जानें क्यों दुनिया के नंबर-1 स्पिनर होने के बावजूद कुलदीप को नहीं मिली प्लेइंग इलेवन में जगह, अब जाकर उठा राज से पर्दा
Published - 08 Feb 2026, 05:09 PM | Updated - 08 Feb 2026, 05:12 PM
Kuldeep Yadav: भारतीय क्रिकेट टीम के मिस्ट्री स्पीनर कुलदीप यादव को पहले टी20 विश्व कप मैच में प्लेइंग 11 से बाहर रहना पड़ा था। भारतीय खिलाड़ीयों के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है लेकिन कभी-कभी यही प्रतिभा चयन के लिए सिरदर्द बन जाती है। दुनिया के नंबर-1 स्पिनर होने के बावजूद कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) को प्लेइंग इलेवन से बाहर क्यों बैठना पड़ा। प्रशंसक इस बात से हैरान रहते हैं कि आखिर विकेट चटकाने की अद्भुत क्षमता रखने वाला यह चाइनामैन गेंदबाज टीम संयोजन में फिट क्यों नहीं बैठ पा रहा है?
बैटिंग डेप्थ देने में नाकाम Kuldeep Yadav

मौजूदा दौर की टी20 और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अब केवल स्पेस्लीस्ट गेंदबाज होना काफी नहीं रह गया है। टीम इंडिया के कप्तान और कोच का मानना है कि नंबर 8 तक बल्लेबाजी का होना अनिवार्य है। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) अपनी फिरकी से दुनिया के किसी भी बल्लेबाज को चकमा देने की काबिलियत रखते हैं लेकिन जब बात बल्ले से योगदान देने की आती है, तो वे पिछड़ जाते हैं।
टीम मैनेजमेंट को निचले क्रम में एक ऐसे खिलाड़ी की तलाश रहती है जो संकट के समय 15-20 रन बना सके या बड़े हिट लगा सके। यही कारण है कि कुलदीप की जगह अक्सर अक्षर पटेल या वाशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जाती है। कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) की गेंदबाजी को लेकर कोई संदेह नहीं है लेकिन टीम की बैटिंग डेप्थ की जरूरत ने इस महान स्पिनर को बेंच पर बैठने के लिए मजबूर कर दिया है। जब पिच स्पिनरों के लिए बहुत ज्यादा मददगार न हो तब टीम अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प के साथ जाना ज्यादा सुरक्षित समझती है।
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टीम कॉम्बिनेशन में अक्षर पटेल की मांग
जब हम कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) के चयन की बात करते हैं तो सीधे तौर पर मुकाबला टीम के संतुलन से होता है। अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी गेंदबाजी में कुलदीप जितने आक्रामक न हों, लेकिन वे बल्लेबाजी में जो मजबूती प्रदान करते हैं, वह कप्तान के लिए एक सेफ्टी की तरह काम करता है। टी20 फॉर्मेट में अक्सर 8वें नंबर के बल्लेबाज की जरूरत पड़ती है इसी रणनीति के तहत कुलदीप को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जा रहा है।
कुलदीप यादव हमेशा मैच विनर रहें हैं लेकिन जब टीम को गेंदबाजी और बल्लेबाजी के बीच संतुलन बनाना होता है तो पलड़ा ऑलराउंडर्स की तरफ झुक जाता है। रविंद्र जडेजा के दौर के बाद अब टीम ऐसे स्पिनर्स को ग्रूम कर रही है जो बल्ले से भी मैच जिता सकें। कुलदीप के लिए यह स्थिति थोड़ी निराशाजनक हो सकती है क्योंकि उनकी फॉर्म शानदार रही है, फिर भी 'नंबर 8 की स्लॉट उनकी राह का सबसे बड़ा रोड़ा बनकर सामने आई है।
क्या Kuldeep Yadav को बल्लेबाजी में सुधार करने की जरूरत ?
दुनिया का नंबर-1 स्पिनर होने का तमगा हासिल करना आसान नहीं है लेकिन कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने इसे अपनी मेहनत से पाया है। हालांकि, मौजूदा क्रिकेट परिदृश्य को देखते हुए उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर अतिरिक्त काम करने की जरूरत है। कुलदीप यादव इससे पहले एक बार टीम से बाहर होने के बाद जबरदस्त वापसी किए। उन्होंने अपने आपको मौजूदा दौड़ की गेंदबाजी तकनीकी से अपडेट किया।
जिसके बाद टीम में इंट्री हुई और टीम के लिए एक्स फेक्टर भी साबुत हुए लेकिन मौजूदा समिकरण में फीट बैठने के लिए कुलदीप को बल्लेबाजी में भी प्रूव करना होगा। भारतीय टी20 टीम में किसी भी खिलाड़ीयों के लिए जगह बरकरार रखना अब आसान नहीं रह गया है। यह राज अब खुल चुका है कि समस्या उनकी बॉलिंग नहीं, बल्कि टीम की लंबी बैटिंग लाइनअप की मांग है।
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सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर