बैक-टू-बैक फ्लॉप प्रदर्शन के बावजूद इस खिलाड़ी को टीम में मिल रहा मौका, गंभीर-अजित ड्रॉप करने को नहीं तैयार
Published - 19 Jan 2026, 09:23 AM | Updated - 19 Jan 2026, 09:50 AM
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भारतीय क्रिकेट टीम इस समय बदलाव के एक बड़े दौर से गुजर रही है, जहां मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर की जोड़ी भविष्य की टीम तैयार करने में जुटी है। हालांकि, इस परिवर्तन के बीच एक दिग्गज ऑलराउंडर की खराब फॉर्म टीम इंडिया के लिए सिरदर्द बनी हुई है। लगातार फ्लॉप प्रदर्शन और गिरते स्ट्राइक रेट के बावजूद इस अनुभवी खिलाड़ी को बार-बार प्लेइंग इलेवन में मौका दिया जा रहा है, जिसने अब प्रशंसकों और आलोचकों के बीच एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
Gautam Gambhir का अटूट भरोसा
भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) अपनी साफ-सुथरा सोच और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं, लेकिन रवींद्र जडेजा के मामले में उनकी रणनीति कुछ अलग नजर आ रही है। पिछले कुछ अंतरराष्ट्रीय दौरों और हालिया घरेलू सीरीज में जडेजा न तो बल्ले से कमाल कर पाए हैं और न ही गेंद से विपक्षी बल्लेबाजों को परेशान कर सके हैं।
विशेषकर सफेद गेंद के क्रिकेट में, मिडिल ओवर्स के दौरान उनका रन न रोक पाना और विकेट न निकाल पाना भारत को भारी पड़ रहा है। इसके बावजूद, गंभीर उन्हें लगातार बैक कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) शायद जडेजा के अनुभव और उनकी फील्डिंग क्षमता को देखते हुए उन्हें ड्रॉप करने का जोखिम नहीं उठाना चाहते, लेकिन क्या केवल अनुभव के दम पर खराब फॉर्म को नजरअंदाज करना सही है!
अजीत अगरकर की चयन नीति पर सवाल
अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने पिछले कुछ समय में कई साहसी फैसले लिए हैं, लेकिन जडेजा के रिप्लेसमेंट को लेकर वे अभी भी हिचकिचाते दिख रहे हैं। टीम इंडिया के पास अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर जैसे बेहतरीन विकल्प मौजूद हैं, जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। अक्षर पटेल ने अपनी बल्लेबाजी और सटीक गेंदबाजी से कई बार खुद को जडेजा से बेहतर विकल्प साबित किया है।
फिर भी, बड़े टूर्नामेंट्स और महत्वपूर्ण सीरीज के लिए अगरकर की पहली पसंद जडेजा ही बने हुए हैं। गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) और अगरकर की यह जोड़ी शायद इस उम्मीद में है कि जडेजा अपनी पुरानी लय वापस पा लेंगे, लेकिन लगातार असफलताओं के बाद अब यह इंतजार टीम के संतुलन को बिगाड़ रहा है।
Gautam Gambhir को कड़े फैसलों की जरूरत
आगामी चैंपियंस ट्रॉफी और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए भारतीय टीम मैनेजमेंट को अपनी प्राथमिकताओं पर पुनर्विचार करना होगा। गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने पद संभालते ही कहा था कि प्रदर्शन ही टीम में जगह पाने का एकमात्र पैमाना होगा। यदि जडेजा जैसे सीनियर खिलाड़ी लगातार फ्लॉप होते हैं और फिर भी उन्हें मौका मिलता है, तो इससे बेंच पर बैठे युवा खिलाड़ियों का मनोबल गिर सकता है।
टीम इंडिया को इस समय ऐसे ऑलराउंडर की जरूरत है जो मैच का रुख पलटने की क्षमता रखता हो। गंभीर और अगरकर को यह समझना होगा कि आधुनिक क्रिकेट में केवल नाम के आधार पर जगह सुरक्षित नहीं रखी जा सकती। अब समय आ गया है कि टीम हित में कड़े फैसले लिए जाएं ताकि 2026 के बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सके।
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