Arjun Tendulkar on his Ranji Century

Arjun Tendulkar: “क्रिकेट के भगवान” के नाम से मशहूर पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने रणजी ट्रॉफी में डेब्यू करते हुए कोहराम मचा दिया. उन्होंने राजस्थान के खिलाफ एक तूफानी शतक जड़कर महफिल लूट ली. जिसके चलते वह अब चर्चा का विषय बने हुए हैं. अर्जुन ने अपने पिता सचिन तेंदुलकर की तरह फर्स्ट क्लास में डेब्यू करते हुए सेंचुरी जड़ी है. जिसके बाद उन्होंने अब बड़ा बयान भी दिया है. तेंदुलकर (Arjun Tendulkar) ने कहा कि उनको हमेशा से अपनी क्षमता पर भरोसा था.

“मुझे हमेशा से अपनी क्षमता पर भरोसा था”

Arjun Tendulkar

आपको बता दें कि युवा स्टार ऑलराउंडर अर्जुन तेंदुलकर (Arjun Tendulkar) ने राजस्थान के खिलाफ अपने पहले ही रणजी ट्रॉफी मुकाबले में 207 गेंदों का सामना कर 57.97 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाज़ी करते हुए 120 रन बनाए हैं. जिसमें उनके बल्ले से 16 चौके और 2 गगनचुंबी छक्के भी देखने को मिले हैं. वहीं अर्जुन ने इस बेहतरीन पारी के बाद बड़ा बयान दिया है. उन्होंने टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बातचीत करते हुए कहा कि,

“मुझे हमेशा से अपनी क्षमता पर विश्वास था और मुझे पता था कि अगर मैं एक बार टिक जाऊं, तो बड़ी पारी खेल सकता हूं. मुझे बस पहला घंटा संभलकर खेलना था और फिर अपनी पारी को आगे बढ़ाना था.”

“पहले घंटे संभलकर खेलूं और फिर रन बनाऊं”- Arjun Tendulkar

Arjun Tendulkar hits century on Ranji Trophy debut, emulates his dad Sachin

23 वर्षीय अर्जुन तेंदुलकर ने आगे अपने बयान में इस बात का भी खुलासा किया कि जब वह बल्लेबाज़ी करने आए थे तो उनका काम सुयश प्रभुदेसाई को बचाना या प्रोटेक्ट करना था. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि दूसरे दिन उनका काम पहले घंटे संभलकर खेलना और फिर रन बनाना था. अर्जुन ने कहा कि,

“जब मैं आया था, तब मेरा काम था कि मैं ज्यादा से ज्यादा गेंदों का सामना करूं क्योंकि सुयश 80 पर खेल रहा था, और मेरा काम उसे प्रोटेक्ट करना था. वहीं दूसरे दिन मेरा काम था पहले घंटे संभलकर खेलूं और फिर रन बनाऊं.”

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