खिलाड़ियों के स्टारडम पर बोले कोच गौतम गंभीर, कहा 'मैं सुपरस्टार कल्चर खत्म कर, चाहता हूँ कि.....
Published - 12 Mar 2026, 01:22 PM | Updated - 12 Mar 2026, 01:24 PM
हाल ही में समाप्त हुए आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम की जीत के बाद टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने एक बड़ा बयान दिया है। अपनी बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले गंभीर ने सीधा कहा है कि उनका ध्यान किसी व्यक्तिगत सुपरस्टार को बनाने पर नहीं, बल्कि एक सुपर टीम तैयार करने पर है।
उन्होंने कहा कि मीडिया का काम खिलाड़ियों को सुपरस्टार बनाना है, लेकिन एक कोच के तौर पर उनकी प्राथमिकता ड्रेसिंग रूम के सभी सदस्यों को समान अवसर देकर टीम को विश्व विजेता बनाना है।
Gautam Gambhir ने मीडिया पर तंज कसा

गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) भारतीय टीम के टी20 विश्व कप जीतने के बाद एएनआई के साथ बातचीत में इस बात पर जोर दिया कि भारतीय क्रिकेट में वर्षों से चले आ रहे सुपरस्टार कल्चर को अब बदलने की जरूरत है।
गंभीर ने कहा कि मीडिया और मेरे काम में यही सबसे बड़ा अंतर है। मीडिया सुपरस्टार बनाना पसंद करता है, जबकि मेरा काम एक सुपर टीम' बनाना है। गंभीर ने स्पष्ट किया कि उन्हें सोशल मीडिया फॉलोअर्स, टीआरपी या खिलाड़ियों द्वारा हासिल किए गए व्यक्तिगत रनों से कोई फर्क नहीं पड़ता।
उनके लिए ड्रेसिंग रूम में मौजूद सभी 15 खिलाड़ी बराबर हैं और उनकी जवाबदेही सिर्फ उस टीम के प्रति है जो मैदान पर देश के लिए खेलती है।
आपको बता दे गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) के आने के बाद से टीम के अंदर माहौल काफी बदला है, जिसका सीधा असर टीम के खिलाड़ियों पर दिखता है। हालांकि ड्रेसिंग रूम का माहौल अनिल कुंबले के कोच बनने के बाद भी पड़ा था लेकिन उस वक्त खिलाड़ियों के ईगो में बदलाव देखने को मिला था,
जिसके बाद उनकी शिकायत बीसीसीआई से की गई थी और कुंबले ने अपना पूरा कार्यकाल समाप्त किये बगैर इस्तीफा दे दिया था।
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गंभीर की नजरों में व्यक्तिगत प्रदर्शन मायने नहीं रखता
गंभीर ने अपने कोचिंग अनुभव को साझा करते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट में लंबे समय से व्यक्तिगत माइलस्टोन के पीछे भागने की आदत रही है, जिसे वे खत्म करना चाहते हैं।
गंभीर (Gautam Gambhir) के इस बात से आपको अंदाजा लग गया होगा कि उन्होंने किस संदर्भ में इस बात को कहा है, उम्मीद है आपको याद होगा गौतम गंभीर की 2011 के वर्ल्ड कप को लेकर कहा गया बात की हमने एक छक्के से विश्व कप नहीं जीता था।
उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में टीम के दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए बताया कि वे नहीं चाहते कि कोई खिलाड़ी व्यक्तिगत शतक या अर्धशतक के लिए अपनी बल्लेबाजी की गति धीमी करे।
उनके अनुसार, यदि टीम की जीत के लिए 10 रन की छोटी लेकिन अहम पारी भी जरूरी है, तो उसका मूल्य किसी बड़े व्यक्तिगत शतक से कम नहीं है। गंभीर का मानना है कि जब खिलाड़ी व्यक्तिगत स्वार्थ छोड़कर टीम के लक्ष्य के लिए खेलते हैं, तभी विश्व कप जैसी सफलताएं मिलती हैं।
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टीम इंडिया के भविष्य का प्लान
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) का यह बयान उनके कड़े और अनुशासित स्वभाव को दर्शाता है, जिसने टीम इंडिया के अंदर एक नई ऊर्जा को लाया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपने कार्यकाल के अंत तक एक ऐसी टीम छोड़ना चाहते हैं जो सुपरस्टार के नाम पर नहीं,
बल्कि अपने बेहतरीन तालमेल और टीम भावना के लिए जानी जाए। उन्होंने कहा कि टीम में पारदर्शिता और निष्पक्षता सबसे महत्वपूर्ण है, और वे किसी भी बाहरी शोर या आलोचना के बजाय ड्रेसिंग रूम के भीतर के भरोसे पर अधिक विश्वास करते हैं।
गंभीर की यह कार्यशैली साफ संकेत देती है कि आने वाले समय में भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा को नाम से बड़ा दर्जा मिलेगा। हालांकि आपको बता दे गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) पर अक्सर हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को बैकअप करने का आरोप लगता रहा है।
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर