकिन असल नींव रखी सौरव गांगुली ने।भारत के जो दो सफल कप्तान माने जाते है वो है सौरव गांगुली और महैंद्र सिंह धोनी। लेकिन धोनी अपनी कप्तानी में हमेशा कुछ ऐसा करने के लिए जाने गए जो कोई और नहीं सोच सकता। मैदान पर हर वक़्त संतुलित दिमाग से सोचना उनकी सफ़लता का मुख्य कारण बना। उनकी इस अदा ने उन्हें कैप्टेन कूल का टाइटल दे दिया और देश को तीन बड़े आईसीसी ट्रॉफी।
लेकिन धोनी के कप्तानी त्यागने के बाद अब भारत को नए कप्तान मिले है विराट कोहली। इनकी कप्तानी का अंदाज़ अलग है और इनकी कप्तानी में ऐसे बहुत से खिलाड़ी है जिनके रिकार्ड्स काफी सुधरे है। आइए जानते है ऐसे ही पांच भारतीय खिलाड़ियों को।
#1. अमित मिश्रा
चार साल बाद 2015 में अमित मिश्रा ने टेस्ट टीम में वापसी की। हरयाणा के इस लेग स्पिनर की टीम वापसी से पहले,भारतीय टीम काफी बदलाव से गुजर चुकी थी। सबसे बड़ा बदलाव था कप्तान धोनी की जगह विराट कोहली का कप्तानी संभालना। जो भी हो लेकिन ये बदलाव मिश्रा के लिए बहुत ही लाभदायक साबित हुआ। बाकी कप्तानों के मुक़ाबले विराट ने अमित पर ज्यादा विश्वास दिखाया।
धोनी और विराट की कप्तानी में अमित मिश्रा का प्रदर्शन
धोनी के कप्तानी से सन्यास के वक़्त अमित मिश्रा ने 11 टेस्ट मुकाबलों में 45.82 के एवरेज से 34 विकेट अपने नाम किए। जबकि विराट की कप्तानी में 33 वर्ष के मिश्रा ने 7 मैचों में 20.64 की एवरेज से 28 विकेट झटके। वो अलग बात है कि अपनी वापसी के बाद अमित मिश्रा को ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला। मगर एक अटैकिंग गेंदबाज के तौर पर विराट का उनका इस्तेमाल करना उनके लिए बहुत ही लाभदायक था।
#2. चेतेश्वर पुजारा
धोनी की कप्तानी में पुजारा ने कुल 26 टेस्ट मैच खेले। 47.11 की औसत से 2000 के आस-पास रन बनाए जिसमें 6 सतक भी शामिल है। जबकि विराट की कप्तानी में मात्र 12 मुकाबलों में ही 54.75 की औसत से रन बनाए। जिसमें 2 सतक और 5 अर्धसतक शामिल है।
विराट की कप्तानी में पुजारा का सबसे उम्दा परफॉरमेंस
विराट की कप्तानी में पुजारा ने सबसे अच्छा खेल न्यूज़ीलैंड के विरुद्ध टेस्ट सिरीज में दिखाया। अपनी 6 इनिंग में 70 से ऊपर का एवरेज रख 373 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वाधिक स्कोर रहा 101 नाबाद। विराट की कप्तानी में इस बल्लेबाज का ही नहीं बल्कि इनके खेल से टीम इंडिया का भी भला हुआ।
#3. रविन्द्र जडेजा
भारीतय जमीन पर भारत के लिए विकेट लेने वाले गेंदबाज का रोल जडेजा ने बखूबी निभाया। एक हरफनमौला खिलाड़ी के तौर पर इनके सभी बेहतरीन प्रदर्शन विराट की कप्तानी में आए। यूँ तो जडेजा एकदिवसीय मैचों के लिए हमेशा से बेहतरीन खिलाड़ी रहे है। लेकिन टेस्ट मैचों में उनकी क्षमता को पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने पहंचाना।
धोनी और विराट की कप्तानी में जडेजा का प्रदर्शन
धोनी की कप्तानी में कुल 12 मैचों में बाएं हाथ के जडेजा ने 30.37 की एवरेज से 45 विकेट अपने नाम किए। जबकी विराट की कप्तानी में जडेजा ने मात्र 8 मुकाबलों में 15.82 की औसत से कुल 40 विकेट झटके।
#4. अजिंक्ये रहाणे
ये कहना गलत नहीं होगा कि टेस्ट मुकाबलों में रहाणे भारत के भरोसेमंद बल्लेबाजों में एक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की विदेशी मैदानों पर भी उन्होंने भारत के लिए रनों के भंडार लगाए है।
धोनी और विराट की कप्तानी में रहाणे का प्रदर्शन
धोनी की कप्तानी में भी रहाणे का प्रदर्शन अच्छा रहा था। कुल 23 इनिंग्स में 45.90 की औसत से करीब 1000 रन उन्होंने अपने नाम किए। इन पारियों में कुल 3 महत्वपूर्ण सतक भी थे। लेकिन विराट की कप्तानी में तो इस बल्लेबाज का रंग ही अलग दिखा। मात्र 27 मुकाबलों में 56.59 की औसत से 1245 रन बनाए। हालही में उन्होंने कप्तान विराट के साथ 365 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की और 188 रन का टेस्ट का अपना सर्वाधिक स्कोर भी बनाया।
#5. रविचंद्रन अश्विन
2011 में अपने क्रिकेट सफर की शुरुवात के बाद। अश्विन को मात्र 39 मुकाबलों में ही गेंदबाजो की सूची में पहला स्थान मिल गया। तमिलनाडु के इस ऑफ स्पिनर ने सबको अपनी गेंदबाजी से कुछ ही पलों में अपना मुरीद बना दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि अश्विन को यह पहँचान कैप्टेन कूल की कप्तानी में मिली।
धोनी और विराट की कप्तानी में अश्विन का प्रदर्शन
साल 2011 से 2014 के बीच धोनी की कप्तानी में अश्विन ने कुल 22 मुकाबले खेले। 28.77 के शानदार औसत से उन्होंने 109 विकेट झटके। उनका सबसे बढ़िया प्रदर्शन रहा जब एक ही टेस्ट मुकाबले में उन्होंने 9 विकेट अपने नाम किए। जबकि विराट की कप्तानी में 18.31 के शानदार एवरेज से 16 मुकाबलो में 106 विकेट अपने नाम किए। एक ही मुकाबले में 12 विकेट लेना उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। विराट की कप्तानी में उन्हें चार मौकों पर मैन ऑफ द सीरीज का किताब मिला।
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