टीम इंडिया में नहीं मिला मौका, तो ये रणजी खिलाड़ी देश को धोखा देकर पड़ोसी मुल्क से खेल रहा इंटरनेशनल खिलाड़ी
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Team India: भारतीय क्रिकेट में हर साल सैकड़ों प्रतिभाशाली खिलाड़ी घरेलू स्तर पर पसीना बहाते हैं, लेकिन चंद ही लोग टीम इंडिया (Team India) तक पहुंच पाते हैं। कई बार प्रदर्शन से ज़्यादा सिस्टम, माहौल और मानसिक मजबूती करियर की दिशा तय कर देती है।
इसी भीड़ में एक ऐसा बाएं हाथ का बल्लेबाज़ भी था, जिसने कम उम्र में बड़ी पहचान बनाई, लेकिन भारत के घरेलू क्रिकेट में लगातार संघर्ष और टूटन ने उसे उस मोड़ पर ला खड़ा किया, जहां उसे देश छोड़कर किसी और के लिए खेलने का फैसला करना पड़ा।
आज वही खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक पड़ोसी मुल्क के लिए खेल रहा है और उसकी कहानी भारतीय घरेलू क्रिकेट की सच्चाई को उजागर करती है।
ओडिशा में संघर्ष और मानसिक टूटन
यह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि ओडिशा के पूर्व घरेलू क्रिकेटर और मौजूदा हॉन्ग कॉन्ग अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अंशुमन रथ हैं।
ओडिशा के लिए उनका घरेलू सफर उम्मीदों से भरा था, लेकिन सीनियर-जूनियर का कड़ा भेद, सार्वजनिक फटकार और ड्रेसिंग रूम का दबाव धीरे-धीरे उनके लिए भारी पड़ने लगा और वह मानसिक रूप से टूटते चले गए। लगातार मैच खेलने के बावजूद आत्मविश्वास गिरता गया।
चोटों और खराब मानसिक स्थिति के चलते उनका वजन तेजी से बढ़ा और खेल से आनंद खत्म होता चला गया। हालात इतने बिगड़ गए कि सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान वह सिर्फ इसलिए मैदान से दूर रहना चाहते थे क्योंकि उनके लिए खेलना मानसिक यातना बन चुका था।
Team India का सपना और हकीकत
हॉन्ग कॉन्ग वापसी और नई शुरुआत
भारत (Team India) में टूट चुका यह खिलाड़ी जब हॉन्ग कॉन्ग लौटा, तो वहां का माहौल उसके लिए बिल्कुल अलग था। क्रिकेट हॉन्ग कॉन्ग ने अंशुमन रथ पर बिना किसी शर्त भरोसा जताया और उन्हें वह सम्मान दिया, जिसकी उन्हें सालों से तलाश थी। परिवार के साथ रहना, आज़ादी से खेलना और टीम के भीतर अपनापन महसूस करना उनके खेल में साफ दिखने लगा
फिटनेस लौटी, आत्मविश्वास बढ़ा और क्रिकेट के प्रति प्यार फिर जाग उठा। आज अंशुमन रथ उसी खेल को मुस्कुराते हुए खेल रहे हैं, जो कभी उन्हें बोझ लगने लगा था, फर्क सिर्फ इतना है कि अब उनकी जर्सी का रंग बदल चुका है।
अंशुमन रथ का इंटरनेशनल करियर
अंशुमन रथ ने हॉन्ग कॉन्ग के लिए वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है। वनडे में उन्होंने 18 मैचों में 827 रन बनाए, जहां उनका औसत 51.69 और स्ट्राइक रेट 76.65 रहा। इस फॉर्मेट में उनके नाम सात अर्धशतक और एक शतक दर्ज है।
गेंदबाज़ी में उन्होंने 14 विकेट लिए और उनकी इकॉनमी रेट 2.97 रही, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट 22 रन रहा। उन्होंने वनडे डेब्यू 2014 में पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ किया था।
उनका सबसे यादगार प्रदर्शन साल 2018 के एशिया कप में टीम इंडिया (Team India) के खिलाफ देखने को मिला था, जब उन्होंने 73 रनों की शानदार पारी खेली।
इस दौरान नज़ाकत ख़ान के साथ उनकी 174 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी ने हॉन्ग कॉन्ग को लगभग यह मुकाबला जिता ही दिया था और भारतीय टीम (Team India) को आख़िरी समय तक कड़ी चुनौती मिली थी।
टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 73 मैचों में 1912 रन बनाए हैं। यहां उनका औसत 29.42 और स्ट्राइक रेट 119.80 रहा। टी20I में उनके नाम 9 अर्धशतक और 1 शतक है।
गेंदबाज़ी में उन्होंने 7 विकेट लिए, इकॉनमी रेट 8.02 रही और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3 विकेट 6 रन का रहा। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल डेब्यू 2015 में नेपाल के खिलाफ किया था।