कीर्ति आज़ाद को अब कोच गंभीर ने सुनाई खरी-खोटी, बोले 'तुम अपने देश के खिलाड़ियों का....'
Published - 11 Mar 2026, 03:43 PM | Updated - 11 Mar 2026, 03:54 PM
Gautam Gambhir statement on Kirti Azad: टी20 वर्ल्ड कप 2026 की खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम के मंदिर दर्शन को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आज़ाद द्वारा टीम इंडिया की आस्था पर उठाए गए सवालों के बाद पहले हरभजन सिंह ने तो अब भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने मोर्चा संभाल लिया है। अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए प्रसिद्ध गंभीर ने कीर्ति आज़ाद को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है।
Gautam Gambhir का तीखा पलटवार

पूर्व सांसद, हमेशा से राष्ट्रवाद और टीम भावना को सबसे उपर रखने वाले गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने कीर्ति आज़ाद के बयान पर गहरी नाराजगी जताई है। गंभीर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जब पूरा देश जश्न मना रहा है, तब कुछ लोग खिलाड़ियों की आस्था पर राजनीति कर रहे हैं।
कीर्ति आज़ाद को यह समझना चाहिए कि खेल और खिलाड़ियों का सम्मान करना सबसे ऊपर है। आप अपने ही देश के खिलाड़ियों की भावनाओं का अपमान कर रहे हैं।
गंभीर ने आगे कहा कि किसी भी खिलाड़ी को यह बताने की जरूरत नहीं है कि उसे अपनी जीत का जश्न कैसे मनाना चाहिए या किस मंदिर में माथा टेकना चाहिए। गौतम गंभीर ने कहा कि लड़को के उपर इतना प्रेशर था वो बच्चे ही जानते है, उनके इस तरह के स्टेटमेंट से वो अपने ही खिलाड़ीयों की बदनामी कर रहें हैं। इस तरह की स्टेटमेंट हमारे एचीवमेंट को डाल्यूट करते हैं और खिलाड़ीयों के मनोबल को तोड़ते है।
IPL 2026 के लिए RCB की पूरी टीम का हुआ ऐलान, पाटीदार(कप्तान), कोहली, टिम डेविड, हेजलवुड, बैथल, साल्ट....
आस्था पर सवाल उठाना गलत
गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने कीर्ति आज़ाद के उस दावे को भी खारिज किया जिसमें उन्होंने इसे एक विशेष एजेंडे के तहत की गई यात्रा बताया था। कोच गंभीर ने स्पष्ट किया कि भारतीय टीम एक परिवार की तरह है जिसमें हर धर्म का सम्मान किया जाता है।
उन्होंने कहा कि, "जब हम मैदान पर होते हैं, तो हम केवल भारतीय होते हैं। मैच जीतने के बाद अगर खिलाड़ी मंदिर जाकर शुक्रिया अदा करना चाहते हैं, तो इसमें राजनीति ढूंढना संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है।
यह किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत पसंद है और इस पर बेतुके सवाल उठाना बंद होना चाहिए।" गंभीर के इस बयान ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा दी है और फैंस उनके इस स्टैंड का समर्थन कर रहे हैं।
खिलाड़ियों के मनोबल पर गंभीर की चिंता
गंभीर ने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी से खिलाड़ियों के मनोबल पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक खिलाड़ी सालों की मेहनत के बाद देश के लिए वर्ल्ड कप जीतता है और जब वह वापस आता है, तो उसे बधाई देने के बजाय उसकी आस्था पर सवाल खड़े किए जाते हैं।
गंभीर (Gautam Gambhir) ने साफ शब्दों में कहा कि तुम अपने देश के खिलाड़ियों का समर्थन करने के बजाय उन्हें विवादों में घसीट रहे हो, यह एक पूर्व खिलाड़ी को शोभा नहीं देता।
गंभीर ने अंत में अपील की कि खेल को राजनीति से दूर रखा जाए और इस जीत का आनंद केवल एक भारतीय के तौर पर लिया जाए, न कि किसी विशेष विचारधारा के चश्मे से।
कीर्ति आजाद को सब पेल रहे है
— Ocean Jain (@ocjain4) March 11, 2026
अब कोच गौतम गंभीर ने भी पेल दिया।🤣 pic.twitter.com/JbY43T2q5s
ऑथर के बारे में
सौरभ भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से रेडियो एंड टेलीविजन पत्रकारिता में उच्च शिक्षा प्राप्... रीड मोर